सिरोही, राजस्थान.

पिण्डवाड़ा क्षेत्र में कमलेश मेटाकास्ट की प्रस्तावित खनन परियोजना के विरोध में क्षेत्र वासियों कि बैठक सम्पन्न तीन माह से जारी है आंदोलन

सिरोही।
जिले की पिण्डवाड़ा तहसील क्षेत्र में मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को लेकर क्षेत्र में पिछले करीब तीन महीनों से लगातार विरोध जारी है। रविवार को इस विरोध को और मजबूती देने के उद्देश्य से भीमाना गांव स्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में कोर कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाटेरा, भीमाना, भारजा और रोहिड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों के प्रतिनिधि और कोर कमेटी सदस्य शामिल हुए।

भारतीय किसान संघ को समर्थन का ऐलान

बैठक में क्षेत्रवासियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए भारतीय किसान संघ को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र की जनता पिछले तीन महीनों से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक प्रस्तावित खनन परियोजना को निरस्त करने को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे जनता में गहरी निराशा और आक्रोश व्याप्त है।

चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान नहीं किया तो आगामी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस के नेताओं का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि नेताओं को गांवों में प्रवेश तक नहीं करने दिया जाएगा। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि किसान संघ के बैनर तले सिरोही में जल्द ही बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा सकता है, जिसमें क्षेत्र की जनता पूरे दमखम के साथ भाग लेगी।

सोमवार को तहसील स्तरीय बैठक और ज्ञापन

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि सोमवार को भारतीय किसान संघ द्वारा पिण्डवाड़ा तहसील स्तर पर एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके पश्चात किसान संघ की जिला स्तरीय बैठक आयोजित होगी, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति पर गहन मंथन किया जाएगा।

नेताओं से मोहभंग, जनता में आक्रोश

क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि अब तक भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं को ज्ञापन सौंपकर खनन परियोजना को निरस्त करने की मांग की गई, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने खुलकर जनता का साथ नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सभी नेता अपने-अपने हित साधने में लगे हुए हैं, जिससे आमजन में नेताओं के प्रति गहरा रोष पैदा हो गया है।

800.9935 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन पर आपत्ति

बताया गया कि कमलेश मेटाकास्ट द्वारा लगभग 800.9935 हेक्टेयर भूमि पर चूना पत्थर खनन की योजना प्रस्तावित है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह परियोजना किसान और आदिवासी हितों के खिलाफ है। इसी कारण भारतीय किसान संघ अब खुलकर क्षेत्र के साथ खड़ा हुआ है और आंदोलन को व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है।

‘आर-पार की लड़ाई’ के मूड में जनता

भीमाना में हुई बैठक में कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम निर्णय लिए गए। ग्रामीणों ने कहा कि अब आंदोलन आर-पार की लड़ाई की ओर बढ़ चुका है। क्षेत्र में पहले की तरह लगातार बैठकों का दौर जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। लोगों का कहना है कि सरकार की उदासीनता भविष्य में उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

प्रशासन और पुलिस पर दबाव के आरोप

ग्रामीणों ने सिरोही प्रशासन पर जनभावनाओं के विपरीत काम करने और सरकारी मशीनरी के माध्यम से आंदोलन की आवाज दबाने का आरोप लगाया। विशेष रूप से रोहिड़ा पुलिस की कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में आक्रोश है। बैठक में यह भी संकेत दिया गया कि आगामी दिनों में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर जमीनी हकीकत से अवगत कराया जा सकता है, ताकि लोकतांत्रिक आंदोलन पर कथित दबाव की जांच हो सके।

आंदोलन को मिलेगी और धार

बैठक के अंत में क्षेत्रवासियों ने एकजुटता के साथ संकल्प लिया कि जब तक प्रस्तावित खनन परियोजना निरस्त नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। किसान संघ और क्षेत्र की जनता मिलकर इस आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दी।

रिपोर्ट तुषार पुरोहित

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