
सिरोही, राजस्थान ।
कृष्णावती नदी में फिर चला अवैध खनन — मंत्री तक पहुंची शिकायत, पहले दिए गए आदेशों की खुलेआम अवहेलना
जावाल (सुनील सिंघानिया) : सिरोही ज़िले की कृष्णावती नदी में अवैध बजरी खनन का मामला एक बार फिर गरमा गया है। प्रशासन द्वारा पहले फॉलेंड और पोकलेन मशीनों पर लगाई गई रोक के बावजूद पिछले कुछ दिनों से नदी में खुलेआम खनन जारी है। इस बार मामला इतना बढ़ गया कि संघर्ष समिति को फिर से मंत्री के दरवाजे तक पहुंचना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को कृष्णावती संघर्ष समिति के सदस्य आर.पी. सिंह (ठिकाना जावाल) और नारायण लाल सुथार (जावाल) सहित अन्य ग्रामीण एडीएम से मुलाकात करने पहुंचे थे। बैठक में खनिज विभाग की टीम भी मौजूद थी। ग्रामीणों ने शिकायत की कि नदी में लगातार मशीनों से बजरी निकाली जा रही है, जबकि पहले ही मंत्री और प्रशासन के स्तर पर खनन पर रोक का लिखित समझौता हो चुका था। इस पर एडीएम और खनिज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि बुधवार तक खनन पूरी तरह रुकवा दिया जाएगा और आश्वासन देकर ग्रामीणों को वापस भेज दिया गया।
लेकिन, आर.पी. सिंह के अनुसार, “हम सोमवार को दोपहर करीब 2 बजे एडीएम ऑफिस से लौटे, और शाम 4 बजे तक नदी में फिर से पोकलेन मशीनें चला दी गईं।” उन्होंने बताया कि “रामगिरी जी महाराज के आश्रम के सामने कांटा इलाके में पोकलेन मशीन उतार दी गई और वहीं से फिर बजरी निकालना शुरू कर दिया गया।”
आर.पी. सिंह ने आगे कहा कि “खनिज विभाग के एक अधिकारी ने भूतगांव में फोन करके कहा था कि खनन बंद करवा दिया जाएगा, लेकिन उल्टा ठेकेदारों ने भारी पोकलेन और फॉलेंड मशीनें लगवा दीं।” उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला ठिकाना जावाल क्षेत्र का है, जहां खुलेआम नदी की खुदाई की जा रही है।
नारायण लाल सुथार (जावाल) और दिनेश सिंह (जामोतरा) — जिन्होंने इससे पहले कृष्णावती नदी को बचाने के लिए आमरण अनशन किया था — ने भी इस बार मंत्री तक अपनी बात रखी। गौरतलब है कि उस समय स्वयं राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने मौके पर पहुंचकर उनका अनशन तुड़वाया था और लिखित समझौते के तहत नदी में सभी मशीनें हटवाने का आदेश दिया था। मगर आज हालात फिर वही हैं — आदेशों के बावजूद नदी में वही मशीनें दोबारा काम कर रही हैं।
गुरुवार को कृष्णावती संघर्ष समिति के सदस्य — नारायण लाल सुथार, पुनीत अग्रवाल, मंसाराम माली, उत्तम सुथार, गोविंद भाटी, गोविंद राजगुरु, दिनेश पटेल, दिनेश माली, आर.पी. सिंह (ठिकाना जावाल) और दिनेश सिंह (जामोतरा) — ने राज्य मंत्री ओटाराम देवासी से मुलाकात की। उन्होंने मंत्री को बताया कि एडीएम और खनिज विभाग के वादे कागज़ों तक सीमित रह गए हैं और मौके पर पोकलेन व फॉलेंड मशीनें अब भी नदी में चल रही हैं।
राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने समिति के सदस्यों को आश्वासन दिया कि “मामला बेहद गंभीर है, मैं स्वयं इसकी जांच करवाऊंगा। बिना अनुमति के नदी में एक भी मशीन चलने नहीं दी जाएगी, और अगर कोई अधिकारी या ठेकेदार इसमें शामिल पाया गया तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
संघर्ष समिति ने मंत्री को अंतिम चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे में अवैध खनन नहीं रुका, तो ग्रामीण धरना, जाम और बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे।
ग्रामीणों ने कहा —
कृष्णावती नदी में जारी अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। कहा — अगर मशीनें नहीं रुकीं, तो कल से आमरण आंदोलन और चक्का जाम शुरू होगा। अब जनता चुप नहीं बैठेगी!
