जावाल/ सिरोही, राजस्थान ।

झाडोलीवीर में सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा, महिला को धमकाया — पंचायत की तारबंदी तोड़ी, पेड़ काटे और नया पक्का निर्माण शुरू
सीता देवी बोलीं — मैं अकेली हूं, मोतीलाल कहता है जहां कहना है कह दे, मैं यहीं बनाऊंगा — दो बार चला पीला पंजा, फिर भी जारी है कब्जा |
-रिपोर्टर सुनील सिंघानिया की ग्राउंड रिपोर्ट
जावाल | संवाददाता सुनील सिंघानिया
शिवगंज पंचायत समिति की ग्राम पंचायत झाडोलीवीर में सरकारी भूमि पर चल रहे अतिक्रमण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। गांव में आम रास्ते और कबूतर चबूतरे की सरकारी जमीन पर लगातार कब्जा कर रहे मोतीलाल पुत्र लुम्बाजी माली ने एक बार फिर प्रशासन और पंचायत के आदेशों की अनदेखी करते हुए जमीन पर नया निर्माण शुरू कर दिया है। यह वही जमीन है जिसे वर्ष 2021 में दो बार प्रशासन ने जेसीबी चलवाकर खाली करवाया था। लेकिन अब आरोपी ने एक कदम आगे बढ़कर न केवल पंचायत की तारबंदी तोड़ दी बल्कि पेड़ों को काटकर पक्का निर्माण शुरू कर दिया है।
मौके से जो वीडियो सामने आए हैं उनमें साफ दिखाई दे रहा है कि लाल ईंटों और सीमेंट से एक गोल आकार का नया ढांचा बनाया जा रहा है। यह निर्माण हाल ही में किया गया है जिससे यह साफ साबित होता है कि पंचायत द्वारा दिए गए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश की पूरी तरह से अवहेलना की जा रही है।
शिकायतकर्ता महिला अकेली, भूमाफिया ने दी खुली धमकी
इस पूरे प्रकरण में सबसे चिंताजनक बात यह है कि शिकायतकर्ता महिला सीता देवी रावल अकेली हैं। उनका परिवार प्रदेश में रहता है। सीता देवी ने बताया कि उन्हें लगातार धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मोतीलाल माली रोज मौके पर आता है और खुलेआम कहता है, “जिसको कहना है कह दे, मैं यहीं बनाऊंगा।” सीता देवी का कहना है कि वह डर के माहौल में रह रही हैं क्योंकि गांव में उनका कोई साथ देने वाला नहीं है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पत्रकार की रिपोर्टिंग में उजागर हुआ सच
पत्रकार सुनील सिंघानिया जब झाडोलीवीर में मौके पर पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर साफ हुआ कि मोतीलाल माली ने पंचायत के आदेशों की धज्जियां उड़ा दी हैं। मौके पर एक बड़ा पानी का गड्ढा खुदा हुआ था जिसमें पक्का निर्माण कर दिया गया था। पास में एक नीली पानी की टंकी रखी गई थी और चारों ओर नई ईंटें और निर्माण सामग्री पड़ी थी। जिस पेड़ को पंचायत ने चिन्हित कर तारबंदी की थी उसे काट दिया गया और तारबंदी को तोड़कर वहां निजी उपयोग के लिए जगह बना ली गई। यह सबकुछ दिखाता है कि मोतीलाल माली अब खुलेआम सरकारी जमीन को अपनी निजी संपत्ति में बदलने की कोशिश कर रहा है।
2021 से चल रहा विवाद
यह मामला नया नहीं है। वर्ष 2021 में झाडोलीवीर निवासी विष्णु कुमार रावल ने पंचायत समिति शिवगंज में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पट्टे के पश्चिम में स्थित आम रास्ते पर मोतीलाल माली ने कब्जा कर लिया है जिससे उनका आवागमन बंद हो गया है। इस शिकायत पर पंचायत समिति ने 29 जनवरी 2021 को जांच कमेटी गठित की थी। जांच में पाया गया कि मोतीलाल माली ने अपने पट्टे से बाहर करीब 35 बाई 75 फीट सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है जो आम रास्ता और कबूतर चबूतरे की भूमि है।
पंचायत ने जारी किए नोटिस और दो बार चलाया पीला पंजा
ग्राम पंचायत झाडोलीवीर की सरपंच मोवन देवी चौधरी ने मोतीलाल माली को 4 जनवरी 2021 और 2 फरवरी 2021 को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन जब कोई असर नहीं हुआ तो 16 फरवरी 2021 को तहसीलदार और पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया। उसी शाम जब सरपंच और उपसरपंच सूचना बोर्ड लगाने पहुंचे तो मोतीलाल माली अपनी पत्नी और बेटे के साथ मौके पर पहुंच गया और पंचायत कर्मियों से गाली गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस पर सरपंच ने बरलुट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और इसे राजकार्य में बाधा माना गया था।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। 18 फरवरी को मोतीलाल माली ने फिर से उसी जमीन पर कांटों की बाड़ लगाकर कब्जा कर लिया और कुछ घरेलू सामान रख दिया। पंचायत ने पुलिस अधीक्षक सिरोही से अतिरिक्त जाब्ता मांगा और 20 फरवरी 2021 को दोबारा जेसीबी चलवाकर अतिक्रमण हटाया गया। मौके पर पंचायत का सूचना बोर्ड लगाया गया और तारबंदी की गई ताकि दोबारा कब्जा न हो सके।
अदालत में भी दायर किया मुकदमा
पंचायत की कार्रवाई से पहले ही 28 जनवरी 2021 को मोतीलाल माली ने वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश शिवगंज के समक्ष एक दीवानी वाद दायर किया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि वह इस भूमि पर पिछले चालीस वर्षों से काबिज हैं और पंचायत अधिकारी तथा शिकायतकर्ता साठगांठ करके उन्हें परेशान कर रहे हैं। इस मामले में पंचायत ने 21 मई 2021 को मोतीलाल को नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया था कि जब तक न्यायालय का निर्णय नहीं हो जाता तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब फिर से बना अवैध ढांचा, प्रशासन की साख पर सवाल
इन सब कानूनी नोटिसों और कार्रवाइयों के बावजूद अब झाडोलीवीर में वही कहानी फिर दोहराई जा रही है। नए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लाल ईंटों से बने गोलाकार ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। पेड़ काटे जा चुके हैं और पानी की टंकी रखकर जगह को निजी उपयोग में लिया गया है। यह सब प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना है। सवाल उठ रहा है कि जब अदालत में मामला लंबित है और पंचायत ने यथास्थिति का आदेश दिया है तो फिर जमीन पर निर्माण कार्य कैसे हो रहा है और यह सब किसकी शह पर किया जा रहा है।
ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
गांव में इस पूरे प्रकरण को लेकर जबरदस्त आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि मोतीलाल माली बार बार सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहा है और कानून की परवाह नहीं करता। गांव के कई लोगों ने कहा कि पंचायत के आदेश और प्रशासन की कार्रवाई केवल कागजों में रह गई है जबकि मौके पर स्थिति बिल्कुल अलग है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए मोतीलाल माली पर राजकार्य में बाधा सरकारी भूमि पर कब्जा करने और महिला को धमकाने के आरोपों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही अवैध निर्माण को पूरी तरह तोड़कर भूमि को स्थायी रूप से मुक्त करवाया जाए।
महिला को सुरक्षा देने की मांग
सीता देवी रावल ने प्रशासन से लिखित शिकायत कर सुरक्षा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह अकेली हैं और मोतीलाल माली लगातार धमकी दे रहा है कि चाहे जो कर लो मैं यहीं बनाऊंगा। उन्होंने कहा कि जब भी पंचायत का कोई कर्मचारी या स्थानीय व्यक्ति कुछ कहने जाता है तो आरोपी उन्हें डराता और धौंस दिखाता है।
प्रशासन की कार्यवाही अब परीक्षा पर
ग्राम पंचायत झाडोलीवीर ने स्पष्ट कर दिया है कि यह भूमि सार्वजनिक उपयोग की है और इस पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। सरपंच मोवन देवी चौधरी ने कहा कि अगर आरोपी ने अब भी निर्माण जारी रखा तो पंचायत जिला प्रशासन और पुलिस से संयुक्त कार्रवाई की मांग करेगी।
गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ एक विवाद नहीं बल्कि प्रशासनिक साख का प्रश्न बन गया है। यदि बार बार अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह आने वाले समय में अन्य लोगों के लिए गलत उदाहरण बनेगा और सरकारी भूमि पर कब्जा करने का चलन बढ़ेगा।
गांव में चर्चा है कि मोतीलाल माली किसी स्थानीय प्रभावशाली लोगों की शह पर यह सब कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि पहले भी उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी परंतु कार्रवाई अधूरी रह गई। यही कारण है कि अब वह और ज्यादा हिम्मत के साथ निर्माण कर रहा है।
अब सवाल प्रशासन से
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पंचायत ने दो बार पीला पंजा चला दिया नोटिस जारी कर दिए कोर्ट में मामला लंबित है और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश स्पष्ट है तो फिर झाडोलीवीर की सरकारी जमीन पर दोबारा निर्माण किसके आदेश से हो रहा है। क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या प्रभावशाली लोगों का दबाव।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा तो यह मामला केवल एक जमीन का नहीं रहेगा बल्कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर देगा। झाडोलीवीर जैसे छोटे गांव में अगर सरकारी रास्ते और चबूतरे की जमीनें सुरक्षित नहीं हैं तो बाकी जगहों की स्थिति क्या होगी यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
झाडोलीवीर की यह कहानी केवल एक अतिक्रमण की नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की परीक्षा है। सीता देवी जैसी अकेली महिला अगर न्याय के लिए दर दर भटक रही है और भूमाफिया खुलेआम कह रहा है “जहां कहना है कह दे, मैं यहीं बनाऊंगा” तो यह न केवल कानून के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मनाक स्थिति है। ग्रामीणों की उम्मीद अब जिला प्रशासन से है कि वह सख्त कार्रवाई कर इस भूमाफिया पर अंकुश लगाए और सरकारी भूमि को स्थायी रूप से मुक्त कराए।
