V24 NEWS CHANNEL /सिरोही, राजस्थान।
नादिया/सरुपगंज ।
सही पोषण , गांव रोशन ,
सरूपगज : द हंगर प्रोजेक्ट के तत्वाधान में पोषण एवं स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम के तहत नादिया ग्राम पंचायत में वार्डपंच कैलाश कुंवर की अध्यक्षता में किशोरी बालिका बैठक का आयोजन किया गया। कैलाश बंजारा ने बालिका बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए पूर्व की बैठक का पुनरावलोकन करते हुए किशोरी बालिकाओं की ओर से निकल कर आए मुद्दे को लेकर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी रणनीति को तय किया गया। स्वास्थ्य एवं पोषण पर प्रकाश डालते हुए बैठक के दौरान किशोरी बालिकाओं के सपना एवं सपने को किस प्रकार से पूरा किया जा सकता है उसको लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। बैठक में हरैक किशोरियों ने अपने सपनों को बताने का प्रयास किया। बेटी हूं मैं बेटी तारा बनूंगी गीत के माध्यम से किशोरियों ने अपने सपना का लक्ष्य निर्धारित करते हुए बताया गया कि हम आने वाले समय में अपने सपनों को पूरा करने का पूरा प्रयास करेंगे जिससे कि हमारे गांव एवं हमारे परिवार का नाम रोशन हो सके। बैठक के दौरान बताया गया कि पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण भी हमारे सपने अधूरे रह जाते हैं। किशोरी बालिकाओं ने तय किया कि हम हमारे आसपास के अवसर को ढूंढने का प्रयास करेंगे जिससे कि हमारे सपने पूरे हो सके। सपने को पूरे करने में जिन समस्याओं का सामना हमें करना पड़ रहा है उन समस्याओं का हम सामना कर सके। बैठक में कई किशोरियों ने बताया कि हमारा प्रयास रहेगा कि हमारे गांव में हर एक बालिकाएं शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ेगी एवं आने वाले समय में एक अनोखी पहल स्थापित करने का प्रयास करेगी।किशोरियों के सपने साकार नहीं हो पाने के कई कारण हो सकते हैं:.
सीमित संसाधन: आर्थिक या सामाजिक सीमाओं के कारण, किशोरियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी हो सकती है।
– आत्मविश्वास की कमी: किशोरियों में अक्सर आत्मविश्वास की कमी होती है, जो उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रयास करने से रोकती है।
_ नकारात्मक दबाव: परिवार, समाज, या नकारात्मक दबाव किशोरियों को अपने सपनों को पूरा करने से रोक सकता है।_ शिक्षा और जानकारी की कमी: किशोरियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक शिक्षा और जानकारी की कमी हो सकती है।
_ समय और ऊर्जा की कमी: किशोरियों के पास अक्सर अपने सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक समय और ऊर्जा की कमी होती है।
_ भय और असुरक्षा: किशोरियों में अक्सर अपने सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक जोखिम लेने का भय और असुरक्षा होती है।
_ सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाएं: किशोरियों को अपने सपनों को पूरा करने में सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाएं आ सकती हैं, जैसे कि लिंग आधारित भूमिकाएं या अपेक्षाएं।इन कारणों को समझने और दूर करने से किशोरियों को अपने सपनों को साकार करने में मदद मिल सकती है।

