कल होगी सर्व समाज की महापंचायत और बड़ी बैठक

सिरोही / राजस्थान ( तुषार पुरोहित) ।
पिण्डवाड़ क्षेत्र में कमलेश मेटाकास्ट कि प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना के विरोध में सर्व समाज एकजुट
कल होगी सर्व समाज की महापंचायत और बड़ी बैठक
सिरोही।
पिण्डवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड की खनन परियोजना के विरोध में जनआक्रोश लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को देवासी समाज धर्मशाला स्वरूपगंज में देवासी समाज और सर्व समाज की एक बड़ी महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें 36 कौम के लोग एक जाजम पर बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे। इस बैठक में जिले से कई लोगो आएंगे और खनन परियोजना के विरोध में आवाज मुखर करेंगे। इसमें लाल सिंह रायका का बजरंग चौराहे पर देवासी समाज द्वारा भव्य स्वागत किया जायेगा उसके बाद उनका काफिला मुख्य बाजार होता हुआ धर्मशाला में पहुंचेगा।
800.9935 हेक्टेयर पर खनन परियोजना के खिलाफ आंदोलन तेज
प्रस्तावित खनन परियोजना को निरस्त कराने की मांग को लेकर जिलेभर में विरोध के स्वर मुखर हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 800 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित यह परियोजना जल, जमीन और जंगल, कृषि, पशुपालन, जल स्रोतों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
चार ग्राम पंचायत के 12 गांवो गांवो में पहले से जारी है विरोध
वाटेरा, भीमाना, भारजा, रोहिड़ा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण लंबे समय से इस खनन परियोजना के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। अब सर्व समाज और बड़े सामाजिक संगठनों और समाज के संगठित होने से आंदोलन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रमुख समाजसेवी और संगठन होंगे शामिल
महापंचायत में राष्ट्रीय पशुपालन संघ के अध्यक्ष लाल सिंह रायका, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता झालाराम देवासी, भरत साधना, भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी सहित जिले के कई समाजसेवी, किसान नेता और क्षेत्र वासी शामिल होंगे।
खनन से कृषि, पशुपालन और जल स्रोतों पर खतरा
आयोजकों और ग्रामीणों का कहना है कि खनन से हजारों बीघा उपजाऊ भूमि प्रभावित होगी, पशुपालन पर निर्भर परिवारों की आजीविका संकट में पड़ेगी और क्षेत्र के जल स्रोत सूखने की आशंका बढ़ जाएगी।
सरकार को अल्टीमेटम, बड़े आंदोलन की चेतावनी
महापंचायत में यह निर्णय लिया जाएगा कि यदि सरकार ने समय रहते खनन परियोजना को निरस्त नहीं किया, तो जिले में ऐतिहासिक और निर्णायक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन को शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी तरीके से चलाने की रणनीति पर मंथन होगा।
युद्ध स्तर पर तैयारियां, गांव-गांव जनसंपर्क
महापंचायत को लेकर देवासी समाज धर्मशाला सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है और अधिक से अधिक लोगों से महापंचायत में शामिल होने की अपील की गई है।
जिला स्तरीय आंदोलन की ओर बढ़ता मुद्दा
अब यह खनन परियोजना केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि पूरे सिरोही जिले के सर्व समाज का साझा आंदोलन बनती जा रही है। गुरुवार को होने वाली महापंचायत के फैसलों पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।
