सिरोही, राजस्थान ।

बरलूट में बढ़ती चोरी की वारदातों पर उग्र धरना, 1000 से अधिक महिलाओं का प्रदर्शन; गवर्नर से लेकर एसपी तक ग्रामीणों की सीधी बात

सुनील सिंघानिया| बरलूट थाना क्षेत्र और आसपास के गांवों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को लेकर गुरुवार को मनोरा सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीण बरलूट थाने के सामने धरने पर बैठ गए। धरने में करीब 1000 महिलाएं भी शामिल हुईं और “पुलिस प्रशासन हाय-हाय” तथा “पुलिस मुर्दाबाद” के नारे लगाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नून गांव, पाड़ीव, देलदर, नवारा, पांडव आदि स्थानों पर हाल में चोरी हुई है, महादेव जी की आंख तक निकाल ली गई, मंदिरों की मूर्तियों के मुकुट–छत्र चोरी हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पाई है।

धरना स्थल पर उपखंड अधिकारी (SDM) हरि सिंह देवल और पुलिस उप अधीक्षक (DSP) मुकेश चौधरी पहुंचे। SDM ने माना कि चोरी की घटनाओं में कहीं न कहीं प्रशासन से कमी रही है और कहा कि ग्रामीणों को समय दें, पुलिस जांच कर रही है। DSP ने बताया कि टीम गठित कर दी गई है, एस्ट्रो गाड़ी तैनात है और पांच–पांच ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर अब तक की कार्रवाई बताई जाएगी।

धरने में उपस्थित पूर्व विधायक एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री संयम लोढ़ा ने कहा कि जगह–जगह चोरी हो रही है, पुलिस गश्त नहीं करती। उन्होंने नवारा में 20 लाख की लूट का भी उल्लेख किया जो अभी तक उजागर नहीं हुई और सवाल किया कि चोर आज़ाद कैसे घूम रहे हैं। जीतू सिंह ने कहा कि पाडीव में 18 से अधिक चोरियां हो चुकी हैं, हाल में दो हुईं लेकिन खुलासा नहीं हुआ। मुकेश पुरोहित ने साफ कहा कि जब तक चोरी का खुलासा नहीं होगा, वे अनशन नहीं तोड़ेंगे। परवीन पुरोहित ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन एक–दो दिन का नहीं है, यदि पुलिस ने जवाब नहीं दिया तो आंदोलन उग्र होगा। अनशन पर बैठे दीपा राम पुरोहित ने कहा कि जब तक पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान खुद आकर बातचीत नहीं करेंगे, वे अनशन नहीं तोड़ेंगे।

इसी बीच गांव के ग्रामीण संयम लोढ़ा के साथ माउंट आबू गए और राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सात दिन के भीतर चोरी की घटनाओं का खुलासा कर दिया जाएगा और इस बारे में उन्होंने निवेदन भेजने की बात कही। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान ने भी धरना स्थल पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि “आप मुझे सात दिन का समय दें, न केवल यह चोरी बल्कि इससे पहले हुई सभी चोरियों का भी खुलासा कर दूँगा। यदि सात दिन में खुलासा न हो पाया तो आप जो उचित समझें, कर सकते हैं।” ग्रामीणों ने बरलूट थाना अधिकारी को हटाने की मांग भी रखी, जिस पर एसपी ने कहा कि “अभी लिस्ट आएगी, तब देखा जाएगा; फिलहाल आप मुझे सात दिन का समय दें, मैं गारंटी देता हूं, चोरी खोलकर दूंगा।”

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने धरने के दौरान राज्यपाल को फोन कर इस मामले पर तत्काल बैठक की मांग भी की। इससे पहले बुधवार को भी पूरे बरलूट में ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। बढ़ती चोरी और पुलिस की निष्क्रियता से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है और उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक चोरियां नहीं खुलतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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