
सिरोही, राजस्थान ।
अहमदाबाद में बिल्डर की हत्या के तार सिरोही ,जावाल से कैसे जुड़े? पुलिस ने खोला करोड़ों की रंजिश का राज, ,जावाल निवासी समेत 3 गिरफ्तार।

(रिपोर्ट सुनील सिंघानिया, जावाल) /
अहमदाबाद: पूर्व बिजनेस पार्टनर ने ₹50,000 की सुपारी देकर करवाई बिल्डर की हत्या; राजस्थान से 3 आरोपी गिरफ्तार
- अहमदाबाद के पूर्वी इलाके में एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें एक पाटीदार बिल्डर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने खुलासा किया है कि हत्या की यह वारदात पुरानी व्यावसायिक रंजिश के चलते अंजाम दी गई थी। बिल्डर के पूर्व बिजनेस पार्टनर ने ही महज ₹50,000 की सुपारी देकर हत्या करवाई थी। मामले में पुलिस ने राजस्थान के सिरोही से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
निकोल के बेसमेंट में हत्या, विराटनगर में मिली लाश
13 सितंबर की देर रात विराटनगर ब्रिज के नीचे ठक्करनगर स्थित कैलाशधाम के पास एक मर्सिडीज कार से पाटीदार समाज के अग्रगण्य नेता और बिल्डर हिम्मतभाई रुदाणी का शव बरामद हुआ। उनकी धारदार हथियार से हत्या की गई थी।
जांच में पता चला कि हिम्मतभाई की हत्या निकोल के सरदारधाम के बेसमेंट में की गई थी। हत्या के बाद आरोपी शव को कार की डिक्की में डालकर विराटनगर ओवरब्रिज के नीचे पार्किंग में कार छोड़कर फरार हो गए थे।
परिवार की खोजबीन के बाद हुआ खुलासा
हिम्मतभाई के बेटे धवल के अनुसार, 13 सितंबर को दोपहर 3 बजे जब उन्होंने अपने पिता को फोन किया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। शाम 7:30 बजे तक भी संपर्क न होने पर परिवार ने खोजबीन शुरू की। रात करीब 9 बजे उन्हें विराटनगर चार रास्ता के पास हिम्मतभाई की मर्सिडीज कार मिली। कार में खून से सना रूमाल मिलने पर उन्हें शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने जब कार की डिक्की खोली तो अंदर हिम्मतभाई का शव पड़ा मिला।
100 CCTV फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस से पकड़े गए आरोपी
ओढव पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखा कि आरोपी कार को ब्रिज के नीचे छोड़कर एक बाइक पर बैठकर फरार हुए थे। पुलिस ने बाइक के मालिक को ढूंढा, जिसने बताया कि उसने बाइक अपने दोस्त राहुल उर्फ हिमांशु राठौड़ को दी थी।
टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी अमीरगढ़ बॉर्डर पार करके राजस्थान में दाखिल हो गए हैं। सूचना मिलते ही एक टीम रवाना की गई और बनासकांठा एसपी को भी सूचित किया गया। स्थानीय पुलिस की मदद से तीनों आरोपियों को सिरोही के पास से धर दबोचा गया।
जावाल के निकले हत्या के आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल हरीशभाई राठौड़ (निवासी- जावाल, सिरोही), पप्पू मगनजी मेघवाल (निवासी- जावाल, सिरोही) और एक अन्य साथी सगीर के रूप में हुई है।
हत्या का कारण: करोड़ों का विवाद और पुरानी रंजिश
पूछताछ में आरोपी राहुल ने कबूल किया कि हिम्मतभाई की हत्या की सुपारी उनके पूर्व बिजनेस पार्टनर मनसुखभाई लाखाणी ने दी थी।
विवाद की जड़:
2020 का मामला: हिम्मतभाई के बेटे धवल और मनसुख के बीच निकोल में 3 करोड़ रुपये की जमीन को लेकर 50% की पार्टनरशिप थी। इसी दौरान दोनों के बीच मारपीट हुई थी, जिसकी शिकायत भी दर्ज की गई थी।
2024 की CID शिकायत: धवल रुदाणी ने मनसुख के बेटे किंजल लाखाणी के खिलाफ CID क्राइम में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि किंजल ने हिम्मतभाई के लेटरहेड का दुरुपयोग कर बैंक से 1.5 करोड़ रुपये निकाल लिए और कई दुकानें अवैध रूप से बेच दीं।
इसी रंजिश के चलते मनसुख लाखाणी ने हिम्मतभाई को रास्ते से हटाने का फैसला किया और अपने पूर्व गार्ड राहुल राठौड़ को ₹50,000 की सुपारी देकर यह हत्या करवा दी।