
चौथमल सूर्याल)
हजारों बहनों को ओढ़ाई चुनरी
समुद्र हिलोला में पहुंचे हजारो लोग
सिरोही। देलदर एम में समुद्र हिलोला के कार्यक्रम में सरोवर घाट पर छः हजार की संख्या में लोगों ने भाग लिया। वर्षों बाद गांव में एक एक घर खुला और सभी सदस्य एक साथ दिखे । ये राजस्थान के प्रसिद्ध त्यौहार में से एक हैं जो करीबन 25 30 वर्षों के बाद आता हैं सर्व समाज ने भाई बहन के त्योहार में बढ़ चढ़ कर भाग लिया और बहन के वास्ते हजारों किलोमीटर दूर से भाई आए। ये त्यौहार भाई बहन के प्रेम को प्रगट करता है। पूरे गांव में एक अलग उत्साह और जोश था। इतिहास में पहली बार घर घर, गली गली हैं चौराह तालाब पर रौनक थी।
“जन सैलाब उमड़ पड़ा “
तालाब पूजन पर भाई ने बहन को चुनरी ओढ़ाई।मान्यता है कि जब जब भी गांव में ठाकुरों के घर नई बिन्दणी आती हैं तब शुभ मुहूर्त में सरोवर या तालाब से माटी पाल पर 360 फेरा डाल कर रस्म चालू की जाती हैं और तालाब पूजन कर भाई बहन को चुनरी ओढ़ा कर माटी के मटके से तालाब पूजन रस्म पूरी करते हैं।
