माउंटआबू /सिरोही ,राजस्थान ।

(किशनलाल) ,

*डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की*

महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस कार्यक्रम सांसद लुम्बाराम चौधरी के आतिथ्य एव सयोंजक प्रदीप अग्रवाल सह संयोजक कमलेश सोनी द्वारा आयोजित किया गया जहाँ भाजपा मंडल पदाधिकारियो कार्यकर्ताओ ने श्रद्धांजलि अर्पित की इस मौके पर सांसद लुम्बाराम चौधरी ने कहा डॉ. मुखर्जी को भारत की एकता का प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि उनके बलिदान को मोदी सरकार ने धारा 370 को हटाकर सच्ची श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का चिंतन सिर्फ कश्मीर तक सीमित नहीं था, बल्कि शिक्षा, भाषा, लघु उद्योग और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर भी उनका दृष्टिकोण अद्वितीय था। मंडल अध्यक्ष अक्षय चौहान ने डॉ. मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रभक्ति की अमिट गाथा है। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की दिशा में बढ़ते भारत को उनके विचार निरंतर प्रेरणा देते हैं।बलिदान दिवस पर आयोजित इन श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रहित में समर्पित जीवन, उनके द्वारा शुरू किए गए विचार आंदोलन और आज के भारत में उनके विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। भाजपा अल्पसंख्य मोर्चा जिला अध्यक्ष महोम्मद शाबिर कुरैशी ने कहा, डॉ. मुखर्जी ने निडर होकर पंडित नेहरू की नीतियों का विरोध किया और वैकल्पिक राजनीति की नींव रखी। उनका यह विचार आज भी भाजपा की प्रेरणा है। धारा 370 को हटाकर और राम मंदिर का पुनर्निर्माण कर प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सपनों को साकार किया है। भाजपा प्रवक्ता सुनील आचार्य ने अपने संबोधन में श्यामा प्रसाद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का पुरोधा” बताते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने जनसंघ की स्थापना कर वैकल्पिक राजनीतिक विचारधारा प्रस्तुत की, जो आज भाजपा के रूप में देश की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इस मौके पर भाजपा जिला पदाधिकारी,मण्डल पदाधिकारी एव कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

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