सिरोही, राजस्थान।
पंचायत राज चुनाव में दो से अधिक संतान की बाध्यता को समाप्त करने को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष सुगना देवी मेघवाल व अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष कानाराम मेघवाल ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय राजस्थान सरकार के नाम जिला कलेक्टर महोदय सिरोही को ज्ञापन देकर पंचायत राज चुनाव में दो से अधिक संतान की बाध्यता खत्म करने की मांग की बुनकर ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार पंच सरपंच पद पर चुनाव लड़ने के लिए पंचायत राज अधिनियम 1994 की धारा 19 ठ के प्रावधान अनुसार दो से अधिक संतान वाला व्यक्ति महिला पुरुष चुनाव लड़ने के लिए पात्र नहीं है जबकि विधानसभा लोकसभा चुनाव में विधायक सांसद उम्मीदवार के लिए दो से अधिक संतान वाला व्यक्ति पात्र है जो एमएलए एमपी के चुनाव लड़ सकता है यानी कि ग्राम पंचायत चुनाव में दो से अधिक संतानों के व्यक्ति के चुनाव लड़ने की पात्रता नहीं रखना संविधान की आर्टिकल 14 व 24 के अनुसार सीधा साधा समानता के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है लोकसभा व विधानसभा के चुनाव में दो से अधिक संतान का व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है जबकि पंचायत राज में बहुत से अधिक संतान वाले व्यक्ति पर नियम लागू होने से व्यक्ति अपने संविधान से प्रदत्त मूल अधिकार से वंचित रहता है इस अवसर पर अंबेडकर शिक्षक संघ के पूर्व जिला अध्यक्षआसुराम लूनिया मफत लाल भील अक्षय कुमार मेघवाल ऊका राम कलबी भेमाराम बुनकर समेत सैकड़ो ग्रामीणों ने अपने हस्ताक्षर कर पंचायत राज चुनाव में दो से अधिक संतान के चुनाव लड़ने की बाध्यता को खत्म करने की मांग की

