V24 NEWS CHANNEL (माउंट आबू, किशनलाल ) ।

सिरोही, राजस्थान ।

निरंतर मेडिटेशन करने से बढ़ती है मन की एकाग्रता – फोगाट

ज्ञान सरोवर में खेल सेवा प्रभाग का राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन सत्र

माउंट आबू, 08 सितम्बर।

इंटरनेशनल रेसलिंग कोच, द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फोगाट ने कहा कि शुद्ध विचार आत्मा की खुराक है। दूरदृष्टि, कड़ी मेहनत, इरादा पक्का हो तो सफलता सुनिश्चित है। निरंतर मेडिटेशन करने से मन की एकाग्रता व निर्णय शक्ति में इजाफा होता है। खिलाडिय़ों को किसी भी परिस्थिति में विचलित नहीं होनी चाहिए। अनुशासित दिनचर्या के साथ मानसिक व शारीरिक शक्ति का संतुलन बना रहता है। यह बात उन्होंने रविवार को ब्रह्माकुमारी संगठन के खेल सेवा प्रभाग की ओर से ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में कही।संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके शशिप्रभा ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में जहां शारीरिक बलिष्ठता अनिवार्य है वहीं मानसिक एकाग्रता को कायम रखने के लिए मेडिटेशन संजीवनी बूटी की तरह कार्य करने के साथ कुछ कर गुजरने के लिए मन को ऊर्जावान बनाए रखने में सार्थक सिद्व होता है।शिक्षा व खेल प्रभाग दिल्ली एनसीटी सचिव अशोक कुमार ने दिल्ली के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को कराए मेडिटेशन के अनुभव सांझा करते हुए कहा कि बच्चों को विद्यालय में प्राथमिक स्तर से ही मेडिटेशन कराने से उनमें अदुभुत क्षमता विकसित हुई है।

इंडियन आर्मी स्पोर्टस सॉइकलोजिस्ट कर्नल ए. एन. झा. ने कहा कि खेल जगत की गरिमा बनाए रखने, देश के सम्मान, खेल की पवित्रता व प्रतियोगिताओं की गुणवता सुधार कर सफलता के लिए खिलाडिय़ों को समर्पण भाव से दृढ़ संकल्पित होना चाहिए। सफलता का कोई शॉटकट रास्ता नहीं है। लक्ष्य अर्जित करने के लिए निरंतर अभ्यास के जरिए पसीना बहाने की जरूरत होती है।ओलंपियन अर्जुन अवार्डी अंतर्राष्ट्रीय पहलवान बीके नरेश कुमार ने कहा कि शिव का ध्यान करने से मन के दरवाजे खुलने पर अदम्य शक्तियों का भंडार महसूस होता है। मेडिटेशन करने से जीवन की विभिन्न प्रतिकूल चुनौतियों को पार करने की क्षमता विकसित होती है।हैदराबाद से आई राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी कोच श्रीमती डॉ. उमाराव ने कहा कि आध्यात्मिकता से शांतचित्त अवस्था की अनुभूति होती है। मेडिटेशन का लंबे समय तक अभ्यास करने से सर्वशक्तिमान परमात्मा के साथ का निरंतर अनुभव होता है। प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बीके मेहरचंद ने कहा कि खेलों में अपनी गरिमा बनाए रखने के लिए खिलाडिय़ों का आपसी सामजस्य सदभावपूर्ण होना चाहिए। खेलों में लंबे समय तक अपने अच्छे प्रदर्शन को बनाए रखने में खिलाडिय़ों में देशप्रेम, स्वाभिमान, सत्यता, साहस व निर्भयता जैसे मूल्यों का स्वयं में समावेश करने के लिए राजयोग का अभ्यास करना चाहिए।प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. जगबीर सिंह ने कहा कि खिलाडिय़ों को चुनौती भरी परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने व सही निर्णय लेने की कला में निखार लाने के लिए निश्चित तौर पर सहज राजयोग का प्रशिक्षण लेना चाहिए। प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक राजयोगी रोहताश ने खेलों में कुछ कर गुजरने का जज्बा बनाए रखने को मनोबल को बढ़ाने पर बल दिया। खिलाडिय़ों को सकारात्मक चिंतन करने पर जोर देते हुए आपसी सामजस्य को मजबूत करने के लिए टीम भावना को समझने के गुर बताए। प्रभाग की अधिशासी सदस्या बीके बासंता बहन ने मंच का संचालन किया।

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