V24 NEWS CHANNEL (किशनलाल) ,

माउन्ट आबू, सिरोही राजस्थान।

दादी प्रकाशमणि की पुण्यतिथि पर आयोजित मैराथन रही रोमांचकारी

मैराथन से माउंट आबू का नाम दुनिया में हुआ रोशन-देवासी

माउंट आबू, 18 अगस्त।

ब्रह्माकुमारी संगठन की पूर्व मुख्य प्रशासिका दिवंगत राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में रविवार को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हाफ मैराथन दौड़ में भारतीयों ने मारी बाजी। विदेशी धावक पिछडे। माउंट आबू समेत राजस्थान का रहा दबदबा। संगठन के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय पाण्डव भवन स्थित ओम शांति भवन सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक, विधान सभा पूर्व मुख्य उप सचेतक रनद देवासी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संगठन की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाश मणी की स्मृति में आयोजन होने वाली हाफ मैराथन अपने आप में सराहनीय ही नहीं अनुकरणीय कार्यक्रम है। इससे ना केवल खेल जगत बल्कि पूरी दुनिया में माउंट आबू के प्रति एक सकारात्मक संदेश जाता है। जिससे माउंट आबू की नाम दुनिया भर में रोशन होता है। ब्रह्माकुमारी संगठन माउंट आबू की शोभा है। संगठन ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को एकजुट करने में अनुकरणीय सहयोग दिया है। मैराथन दौड़ की सफलता के लिए हर व्यक्ति का अहम योगदान रहा है।ब्रह्माकुमारी संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी शशी दीदी ने कहा कि राजयोग का अभ्यास, सकारात्मक सोच व रचनात्मक कार्यों से तन, मन तंदुरुस्त रहता है। सामाजिक समरसता को बढ़ाने के लिए खेलों को अधिक से अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। जिस प्रकार खेल में रूचि रखकर एकता की भावना बढ़ती है उसी प्रकार से सामाजिक व पारिवारिक संबंधों में भी आपसी समन्वय बनाए रखना चाहिए।एशियन मैराथन चैम्पियन, 25 गोल्ड समेत 2 सौ से अधिक मैडल विजेता डॉ. सुनीता गोदारा ने कहा कि आशावादी प्रवृति वाले लोग हार को हार न समझ आगे बढऩे में आत्मविश्वास बनाए रखते हैं। प्रतिस्पर्धाओं के जरिए आंतरिक प्रतिभाओं में निखार आता है।सीआरपीएफ आंतरिक सुरक्षा अकादमी पुलिस उपमहानिरीक्षक सुधांशु सिंह ने कहा कि रोजमर्रा की जिन्दगी में अन्य कार्यों के साथ साथ खेलों को भी अहम स्थान देने से जीवन ऊर्जावान बना रहता है। ब्रह्माकुमारीज संगठन के कार्यकारी सचिव डॉ. बीके मृत्युंजय ने कहा कि खेल को हमेसा खेल के भावना से खेला जाना चाहिए। जिन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया वे बधाई के पात्र है। जो किसी कारणवश पीछे रह गए उन्हें आने वाले समय के लिए इस अनुभव से कमर कस लेनी चाहिए।अर्जुन अर्वाड दूती चंद्र ने कहा कि राजयोग ध्यान साधना से उन्हें एक सफल खिलाड़ी बनाया है। खेल जगत में मेहनत के साथ आर्शीवाद का अहम स्थान है। इसलिए खिलाड़ियों को हमेसा ईश्वरीय अनुकंपा को आत्म साथ करके आगे बढना चाहिए।इस अवसर पर ग्लोबल अस्पताल निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा, समाज सेवा प्रभाग राष्ट्रीय संयोजक बीके अवतार, बीके भानु, बीके जितेंद्र, बीके सिविका आदि ने भी विचार व्यक्त किए।धावकों का किया स्वागतमैराथन के सहभागी धावकों का जगह जगह स्वागत कियागया। जिस के तहत आरना हनुमान मंदिर पर राजपूत समाज, जंगल कार्नर पर देवी सिंह देवल, वाहन कर नाका पर नगर पालिका, ज्ञान सरोवर बाईपास पर भारत विकास परिषद, होटल हिलौक पर समाजसेवी श्रीमती गीता अग्रवाल गु्रप, शक्ति माता मंदिर पर अर्बुद ब्राह्मण समाज, रोटरी सर्किल पर बर्मा टेक्सी युनियन, अंबेडकर सर्किल पर लायन्स क्लब, नक्की चौक पर भाजपा, व्यापार संघ, लेक इन पर इनर व्हील क्लब, भारत माता नमन स्थल पर पतंजलि, दादी प्रकाश मणी चौक पर वृक्ष वीर आबू, ओम शांति भवन पर ब्रह्माकुमारीज संगठन की ओर से स्टॉल लगाकर स्वागत किया गया।ये रहे मैराथन दौड़ के विजेता18 से 45 वर्ष आयु के पुरुष वर्ग में कल्पेश देवासी एक घंटा 24 मिनट 2 सेकंड, वरूण कुमार एक घंटा 27 मिनट 56 सेकंड, रोहित कुमार एक घंटा 28 मिनट 26 सेकंड ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिलाओं में अर्पिता एस दो घंटा 1 मिनट 19 सेकंड, भूमि नेगी दो घंटा 5 मिनट 46 सेकंड, अर्पिता केतन पांडे दो घंटा 10 मिनट 11 सेकंड क्रमश: पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहीं। 46 से 65 वर्ष आयु वर्ग में पुरुष वर्ग में बीके हरीश चंद्र एक घंटा 45 मिनट 33 सेकंड, सुभाष सिंह एक घंटा 52 मिनट 39 सेकंड, चारण सिंह एक घंटा 53 मिनट 36 सेकंड ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में आशा मनराल दो घंटा 27 मिनट 38 सेकंड, डां . पारुल पटेल दो घंटा 39 मिनट 41 सेकंड, भावना गुरनानी दो घंटा 43 मिनट 30 सेकंड ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। जिन्हें अतिथियों की ओर से क्रमश: 51, 41 व 31 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र व मेडल से नवाजा गया।इसी तरह 66 से अधिक आयु वर्ग में सुरेन्द्र सिंह ने तीन धंटा 9 मिनट 59 सेकंड में दौड पूरा कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में सरला भदौरिया तीन घंटा 10 मिनट 53 सेकंड व किशोरी कुंडेचा तीन धंटा 17 मिनट 48 सेकंड में दौड़ पूरा कर क्रमश: प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जो मैराथन के आकर्षण के केंद्र रहे।

आश्चर्यजनक रहे परिणाम ,

आबुरोड मनमोहिनी वन से आरंभ हुई मैराथन के शुरुआती दौर में छिपावेरी तक दो दर्जन से अधिक धावकों में जबरदस्त कम्पीटीशन चल रहा था। कभी कोई जागे निकल जाता तो कभी कोई। सत धूम आने तक आधा दर्जन लोग ही आगे पीछे हो रहे थे। फॉरेस्ट व्यू पर अचानक कल्पेश आगे निकल गया। जो फिनिसिंग पॉइंट तक आगे ही रहा। व बाजी मार गया। वरूण कुमार व राहित में अंत तक रस्सा कसी चलती रही अंत में मात्र कुछ सेकंड के अंतर से ही वरुण ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, रोहित को तीसरे स्थान पर संतोष करना पडा। इसी तरह महिला वर्ग में भी प्रतिस्पर्धा चलती रही।

Share.
Leave A Reply