V24 NEWS CHANNEL ,
(किशनलाल ) ,
माउन्ट आबू, सिरोही / राजस्थान।
सच बोलना मानव का धर्म व कर्म – मालवाल
ज्ञान सरोवर में कला व संस्कृति प्रभाग का राष्ट्रीसय सम्मेलन आरंभ
ब्रह्माकुमारी संगठन में पहुंचे देश भर से कलाकार
माउंट आबू, 28 जून 2024 ,
हरियाणा से आये मिट्टी कला केंद्र अध्य ईश्वर सिंह मालवाल ने कहा कि सच बोलना मानव का धर्म व कर्म है। जीवन में सत्य है तो खुशी भी सदैव बनी रहेगी। जीवन में सच्चालई सफाई होनी चाहिए। जीवन में कई तरह के संघर्षों का सामना करना पड़ता है लेकिन कभी भी अपने सिद्वातों से समझौता नहीं करना चाहिए। ब्रह्माकुमारी संगठन की सेवाओं के जरिए जन जन के जीवन को जीने की नई दिशा मिल रही है। किसी बात को क्षमा करना सबसे बड़ा गुण है। क्षमा का भाव जीवन को परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करता है। जिसको क्षमा की जाती है उसके सकारात्म क परिवर्तन के लिए फिर प्रार्थना भी करनी चाहिए। ऐसे भाव शुद्व मन में ही उत्पान्नम होते हैं। वे शु्क्रवार को ब्रह्माकुमारी संगठन के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में संगठन के कला व संस्कृति प्रभाग की ओर से वैश्विक संस्कृोति प्रेम शान्ति व सदभावना विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीरय सम्मेशलन के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। ईश्वंर सबको प्रेम का पाठ पढ़ाता हैब्रह्माकुमारी संगठन की संयुक्त मुख्यर प्रशासिका राजयोगिनी सुदेश दीदी ने कहा कि ईश्वर सबको प्रेम का पाठ पढ़ाता है। परमात्मा ने हर मानव को इस जीवन में दिव्यगुणों की मूर्ति बनाकर भेजा है। उन दिव्यागुणों को अपने जीवन चरित्र में आत्मनसात कर सबकी सेवा करनी चाहिए। परमात्मा के निस्वार्थ प्रेम को स्व यं में समाने को उसका निरंतर सानिध्या बनाए रखने के लिए राजयोग का अभ्यािस करने को प्रयासरत रहना चाहिए। हम सभी इस स्रष्टि रंगमंच पर कलाकारमंबुई से आये बॉलीवुड अभिनेता, सीआईएनटीए सचिव हेमंत पाण्डे य ने कहा कि हम सभी इस स्रष्टि रंगमंच पर कलाकार हैं। अपनी कलाओं को जीवन में बेहतर तरीके से प्रदर्शित करने के लिए ईश्वचर ने हर इंसान को मौका दिया है। परिवार समाज व देश को कुछ देने की मानसिकता होनी चाहिए। दूसरों को देने से जो खुशी मिलती है वह विनाशी साधनों से नहीं मिल सकती है। हर व्यूक्ति में ज्ञान है इसलिए सभी से सीखने की ललक होनी चाहिए। जीवन का एक एक क्षण अमूल्य होता है जो हमारे जीवन की धारा बदल देता है। सबसे पहले अपने आप को प्या्र करना चाहिए। जीवन में किसी भी बात का अभिमान नहीं होना चाहिए। अभिमान मनुष्य् को गिरा देता है। गरीब से लेकर साहुकार तक भक्तह से लेकर साधक तक सभी को अभिमान से पकड़ कर रखा है। सूक्ष्मह अभिमान से मुक्तत होने के लिए स्वकयं के उपर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

प्रेम का सागर ईश्व र परम कलाकार ,
संगठन के अतिरिक्तव सचिव बीके ब्रजमोहन आनंद ने कहा कि प्रेम का सागर ईश्व्र परम कलाकार है। जो परमात्मा पिता के गुण हैं वही आत्मा के असली गुण हैं लेकिन उसकी विस्म्रहति होने से हम उस सुख का अनुभव नहीं कर पाते हैं। ईश्वकर ने इस धरती पर हमें एक्टमर बनाकर भेजा है। हम सभी चैतन्यव एक्टहर हैं। जब हम स्व यं को एक्टकर समझकर एक्टए करते हैं तो हर एक्टर एक्युीरेट होगा। जीवन में सभी अपना अपना रोल है जो अपने अपने तरीके से अभिनय कर हैं। कोई भी परिस्थिति को कला के रूप में परिवर्तन करने का हुनर ईश्वेर से ही प्राप्ती होता है।

सदभावना के विकास में कलाकारों का अहम योगदान ,
प्रभाग की अध्याक्षा बीके चन्द्रिका बहन ने कहा कि मानव के अंदर प्रेम, शान्ति व सदभावना के विकास को लेकर कलाकारों का अहम योगदान होता है। जीवन में उमंग उत्सा,ह कायम रखने के लिए अपनी कलाओं को निखारने के रचनात्मदक तरीके अपनाने चाहिए। जिसके लिए संगठन की ओर से विभिन्नन प्रभागों द्वारा व्या पक स्तचर पर सेवायें की जा रही हैं।

मुंबई से आई बालीवुड अभिनेत्री अंजलि अरोड़ा ने कहा कि कलाकार मानव के जीवन को खुशियों से भरपूर करने के लिए अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। ब्रह्माकुमारी संगठन की ओर बांटे जा रहे आध्या त्मिक ज्ञान के माध्याम से अपने अंदर की विशेषताओं, शक्तियों को पहचाने का नेत्र मिलता है।सम्मेेलन के उदघाटन कार्यक्रम में देश के विभिन्ने हिस्सों से आये फिल्म , नाटक, गीत, संगीत के क्षेत्र में अपना अहम योगदान देने वाले कलाकारों को प्रभाग के उपाध्येक्ष बीके दयाल, बॉलीवुड डायरेक्ट व लेखक सूरज तिवारी, गुजरात वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका बीके तृप्ति बहन बालीवुड अभिनेत्री नीलू कोहली छत्तीोसगढ से आई प्रसिद्ध फॉक सिंगर आरती सिंह प्रभाग के मुख्याेलय संयोजक बीके सतीश ने भी अपने विचारों से लाभान्वित किया। प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके प्रेम बहन ने मंच का संचालन किया।

