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(किशनलाल) ,

मन को संतुलित करना सिखाता है आध्यात्म – श्रीमती देविका

ज्ञान सरोवर में सुरक्षा प्रहरियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आरंभ

माउंट आबू, 21 जून।

दिल्ली से आई डिफेंस की सीजीडीए श्रीमती देविका रघुवंषी दास ने कहा कि मन का डॉक्टर केवल परमात्मा ही है। जो ब्रह्माकुमारी संगठन के माध्यम से मन का उपचार करने की विधि बताता है। मन को संतुलित करने की सीख मिलती है। शुभ और शुद्ध संकल्प ही मन का भोजन है। स्वयं के सशक्तिकरण को लेकर ब्रह्माकुमारी संगठन की ओर से दिया जा रहा ईश्वरीय ज्ञान संपूर्ण रूप से पारदर्शी है। जिसे गहराई से समझ कर आत्मसात किया जाये तो निश्चित रूप से जीवन की सभी समस्याओं का समाधान स्वतः होने लगता है। यहां का ज्ञान मन का सही रूप से विश्लेषण करने का मार्ग प्रशस्त करता है। यह बात उन्होंने शुक्रवार को ब्रह्माकुमारी संगठन के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में संगठन के सुरक्षा सेवा प्रभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कही।

लॉ के साथ लव का भी बैलेंस रखें

भारतीय नौसेना के पूर्व वाइस एडमिरल एस.एन. घोरमाडे ने कहा कि देष की सुरक्षा के साथ मानव को अपनी आंतरिक सुरक्षा के लिए स्वयं के अंदर छिपे शत्रुओं की चाल को समझने की जरूरत है। जीवन में केवल लॉ ही नहीं चलता बल्कि लॉ के साथ साथ लव का भी बैलेंस रखना चाहिए। मन की सुरक्षा के लिए आध्यात्मिक सिद्धांतों का अपनाना समय और परिस्थितियों की बलवती मांग है। महिलाओं की ओर से संचालन किया जा रहा ब्रह्माकुमारी संगठन आज विश्व के कोने कोने में आमजन तक पहुंचकर मानव को विकृतियों से मुक्त करने की सेवा कर रहा है। मन को नियंत्रित करता है ।

राजयोगसेवानिवृत लेफ्टिनेंट कर्नल वी.जी. खंडारे ने कहा कि जीवन में उतार चढ़ाव व संघर्षमय परिस्थितियों में मन की स्थिरता बनाए रखने के लिए राजयोग का अभ्यास आवश्यक है। राजयोग मन को नियंत्रित करने की कला सिखाता है। ब्रह्माकुमारी संगठन भारतीय संस्कृति का पाठ विश्व भर में पढ़ा रहा है। जो जीवन पद्धति को सही दिशा में ले जाता है। जीवनचर्या को सात्विक बना देता है।आत्मा अपना ही मित्र है अपना ही शत्रु ज्ञान सरोवर निर्देशिका बीके प्रभा दीदी ने कहा कि आत्मा अपना ही मित्र है अपना ही शत्रु है। हम स्वयं ही अपने मन के भीतर सूक्ष्म शत्रुओं को आने की स्वीकृति देते हैं। जब आत्मा अपने आप को सशक्त बना लेती है तो किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव हमारे पर नहीं पड़ सकता है। परमपिता परमात्मा की संतान के संस्कार भी परमात्मा जैसे होते हैं इस सूक्ष्मता को समझ लिया जाये तो सुख शांति जीवन में निरंतर बनी रहेगी।भारत फिर से स्वर्ग बनने की ओर अग्रसरब्रह्माकुमारी संगठन के अतिरिक्त सचिव बृजमोहन आनंद ने कहा कि भारत स्वर्ग था, देवभूमि था जो अभी फिर से उसी दिशा में तीव्र गति से जा रहा है। ईश्वरीय ज्ञान की मदद के साथ सर्व के सहयोग से ही भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। साझे प्रयासों से ही इतना बड़ा कार्य संपन्न होगा। मायुसी, मगरूरी, मुरझाई व मतभेद को मन में कभी भी स्थान नहीं देना चाहिए।

इन्होंने भी किये विचार व्यक्त

प्रभाग अध्यक्ष बीके अषोक गाबा, डीआरडीओ दिल्ली से आये कैप्टन शिव सिंह, सेवानिवृत कर्नल वी.सी. सती, राजयोग प्रशिक्षक बीके श्रीनिधि ने भी विचार व्यक्त किये। वरिष्ठ राजयोग प्रषिक्षिका बीके दीपा बहन ने देष के विभिन्न हिस्सों से आये सुरक्षा प्रहरियों को राजयोग का अभ्यास कराते हुए मन की गहन शांति की अनुभूति कराई। इससे पूर्व सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया गया।

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