माउन्ट आबू,
सिरोही /राजस्थान
राजयोग, ध्यान से बढ़ती है दिल और दिमाग की ऊर्जा – मुख्यमंत्री तमांग
सिक्किम के मुख्यमंत्री ने पाण्डव भवन का किया अवलोकन
माउंट आबू, 04 अप्रेल।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि मानसिक धरातल पर अच्छे विचारों का संग्रह करने के साथ राजयोग व ध्यान करने से दिल और दिमाग की ऊर्जा बढ़ती है जिससे कई प्रकार की समस्याओं का समाधान हो जाता है। यह बात उन्होंने शनिवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय पाण्डव भवन में संस्थान के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के समाधि स्थल शांति स्तंभ पर पुष्प अर्पित करते हुए कही।उन्होंने देश के सुख, समृद्धि व खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि जीवन में आंतरिक सच्चाई के साथ किया गया कार्य कभी निष्फल नहीं जाता है। दृढ़तापूर्वक सत्य के पथ पर चलने से ही परिवार, समाज व देषहित की भावनाओं का उद्गम होता है।ब्रह्माकुमारी संगठन की ओर से विश्व स्तर पर चरित्र निर्माण का जो भगीरथ कार्य किया जा रहा है वह निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर होकर समाज को नई दिशा देने में सार्थक सिद्ध हो रहा है। वर्तमान परिवेश में मनुष्य को स्वयं की खोज के लिए भी थोड़ा सा समय देना चाहिए। आत्मिक शक्तियों के क्षीण होने से ही अनेक प्रकार की समस्याएं आती हैं। संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके. शशि बहन ने कहा कि भौतिकता के साथ आध्यात्मिक तालमेल होने से किसी भी परिस्थिति को सहजता पूर्वक पार किया जा सकता है। ऊंची मंजिल प्राप्त करने को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका बी.के. शीलू बहन ने कहा कि ध्यान योग के जरिए मन में छिपे शांति व सद्भावना के बीजों के अंकुरित होने से ही नकारात्मक विकृतियों को समाप्त किया जा सकता है।मुख्यमंत्री तमांग के मुख्यालय परिसर में पहुंचने पर बीके शशि बहन, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के. शीलू बहन समेत संस्थान के अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया और उन्होंने संस्थान की गतिविधियों को बारीकी से देखते हुए ध्यान-योग कक्ष का अवलोकन किया व शांति की अनुभूति की। उन्होंने संगठन के संस्थापक ब्रह्मा बाबा की तपस्या स्थली कुटिया, बाबा का ध्यान कक्ष, मेडिटेशन हाल का भी अवलोकन किया। बाबा की समाधि शांति स्तंभ पर मानवीय कल्याण को अंकित महावाक्यों का अध्ययन कर दो मिनट मौन रहकर ध्यान योग किया। ग्लोबल अस्पताल पहुंचने पर अस्पताल निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा ने ने मुख्यमंत्री तमांग का स्वागत किया। अस्पताल में एक ही छत के नीचे प्राप्त होने वाली एलोपैथिक, आयुर्वेदिक पंचकर्म, मैगनेज, फिजियोथैरेपी समेत विभिन्न आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के माध्यम से हो रही मरीजों की सेवाओं के लिए संचालित होने वाली गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। नक्की झील में नौका विहार का आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने की आध्यात्मिक चर्चा कीइससे पूर्व मुख्यमंत्री तमांग ने संगठन के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके सुदेश दीदी से मुलाकात कर आध्यात्मिक विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। अध्यात्मिक चरित्र निर्माण आर्ट गैलरी का अवलोकन किया और संगठन द्वारा विभिन्न विभागों के जरिए की जा रही समाज सेवाओं की बारीकी से जानकारी ली।ये आये मुख्यमंत्री के साथमुख्यमंत्री तमांग के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कृष्णा, बेटी परी तमांग, सिक्किम सेवा केंद्र प्रभारी वरिष्ठ राजयोग प्रषिक्षिका बीके सोनम बहन, बीके साकुन बहन, बीके पवित्रा बहन, बीके रूपा बहन आदि मौजूद थे।मुख्यमंत्री ने किया विशेष मेडिटेशनमुख्यमंत्री तामंग ने विश्व शांति के लिए अपने परिजनों के साथ शांति स्तंभ, बाबा की कुटिया, बाबा के कमरे में विशेष रूप से एकाग्रतापूर्वक मेडिटेशन किया।

