शिव का ध्यान करता है जग कल्याण – दादी रतन मोहिनी
ब्रह्माकुमारी संगठन के आध्यात्मिक संग्रहालय में शिवरात्रि कार्यक्रम
माउंट आबू, राजस्थान
09 मार्च 2024 ,
किशनलाल ,
ब्रह्माकुमारी संगठन की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतन मोहिनी ने कहा कि शिव का ध्यान करने से पूरे जगत का कल्याण हो जाता है। मानव को अज्ञान अंधकार से मुक्ति दिलाने के लिए ही परमात्मा का अवतरण होता है। परमपिता शिव निराकार परमात्मा का ध्यान करने से आत्मा सब पापों से मुक्त हो जाती है। केवल परमात्मा के ज्ञान व ध्यान से ही मुक्ति व जीवनमुक्ति मिलती है। जन्म-मरण से न्यारे परमात्मा के जो संस्कार हैं वही संस्कार आत्मा में हैं लेकिन आत्मा जन्म-मरण के चक्कर में आने से पावन से पतित बन जाती है। कलियुग के अंत में परमात्मा फिर से आकर आत्माओं को पावन बनाने की सेवा करते हैं। पिछले 88 वर्षों से विष्व के कोने-कोने में यह सेवा चल रही है। यह बात उन्होंने षनिवार को ब्रह्माकुमारी संगठन के आध्यात्मिक संग्रहालय में शिवरात्रि पखवाड़ा महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम में कही। संगठन की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती बहन ने कहा कि वर्तमान नाजुक समय में स्वयं परमपिता परमात्मा शिव अवतरित होकर अज्ञानता के विनाश और नयी सतयुगी दुनिया की स्थापना का दिव्य कर्त्तव्य कर रहे हैं। देवाधिदेव महादेव शिव की महिमा अनंत है, परमात्मा के सत्य ज्ञान को आचरण में लाने से ही उनकी कृपा का अनुभव होता है।संगठन की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी बहन ने कहा कि विष्वकल्याणकारी षिव पिता परमात्मा से मन की तार जोड़ने पर तन, मन की सभी विकृतियों से मानव स्वतंत्र हो जाता है।आध्यात्मिक संग्रहालय प्रभारी बीके वर्शा बहन ने संग्रहालय द्वारा की जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में तमोप्रधानता अपनी चरमसीमा के अंतिम छोर पर पहुंच चुकी है। चारों ओर विकारों की छाया से बढ़ते पापाचार ने मनुष्य को अशान्त कर दिया है। ऐसे समय में परमात्मा शिव सत्य ज्ञान देकर संसार को फिर से पावन बनाने को अवतरित होते हैं। संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके सुदेष दीदी ने कहा कि सत्य ज्ञान की रोशनी से परिस्थितियों रूपी अंधकार स्वरूप ही नष्ट हो जाता है। मेडिटेशन को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने से विपरीत परिस्थितियों में भी मन का संतुलन बना रहता है।

संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके शशिप्रभा बहन ने कहा कि मानवीय मूल्यों को भूलने से ही मनुष्य विकारों के वशीभूत हो गया है जिससे दिनोंदिन आसुरी कर्मांे का बोलवाला बढ़ गया है। अज्ञान तमस से ढकी आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के लिए ही शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। संगठन के राजनीतिक प्रभाग अध्यक्ष बीके बृजमोहन आनंद ने कहा कि विश्व में जहां चहुं ओर का अशान्ति का वातावरण बढ़ रहा है वहीं विश्व के पांचों ही खंडों में विश्व को परिवर्तन करने का परमात्मा का कार्य अनवरत रूप से चल रहा है।इन्होंने कार्यक्रम को संबोधित कियात्रिनीडाड से आई वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका डॉ. हेमलता, जापान से आई वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका बीके रजनी बहन, आस्ट्रेलिया से आये बीके चार्ली हाॅग, ग्लोबल अस्पताल निदेशक डॉ. प्रताप मिढ्ढा, शिक्षा प्रभाग अध्यक्ष बीके मृत्युंजय, मल्टी मीडिया प्रमुख बीके करुणा, शिक्षा प्रभाग उपाध्यक्ष बीके शीलू बहन, वरिष्ठ राजयोग प्रषिक्षिका बीके उषा बहन, बीके बसंत आदि ने भी विचार व्यक्त किए

