सिरोही , राजस्थान ।

विश्व के कोने-कोने में भारतीय संस्कृति को पहुंचा रहा ब्रह्माकुमारी संगठन – हलदर

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग उपाध्यक्ष हलदर ने देखा पांडव भवन ।

माउंट आबू, 04 फरवरी।

रिपोर्ट किशनलाल ,

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग उपाध्यक्ष अरूण हलदर ने रविवार को ब्रह्माकुमारी संगठन के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय पाडंव भवन का अवलोकन किया। उन्होंने संगठन के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के समाधिस्थल श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए संगठन द्वारा संचालित ईश्वरीय सेवाओं की जानकारी ली।

उपाध्यक्ष हलदर राजयोग के अभ्यास का अनुभव सांझा करते हुए कहा कि विभिन्न प्रकार की तनावजन्य परिस्थितियों में मन को स्थिर रखने के लिए राजयोग अहम भूमिका अदा करता है। इसके लिए नियमित रूप से अध्यात्म की गहराई में जाने का अभ्यास करने की जरूरत होती है। ब्रह्माकुमारी संगठन के संस्थापक ब्रह्माबाबा ने ईश्वर के सत्य ज्ञान से विश्व को भारतीय संस्कृति के अनुरूप सींचने का अहम कार्य किया है। यहां चित्र के स्थान पर चरित्र, व्यक्ति के स्थान पर व्यक्तित्व की उपासना होती है जो अपने आप में अनुकरणीय है। वास्तविक अर्थों में धर्म संयम, सदाचार, वसुधैव कुटुम्बकम का आत्मभाव उत्पन्न करता है जो सही मायने में ब्रह्माकुमारी संगठन में दृष्टिगोचर होता है।ब्रह्माकुमारी संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका बीके शशि प्रभा ने कहा कि मनोबल को बढ़ाने के लिए सदविचारों की पूंजी अर्जित करनी चाहिए। जिस मनुष्य के मन में सदविचार होते हैं वही वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को मूर्तरूप देने में सक्षम होता है। भारत को सुखमय बनाने के लिए आध्यात्मिक संगठनों की श्रेष्ठ विचारधारा की बदौलत हर व्यक्ति के मन में समाज के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी भावनाओं का उदय होता है। ऐसी मनोस्थिति से ही समाज को एकता के सूत्र मेें पिरोने के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकता है। लंदन से आई वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका बीके गोपी बहन ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग उपाध्यक्ष हलदर के आगमन पर उन्हें तिलक लगाकर व पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।

राजयोग प्रशिक्षक बीके नथमल, बीके सुरेंद्र पात्रा, शशिकांत ने उपाध्यक्ष हलदर को प्रजापिता ब्रह्माबाबा की समाधि स्थल शान्तिस्तंभ, बाबा का कमरा, तपस्यास्थली कुटिया, मेडिटेशन हॉल का अवलोकन कराया। जहां उन्होंने मेडिटेशन, ध्यान करते हुए गहन शान्ति की अनुभूति की।इस अवसर पर ओडिशा से आये बीके रविंद्र कानाड़े, बीके चंद्रशेखर, आरएमबी क्षेत्रीय प्रबंधक हितेश राजपुरोहित, उज्जवल परिहार, वैभव सोनी, वेरीसाल राजपुरोहित आदि मौजूद थे।इससे पूर्व उन्होंने संगठन के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर का बारीकी से अवलोकन करते हुए संगठन की ओर से की जा रही विभिन्न वर्गों की सेवाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी ली।

फोटो : संगठन की मुख्य प्रशासिका बीके शशिप्रभा से आध्यात्मिक चर्चा करते राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग उपाध्यक्ष हलदर।

ब्रह्मा बाबा के समाधि स्थल शांतिस्तंभ का अवलोकन करते उपाध्यक्ष हलदर व अन्य।

मेडिटेशन ध्यान करते उपाध्यक्ष हलदर।

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