सूक्ष्म विकास कार्यक्रम भारत सरकार सहयोग हेल्पिंग हैंड संस्थान द्वारा 15 दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ ।
V24न्यूज/भूपेंद्र परमार ,
पिण्डवाड़ा 31जनवरी 2024,

पिण्डवाड़ा – आज गांव झाडोली में सूक्ष्म विकास कार्यक्रम भारत सरकार सहयोग हेल्पिंग हैंड संस्थान द्वारा15 दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ ।
शुरुआत में मां सरस्वती की तस्वीर पर दीप प्रज्वलित कर व माल्यापर्ण कर एवम अतिथियों का माला से बहूमांन कर समापन कार्यक्रम की शुरुआत की ।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉक्टर दिनेश प्रजापत जिला अधिकारी राष्ट्रीय ग्रामीण विकास बैंक अध्यक्षता जिला मार्गदर्शी बैंक अधिकारी उमेद राम मीणा एवं विशेष अतिथि के तौर पर डॉक्टर अंकिता शर्मा कृषि विज्ञान केंद्र सिरोही एवं शंस्था अध्यक्ष फिरोज भारतीय थे ।इस मौके पर डॉ दिनेश प्रजापत ने सूक्ष्म उद्यम विकास व भारत सरकार आत्म निर्भर बनाने के उदेस्य की निम्न योजनाओं के बारे में जानकारी दीकार्यक्रम अध्यक्ष जिला मार्गदर्शी बैंक अधिकारी उमेद राम मीणा ने सोशल फ्रॉड बैंक खाता बीमा एवं ऋण संबंधी विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम विशेष अतिथि डॉक्टर अंकिता शर्मा कृषि विज्ञान केंद्र ने बड़ी पापड़ मंगोड़ी अचार की नई टेक्नोलॉजी द्वारा बनाने की प्रक्रिया के बारे में समझाया एवं महिलाओं को आगे मार्केटिंग में कैसे ब्रांड और ब्रांड की मार्केटिंग की जाए कैसे ब्रांड को डेवलप किया जाए इसकी जानकारी दी इसी के साथ सरकार की अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए इस ट्रेनिंग के दौरान जो प्रोडक्ट तैयार किए हैं उसकी क्वालिटी और गुणवत्ता पूर्वक बनाकर मार्केटिंग करने की जानकारी दी ।
संस्था अध्यक्ष फिरोज भारतीय ने संस्था के बारे में वह गतिविधियों से अवगत करवाते हुए कार्य के बारे में विस्तार से बताया।संस्था की सचिव तायरा शेख ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं आभार व्यक्त करते हुए बताया कि डॉक्टर साहब ने मीणा साहब ने अंकिता जी ने जो सहयोग दिया है और आज के कार्यक्रम में समय निकाला है उसके लिए सभी महिलाओं व संस्था की ओर से विशेष आभार व्यक्त किया।इस कार्यक्रम में समाज सेवी पूर्ण सिंह भाटी अजारी, सेवक रौनक सेन, प्रतिभागी मोनिटर उमा देवी, ट्रेनर हेमलता कुंवर, रेखा कंवर,शांति देवी, सोना देवी,अमिया देवी, अमीना बानो, दरिया कुमार ,बेबी देवी, पायल कुमारी, भानु कुंवर, रिकु कुंवर,विमला देवी,व अन्य प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओ की मौजूदगी रही। इस एमडीपी द्वारा 15 दिवसीय शिविर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 प्रतिभागी महिलाओं का समापन हर्षोऊल्लास से हुआ।