मुम्बई / महाराष्ट्र ,
रिपोर्ट सुरेश पुरोहित ,
मुंबई में तुलसाराम जी महाराज का भव्य स्वागत।
श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा मे राजपुरोहित समाज अयोध्या पहुँचे-तुलसाराम महाराज ,
दर्शन के लिए उमड़ा जनसेलाब,
ब्रह्मधाम आसोतरा के गादीपति संत श्री 1008 तुलसाराम जी महाराज के मुंबई आगमन पर समाज बंधुओ की ओर से भव्य स्वागत किया गया. गुरुदेव के स्वागत में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया ।
यह शोभायात्रा दक्षिण मुंबई क्षेत्र के सुरती होटल कॉटन एक्सचेंज मुंबई से प्रारंभ हुई जो की श्री खेतेश्वर सर्कल कालबादेवी,मंदिर होते हुए भारत भवन,मेट्रो सिनेमा से क्रॉस मैदान में पहुंचकर धर्म सभा में तब्दील हुई जहां पर हजारों की संख्या में समाज बंधुओ ने गुरुदेव के जयकारों के साथ गाजे बाजे के साथ महिलाओ व बालिकाओं द्वारा मंगल कलश से गुरुदेव का स्वागत किया गया।संत श्री तुलसाराम जी महाराज रथ मे बिराजमान होकर चल रहे थे और जहा से शोभायात्रा निकल रही थी उस रास्तो में फूल मालाओं व पुष्प वर्षा से स्वागत किया जा रहा था. श्री तुलसाराम महाराज जी की शोभायात्रा मे मानो पूरा राजस्थान उमड़ पड़ा हो ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा था. ज़ब शोभायात्रा कालबादेवी रोड़ से हनुमान गली कॉर्नर पर श्री खेतेश्वर महाराज चौक पर पहुंची तब आदर्श हॉटल के जगदीश पुरोहित, मनीष पुरोहित, संगीता पृथ्वीराज पुरोहित बसंत परिवार ने स्वागत किया उसके बाद शोभायात्रा क्रॉस मैदान मे पहुंची उसके बाद राजपुरोहित समाज मुंबई की ओर से 251 किलो की माला गुरुदेव को पहनाकर भव्य ऐतिहासिक स्वागत क़र आशीर्वाद लिया।इस अवसर पर पूज्य श्री तुलसाराम जी महाराज ने सभी भक्तों को अपने आशीर्वाद देते हुए कहा कि 22 जनवरी को होने वाले अयोध्या मे श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मे जाकर अपने आप को धन्य बनाये उन्होंने बताया की मुझे भी प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर प्राण प्रतिष्ठा मे जाने का निमंत्रण प्राप्त हुआ है और मे स्वयं भी अयोध्या जाऊंगा और आप भी उसदिन अवश्य पधारे उसके बाद महाराज ने कहा की आप सभी अपने माता-पिता व गौ माता की सेवा करके पुण्य अर्जित करें एवं अपने बालक बालिकाओं को शिक्षा, संस्कार देवे जिससे बच्चे संस्कार वान बने. संत तुलसाराम महाराज ने सभी राजपुरोहित समाज से आव्हान किया की आप सभी एकजुट होकर रहे व एक दूसरे समाज बंधु को हर व्यापार मे तन मन व धन से सहयोग करें ताकि हमारा राजपुरोहित समाज आगे बढ़े। राजपुरोहित समाज से यह अपील की गई की अपने घर मे एक ही माता पिता होते है उसी प्रकार गुरु भी एक ही होने चाहिए.
कार्यक्रम मे पूर्व कैबिनेट मंत्री राज के.पुरोहित ने कहा कि आज जो यह समाज का हुजूम उमड़ा है यह हमारे राजपुरोहित समाज के संत शिरोमणि श्री खेतेश्वर भगवान की कृपा है,गुरुदेव की कृपा-आशीर्वाद से आज राजपुरोहित समाज हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। इसी कड़ी मे भवन निर्माता समाजसेवी बाबुसिंह राजगुरु ने समाज को सम्बोधित करते हुए कहा की आज मे अति प्रसन्न हूँ की मेरा राजपुरोहित समाज आगे बढ़ रहा है व राजपुरोहित समाज हिन्दू समाज मे सबसे शीर्ष स्थान पर होने से हमें गर्व महसूस होता है की हम उच्च कोटि ब्राह्मण समाज मे जन्म लिया है. राजगुरु ने राजपुरोहित समाज का एक ही धाम ब्रह्मधाम के नारों से जय घोष किया।शोभायात्रा मे चर्चगेट से लेकर विरार व सीएसटी से लेकर कल्याण तक के सभी राजपुरोहित समाज के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।

इस अवसर पर मुंबई सहित नवी मुंबई,ठाणे,पालघर पुणे, लोनावला,वापी,सूरत सहित कई क्षेत्रों से समाज बंधुओ ने पहुंचकर गुरुदेव के मुख़ारविन्द से प्रवचन का श्रवण व दर्शन क़र आशीर्वाद प्राप्त किया।गुरुदेव के सत्कार समारोह मे पूर्व कैबिनेट मंत्री राज के.पुरोहित,खेतसिंह मवड़ी, हुकूमसीह खींचन,सोहनसिंह गुड़ा जैतसिंग, बाबुसिंह राजगुरु,खेड़ा तीर्थधाम के महामंत्री प्रताप पुरोहित दाता,सीए किरणसीह राजपुरोहित,खंगारमल पुरोहित(सरपंच खिरोड़ी),राहुल जेरण, कृष्ण धुंबड़िया,गणपत डी.खिरोड़ी,प्रकाश भाई तवाव,रमेश भाई भीनमाल,पूर्व नगरसेवक आकाश पुरोहित, रतनसिंह बाड़वा, महेंद्रसिंह सिंदरली, विजयसिंह भवरानी, तूफानसिंह संकरणा,पुरुषोत्तम मेड़ा,गिरधारीलाल डभाल,नानजीराम जुनी वाली, गवराराम खण्डादेवल, मदनसिंह गुरलाई,जसवंतसिंह मोकलसर, अनराजसिंह नोरवा,वासुदेव मांगरोल, तेजसिंह साकरणा,नवाराम खिरोड़ी,कल्याणसिंह साकरणा,जालमसिंह ओडवाडा,संतोषसिंह ओडवाड़ा,चतराराम वाली,मंगलसिंह गोविंदला,महेंद्रसिंह खीचन, किरणसिह चरपटिया, मोतीसिंह विठु, विशनसिह शंखवाली, भरतसिंह अगवरी, गणपतसिंह पाचलोडिया, घेवरसिह नोरवा, बाबुसिंह मादड़ी, जोगराजसिंह ओडवाडा,जालमसिह ओडवाडा, भंवरसिंह,मादा, महेन्द्र सिंह डोडु, पुखराज डोडु, महेन्द्र सिंह गादोणा, रामसिंह पिलोवनी, रामसिंह लोपी, रामसिंह धरमधारी मंगल मुडतरा , अर्जूनसिह खाराबेरा, तेजसिंह नोरवा, इन्द्र सिह खरोकडा,करणसिंह बोया,नरसिंह बारवा,भेराराम वाली, भमराराम गोलियां, अर्जुनसीह नारणावास,हिटलरसिंह बारवा,अर्जुनसीह हेमागुडा,रमेश पुरोहित वाटेरा,इंदरसिंह खरौंकडा,देवीसिंह सोकड़ा,जगदीशसिंह बसंत,किरणसिंह ढालौप,जेसाराम रोड़ा, बाबूलाल रोड़ा,राजू कलापुरा सुरेश कुमार नरादरा तुलसीराम कैलाशनगर,समेत हजारों की संख्या मे पुरुष व महिलाए उपस्थित थी।
