भाखर भितरोट विकास मंच के तत्वाधान में पेसा दिवस पर वालर सम्मेलन में निचला खेजड़ा के आदिवासी गीत कलाकार केसाराम गरासिया ने राई ढोला और महारानी के गीत के साथ वालर घेरे में बिखेर दी सांस्कृतिक छटा।

राजस्थान – आबूरोड,( सिरोही),

आकरा भट्टा स्थित जन चेतना संस्थान के कार्यालय परिसर में 24 दिसंबर रविवार को पेसा दिवस के अवसर पर भाखर भित रोट विकास मंच के तत्वावधान में आयोजित वालर सम्मेलन के मौके पर निचला खेजड़ा गांव के आदिवासी लोकगीत कलाकार केसाराम गरासिया ने राई -ढोला, पिंगलगढ़ -राजा… महारानी……,!नवो हल्को….,! जमे जायरे जूहरा होईते ….! के प्रसिद्ध लोकगीत को वालर घेरे में बुलंदी के साथ प्रस्तुत कर सम्मेलन में सांस्कृतिक छटा बिखेर दी, वालर की महिलाओं ने प्रस्तुत गीत की परंपरागत शैली को सामूहिक स्वर में नृत्य के साथ उमंग और उत्साह में व भाव विभोर कर दिया।

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