आबूरोड (सिरोही),

रिपोर्ट मगन प्रजापत,

आबूरोड में जीवंत हुई सनातन संस्कृति ,

तालाब पूजन के कार्यक्रम को देख युवा पीढ़ी हुई भाव विभोर,

भाई बहन ने मिलकर किया तालाब का पूजन ,

तालाब किनारे बैठकर भाई बहन ने किया भोजन,

  सिरोही जिले के आबूरोड सहित के आसपास के कई गांवों में सनातन संस्कृति की झलक देखने को मिली… सनातन संस्कृति में नदियों के साथ साथ तालाबों और जलाशयों का भी विशेष महत्व हैं… वहीं अगर मारवाड़ क्षेत्र की बात करें तो यहां पानी को इतना महत्व दिया जाता कि यहां बरसात होने से लेकर बरसाती पानी से भरे तालाबों और पोखरों को भी पूजने का रिवाज हैं… और आज ऐसी ही रश्म आबूरोड क्षेत्र में भी निभाई गई… जिसे देखकर आज की युवा पीढ़ी को भी सनातन संस्कृति को निकट से देखने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ… आबूरोड सहित खड़ात, किवरली, उमरनी तहलेटी और सातपुर के तालाबों में पूजन कार्यक्रम हुआ… जिसमें गांव की महिलाओं ने अपने भाई के साथ मिलकर तालाबों का पूजन किया… मारवाड़ में इस रश्म को “समंदर हिलोरना” कहते हैं… दरअसल यह रश्म एक लंबी प्रक्रिया के तहत निभाई जाती हैं… और ये कार्यक्रम कई वर्षों में एक बार एक गांव में आयोजित होता… इसमें गांव की विवाहित महिलाएं मिलकर बारिश से पहले करीब दो महीने तक तालाब के तले की मिट्टी खोदकर तालाब की पाल पर डालती हैं… यानी इसे आज की व्यवस्था के हिसाब से हम तालाब की मरम्मत करना भी कह सकते हैं… फिर वो महिलाऐं अपने पीहर में संदेश भिजवाती हैं कि बारिश के बाद तालाब जब पानी से भर जायेगा तो एक निश्चित दिन पर उस गांव की सभी महिलाएं एक साथ तालाब का पूजन करेगी… और उस दिन उन महिलाओं के भाई बहन के लिए भात भरने उसके ससुराल पहुंचता हैं… फिर पूरे गांव की महिलाएं सजधज कर एक साथ ढोल धमाकों के साथ तालाब पर पहुंचती हैं… जहां पंडित की मौजूदगी में मंत्रोच्चार के साथ तालाब का पूजन कर दोनो भाई बहन आमने सामने से मटका पकड़कर तालाब में हिलाते हैं और उसके बाद उस तालाब का पानी एक दूसरे को अपने हाथ से पिलाते हैं… आज जब आबूरोड सहित आसपास के गांवों में यह रश्म निभाई गई तो कई तालाबों पर मेले जैसा माहौल बन गया… भाई बहन के प्रेम को देखकर सभी भाव विभोर हो गए… भाई बहनों ने मिलकर तालाब के किनारे बैठकर एक साथ भात (खाना) खाया… जिसे देख कर हर किसी को अपना बचपन याद आ गया… भाई ने बहन को चुनरी ओढ़ाकर उसके सुखी जीवन की कामना की तो बहनों ने अपने भाई को दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया… 

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