गंदगी,भटकते गौवंश अतिक्रमन व खड्डों ने नगर वासियो को किया हलकांन,
जिला कलेक्टर ने एमओयू कर अर्बुदा गोचर पथमेड़ा को दिया, आवारा पशुओं की भरमार में आम जन आतंकित
सिरोही(हरीश दवे),
सिरोही नगर परिषद की स्वायत्त शाशन संस्था में मचे भरस्टाचार हर क्षेत्र में ठेकेदार,पार्षद, राजनीत गठजोड़ ने नगर वासियो के हितों को कुचल के रख दिया है जहा आमजन तो पट्टो के लिए भटक रहा है।वही राज्य सरकार के निशुल्क पट्टा योजना तो भूमाफियाओं व पूंजीपतियों के लिए वरदान साबित हुई ।नगर परिषद पेराफेरी बेल्ट में अवेद्ध अनाधिकृत बांध काम की बाढ़ ही नही आई क्रिकेट व ओलंपिक व नगर में विकास योजनाओं की पैरोडी में अनाधिकृत निर्माण कर्ताओं व भर्स्ट ठेकेदारो का अहम रोल रहता है।राजनीतिक इशारों पे आयुक्त की चूप्पी व एसआई अपने कर्तव्य को अंजाम दे उससे पहले अनधिकृत निर्माणों को पुख्ता करने का रास्ता खुल जाता है।पूरा नगर खड्डे में कोंग्रेस व भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनता ने जनप्रतिनिधि बनाया है पर उन्होंने पार्षद के साथ ठेकेदारी को प्रधानता दी है सीवरेज,सफाई,जलदाय विभाग,इंदिरा रसोई इत्यादि अनेक गहलोत सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं व नगर का विकास पूर्णतया चौपट कर शो बाजी चल रही है।संविदा कर्मियों के चलते व वोट बैंक की राजनित्ति में नगर परिषद के पूरे तँत्र के अहम पदों पर जतिवाद भर दिया है।जिसके ठेकेदार उच्च वरद हस्त के चलते जम कर इंदिरा शहरी नरेगा,सफाई ठेका कार्य,विधुत खरीदी,सफाई उपकरण खरीदी में महा भरस्टाचार रचते हुए पूरे नगर व स्कूलों अस्पताल के बाहर नगर व वार्डो में सफाई ठेकों में प्रतिवर्ष करोड़ो रुपया फूंका जाता है नरेगा हो या सफाई कर्मियों की उपस्तिथि पंजिका सभापति ने तीन बार पत्रकारों को बुला के कारवाई कराई व सभापति नगर परिषद के हालात,नगर की सफाई व्यवस्था,अतिक्रमन व विकास कार्यो में ठेकेदारो की करतूतों व अवेद्ध निर्माण की पुख्ता जानकारी रखते है।अब वो नगर परिषद का राजस्व वृद्धि करते है या नगर परिषद के करप्ट तँत्र का पर वो यह भी याद रखे की गहलोत सरकार,जिला कलेक्टर व विधायक ने नगर में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए एमओयू बना एक निजी कारोबारी विवादस्पद संस्था को 2200 बीघा महान कार्य के लिए जन विरोध के बावजूद सौप दी।पर अब नगर परिषद की घुमंतू पशु गोशाला में अर्बुदा गोशाला संचालन व एमओयू की संस्था व कालका तपोवन के अलावा कही और भूमि आवंटित करवानी है।जिसके लिए अनुदानित गोशालाओं व पशुपालको के छोड़े नन्दी व गोवंष को सावन मास में सिरोही की जनता को घायल करने व गोवंष को क्रूरता का शिकार करने के लिए छोड़ रखा है।या नगर के कोंग्रेसी व अर्बुदा गोशाला संचालन समिति के सदस्यों व मैनेजर द्वारा टेग लगा गोवंष नगर में छोड़ने का हवाला दिया है।रात्रि में सिरोही के हृदय स्थल रामझरोखा के बाहर जगदम्बे की मूर्ति जहाँ बिराजति है नगर परिषद ने उसे डंपिंग यार्ड बना दिया और रामझरोखा की हेत सागर गोशाला पचाने, अर्बुदा गोशाला डेरी उजाड़ने के बाद यह सरकारी तँत्र मोहर्रम के मद्दे नजर तो गोवंष पकड़वाता तो अनुदान ,गोधन सरङ्क्षण के नाम वर्ष का करोड़ो फूंक रही नगर परिषद अर्बुदा व कालका तपोवन के गोचर में भटकते गोवंष को डालती क्यो मन्दिरो के बाहर समाज सेवियों के घास कारोबार,गोचर उजाड़ में नगर की जनता को खड्डों, भटकते गोवंष में अकाल मौत व छोटे से शहर में सौन्दर्यीकर्ण के नाम करोड़ो फूंक क्यो देंवनगरी के सौंदर्य पर नगर परिषद का सक्षम बोर्ड जिसके सभापती महेंद्र मेवाड़ा के होते हुए भी विकास की आड़ में नगर क्यो विनाश की ओर जन प्रतिनिधियों ब सत्ता हथियाने में आतुर वोट बैंक की राजनीति में जिला मुख्यालय की जनता को नागरिक अधिकारों से वंचित किया जाता है।
