निर्दलीय विधायक संयम लोढा से सिरोही विधानसभा की सीट जितने में भाजपा को करनी पड़ेगी कड़ी मशक्कत,

जातिगत समीकरणों में सजने लगी जातिगत पंचायत,

सिरोही । राजस्थान ,

(हरीश दवे)

प्रदेश की बहुचर्चित विधानसभा सीट आगामी चुनावों में वाटरलू का मैदान बनती जा रही है।गत चुनावो में अप्रत्याशित तरीके से पूर्व गोपालन मन्त्री ओटाराम देवासी को भाजपा की भीतर घात व भाजपा के मूल वोटरों की अनदेखी व जनरल जातियों व विशेष कर ब्राम्हण जातियों में पुरोहित जाती का वोट हासिल करने में सफलता हासिल की जिसकी प्रमुख वजह जनरल सीट पे 10 साल ओबीसी देवासी व सांसद सीट पर चौधरी जाति को ही टिकट मिलने से खफा जनरल मतदाता हाशिये पे डालने का आक्रोश भोपाजी को झेलना पड़ा वही पीएम मोदी को लहर में सांसद देवजी पटेल ने अपनी सीट बरकरार रखी पर भोपाजी की हार की गाज भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी को अपना पद गवाना पड़ा व संघ पृष्ठ भूमि के नारायण पुरोहित को तीसरी बार भाजपा जिलाध्यक्ष की बागडोर मिली और आगामी चुनावों में भाजपा के दमदार व मजबूत प्रत्याशी भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर दी है व सूत्रों के हवाले से खबर है की भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित इस्तीफा दे सकते है व संघ पृष्ठ भूमि के समर्पित भाजपा जिलाध्यक्ष पर प्रदेश भाजपा संगठन निर्दलीय विधायक से सीट छिनने में दाव लगा सकता है।हालांकि भाजपा के ओटाराम देवासी,लुम्बाराम चौधरी व दलीप सिंह मांडणी की दावेदारी में अपनी ही जाती के अनेक प्रवासी नेताओ की चुनोती भले ही मिल रही हो पर टिकट लाने व विधायक लोढा को टक्कर देने की कूवत मौजूदा भाजपा संगठन में दिखाई नही देता।

गत दिनों 25 जून को ब्राम्हण महा पंचायत राजनित्ति में अवसर तलाशते व विभिन्न राजनीतिक दलों में हाशिये पे आये युवाओ ने अपनी राजनित्ति चमकाने के फेर में महापंचायत की लेकिन उसमे आई गोरवाल, श्रीमाली, पुरोहित,गोमतिवाल, रावल जाति स्वयं को जब ठगा महसूस करने लगी जब प्रोग्राम ही हाईजैक हुआ और उसमे भी विधायक संयम लोढा की सेंधमारी ने ब्राम्हण वोटों में सुराख ही नही किया उनमें प्रत्याशी बन भाजपाई मतों के बंटवारे की हिडेन व्यूह रचना भी अमल में आई गई।

वहीं अग्रवालों की महापंचायत के बाद पूर्व जिला प्रमुख श्रीमती पायल परसरामपुरिया भी जनरल सीट पे प्रबल दावेदारी जता रही है जिसमे अग्रवाल समाज लामबंद हो रहा है।भाजपा संगठन पूर्व गोपालन मन्त्री ओटाराम देवासी को नजर अंदाज तो नही कर सकता व उन्हें आहोर, भीनमाल,रानीवाड़ा कही भी सेट किया जा सकता है व सांसद देवजी पटेल पर भी अहम जिम्मेदारी के साथ केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व से जालोर सिरोही की आठो सीटों पर कमल का परचम लहराने की जिम्मेदारी आ गई है।पर विधायक संयम लोढा अपने करवाये विकास कार्यो के बूते पूरे विधानसभा क्षेत्रों में बूथों को मजबूत करते हुए सतत जन सम्पर्क में 4थी बार विधानसभा में पहुचने में एड़ी चोटी का जोर अपने समर्थकों के साथ लगा रहे है।भाजपा व कोंग्रेस दोनो संगठनों का संगठनात्मक ढांचे को वर्तमान कोंग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधायक लोढा ने अपनी राजनीतिक रणनीति में बांध के रखा है व जिले में सिर्फ संयम कोंग्रेस बरकरार है।

अब आगामी चुनावों में विधायक संयम लोढा कोंग्रेस से तो चूनाब लड़ेंगे नही ओर कोंग्रेस राजेन्द्र सांखला पे दाव लगा सकती है और ब्राम्हण प्रत्याशी को भाजपा ने चुनावी टिकट दिया तो यह तय मान के चलो की इस बार आप पार्टी अन्य पार्टियों से ब्राम्हण प्रत्याशी टिकट नही मिलने पर बागी बन के भी चुनाव लड़ सकते है व सूत्र बताते है की अनेक प्रवासी ओबीसी नेता भी चुनावो में भाग्य आजमाने आ आएंगे इन हालात में मजबूत संघ कैडर के मजबूत प्रत्याशी के समर्थन में भाजपा एक जुट हुई तो ही विधायक संयम लोढा को चुनोती दे सकती है व विधायक लोढा को भी अपनी सीट बरकरार रखने में अनेक दाव पेंच लगाने होंगे।।

प्रदेश में पीएम मोदी,गृह मंत्री अमित शाह व रास्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की चुनावी सभाओं के बाद प्रदेश की चुनावी राजनीति गरमा रही है व भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने की जुगत हिंदुत्व की डगर पे रास्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा चुनावी रणनीति का बिगुल बजा दिया है व शिघ्र भाजपा जिला संगठन जिलाध्यक्ष पद में बदलाव होगा और भाजपा से मजबूत प्रत्याशी भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित कभी भी इस्तीफा दे सकते है और सुरेश कोठारी को भाजपा जिलाध्यक्ष पद की बागडोर मिल सकती है।

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