*आजादी के 75 साल बाद बोकी भागली मेें पहुंची बिजली*

_- विधायक संयम लोढ़ा के चार साल के अथक प्रयासों के बाद वन विभाग से संभव हो सकी स्वीकृति

– गांव में रोशनी होते ही प्रफुल्लित हुए ग्रामीण, ढोल की थाप पर जमकर नाचे

– विधायक ने कहा आधारभूत सुविधाओं से ही परिवारों का विकास संभव हो सकता है

– जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक भी पहली बार भाखर क्षेत्र के बोकी भागली पहुंचे, ग्रामीणों ने अपणायत से किया स्वागत

*शिवगंज(हरीश दवे),

मुख्यमंत्री के सलाहकार विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि आदिवासी समाज इस देश की रीढ़ है, इस देश का स्तंभ है। आज हमारे यहां पहाड़, नदियां, तालाब, वन सुरक्षित है तो इसके पीछे आदिवासी समाज का बड़ा योगदान है। उन्होंने जंगलों में रहकर प्रकृति का संरक्षण किया है। विधायक लोढा बुधवार की देर शाम सिरोही तहसील के अंतिम छोर पर बसे बोकी भागली गांव में आजादी के 75 साल बाद बिजली पहुंचने के अवसर पर आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ भंवरलाल एवं पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेय ने भी शिरकत की तथा ग्रामीणों की समस्याओं का सुन उनके निराकरण का भरोसा दिलाया। यह पहला मौका था जब भाखर क्षेत्र के इस छोटे से गांव बोकी भागली में जिले के दो सबसे बड़े अधिकारी पहुंचे थे। इस दोहरी खुशी पर ग्रामीणों का मन काफी आल्हादित था। बिजली की रोशनी होते ही ग्रामीणों ने ढोल की थाप पर पारंपरिक नृत्य कर अपनी खुशी का इजहार किया।इस मौके पर विधायक लोढ़ा ने कहा कि यह आपके आशीर्वाद से ही संभव हो सका है। विधायक ने कहा कि उनका इस क्षेत्र से काफी लगाव रहा है। पहली बार जब वर्ष 1999 में विधायक बना उससे पहले तक कभी इस क्षेत्र में नहीं आया था और न ही पहले चुनाव के समय आ सका। इसकी प्रमुख वजह थी कि यहां तक आने के लिए कोई रास्ता नहीं था। चुनाव जीतने के बाद साथियों ने बताया कि इन गांवों में लोग अभाव की जिंदगी जीते है। कोई बीमार हो जाए या गर्भवती महिला हो तो उसे खाट पर डालकर लाना पड़ता है। विधायक ने कहा कि यह बात उनके ध्यान में आते ही पगडंडी के रास्तों को पार करता हुआ पैदल ही कलदरी आ पहुंचा। उस समय पहली बार देखा की क्या परिस्थिति है। उस समय यहां पहला विकास शिविर लगवाया। लेकिन प्रशासन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया। आखिरकार प्रभारी मंत्री को इन रास्तों से यहां लाना पड़ा। तब प्रशासन यहां तक पहुंच पाया। विधायक लोढ़ा ने कहा कि उस समय भी कलदरी वडा वेरा तक ग्रेवल सडक़ बनाने के लिए वन विभाग से काफी माथापच्ची करनी पड़ी थी। आज कलदरी सोने की अंगुठी बन गया है। पशुपालकों को सडक़ बनने से काफी फायदा हुआ है। पशुपालकों के यहां खाद लेने के लिए रोजाना ट्रक यहां तक पहुंच रहे है। विधायक लोढ़ा ने कहा कि जहां आधारभूत सुविधाएं होती है वहां परिवारों का विकास होता है। घर में कमाई आएगी तो बच्चें भी अच्छे से पढ़ सकेंगे। गांव के कुसाराम का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि विपरित परिस्थितियों के बावजूद कुसाराम के माता पिता ने उसे आईआईटी के लिए मुंबई भेजा और उसने वहां सफलता पूर्वक एमटेक किया। आज वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है।

*वादा पूरा नहीं होता तो कभी अपने आप को माफ नहीं कर पाता*

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक लोढ़ा ने कहा कि वर्ष 2018 में जब विधानसभा चुनावों के दौरान यहां आया था उस समय ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के लिए 2011 में फाइल भरी थी लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं मिल सके है। जिस पर ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि चुनाव जीत जाने पर गांव तक बिजली पहुंचाएंगे। विधायक ने कहा कि यह कार्य पहले जितना आसान दिख रहा था उतना आसान नहीं था। जंगलात के क्षेत्र में होने की वजह से बिजली के खंभे खड़े करने की अनुमति लाने के लिए चार साल तक इंतजार करना पड़ा। काफी प्रयासों के बाद आखिरकार वन विभाग से अनुमति मिली और यह कार्य संभव हो सका।

विधायक ने कहा कि अगर आप लोगों से किया गया यह वादा पूरा नहीं कर पाता तो खुद को वे कभी माफ नहीं कर पाते, हमेशा के लिए मन में यह मलाल रह जाता कि कार्य नहीं हो सका। आज इस गांव में उजाला होने के साथ ही सिरोही विधानसभा क्षेत्र का कोई गांव ऐसा नहीं है जो बिजली से वंचित रह गया हो। विधायक ने कहा कि इन चार सालों में जनता के आशीर्वाद से 3 हजार करोड़ रूपए के विकास के कार्य हो सके है। *प्रकृति के संरक्षण में आदिवासियों का बड़ा योगदान* इस मौके पर विधायक ने कहा कि आदिवासी समाज इस देश की रीढ है। आज पहाड, नदियां, वन सुरक्षित है तो उसमें आदिवासी समाज का बडा योगदान है। इस समाज ने हमेशा से प्रकति का संरक्षण किया है। आदिवासियों में ऐसे भी कई परिवार है जिनके पुर्वज कभी यौद्धा रह चुके है। विधायक ने कहा कि गुलामी के समय अंग्रेज और रियासतों के प्रतिनिधियों की ओर से किसानों व मजदूरों पर अजीब तरह के लगान लगा उन पर आर्थिक भार डाल दिया करते थे। किसान और मजदूर उस परिस्थिति में नहीं होता था कि उसका चुकारा कर सके। तब पूरे राजस्थान, मेवाडा और गुजरात के बनासकांटा अंचल का सबसे बड़ा आंदोलन हुआ। भूला में सैकड़ों की संख्या में आदिवासियों ने अपने प्राण दिए। कांग्रेस सरकार उस स्थान पर अब स्मारक का निर्माण करवा रही है ताकि आने वाली पीढी इससे प्रेरणा ले सके कि किस तरह से लोगों के हक के लिए आदिवासियों ने संघर्ष कर अपना बलिदान दिया।

*मोबाइल टॉवर लगवाने का भरोसा*

समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर ने ग्रामीणों को गांव में बिजली आने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिजली आने के साथ ही उपकरणों की संख्या भी बढ़ेगी। उन्होंने उसका सदुपयोग करने, बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील करते हुए ग्रामीणों की मांग पर गांव में बीएसएनएल का मोबाइल टॉवर लगवाने का भरोसा दिलाया। साथ ही ग्रामीणों की ओर से मांग संबंधी दिए गए ज्ञापनों पर भी उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेय ने भी ग्रामीणों को शुभकामनाएं दी।

*अपणायत के साथ किया स्वागत*

गांव में बिजली आने पर इसके लिए अथक प्रयास करने के लिए ग्रामीणों ने विधायक संयम लोढ़ा सहित जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक का सौमैया कर स्वागत किया तथा कुमकुम तिलक लगाकर परंपरागत रूप से स्वागत किया। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए। तत्पश्चात समारोह में अतिथियों का ग्रामीणों ने साफा एवं पुष्पहार तथा पुलिस अधीक्षक व कलदरी सरपंच का चुनरी ओढ़ाकर सम्मान किया। इस मौके पर ग्रामीणों की ओर से विधायक को 11 किलो का पुष्पहार पहनाकर गांव तक बिजली पहुँचाने के अथक प्रयासों के लिए अभिनंदन किया गया। इससे पूर्व विधायक ने बटन दबाकर गांव में बिजली प्रारंभ की।

*पुलिस अधीक्षक से प्रेरित हुई गांव की युवतियां*

अपने बीच में एक युवा महिला पुलिस अधीक्षक को उपस्थित देख गांव की युवतियां काफी प्रसन्न दिखाई दी। पुलिस अधीक्षक से ये युवतियां इस कदर इंस्पायर थी कि समारोह संपन होने के बाद वे सीधे उनके पास पहुंची और उनसे हाथ मिलाते हुए काफी देर तक चर्चा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने भी उनसे आत्मियता से बातचीत की।

*इनकी रही मौजूदगी*

कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी डॉ नरेश सोनी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रताराम देवासी, पन्नाराम हीरागर, कलदरी सरपंच कमुरी देवी, गोयली सरपंच राजकुंवर, थावराराम, रावताराम, मोहनलाल, कसाराम, अर्जुनराम, कानाराम बिजोली, मोहनलाल, नेतीराम, पुनाराम, शंकरलाल खेताजी, जगाराम, भीमाराम सहित बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ट अभियंता आदि उपस्थित थे।

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