सिरोही , राजस्थान।
रिपोर्ट हरिश दवे,
सिरोही विधानसभा सीट पर कमल को जिताने हो सकता है भाजपा जिलाध्यक्ष का बदलाव, भाजपा संगठन व संघ परिवार हर कीमत पे सीट निकालने की जुगत में, एडवोकेट अशोक पुरोहित या दिलीप सिंह मांडाणी बन सकते है भाजपा के जिलाध्यक्ष, विधायक संयम लोढा की स्तिथि मजबूत,भाजपा मजबूत प्रत्याशी की तलाश में।
भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के हाथ मे कमान आने के बाद पीएम मोदी का भी प्रवास जिले में आबूरोड में एक जन सभा के रूप में हुआ इसी के साथ पीएम मोदी व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी जो प्रदेश में भाजपा की सरकार रचने की भूमिका का श्री गणेश कर चुके है उसमें सिरोही विधान सभा की जनरल सीट पे कब्जा करने में जयपुर से सिरोही तक भाजपा एक जुट हो रही है।
गत विधानसभा चुनाव व जनरल सीट पर विधायक लोढा को शिकस्त देने में पूर्व सीएम वसुंधरा जी ने भोपाजी की आध्यात्मिक व ओबीसी चेहरे पे शिकस्त दी पर इस दौरान भाजपा संगठन के घोर जातिकरन में भाजपा के मूल वोटर में भटकाव हुआ जिसका फायदा विधायक लोढा को मिला और निर्दलीय विधायक में जीत हासिल कर विकास कार्यो के झंडे गाड़े व सिरोही नगर परिषद व शिवगंज नगर पालिका भी भाजपा से छीनी।इस बात में कोई संदेह नही की देश के मतदाताओं पर पीएम मोदी का प्रभाव है।
सांसद देवजी पटेल भी भाजपा के कद्दावर नेता है व पीएम मोदी के दौरे के बाद आबू पिंडवाड़ा विधायक समाराम गरासिया व रेवदर विधायक जगसी राम कोली की स्तिथि मजबूत हुई है।पर सिरोही विधानसभा में तो भाजपा बस टिकट दावेदारों की पार्टी बन रह गई है।।
आगामी विधानसभा चुनाव 2023 में सिरोही सीट पर कैसे जीती जावे उसको लेकर भाजपा सोशियल इंजीनियरिंग पर काम कर रही है । जालोर संसदीय क्षेत्र में भीनमाल,सांचौर पर सदैव चौधरियों का दावा रहा है आहोर पर भी चौधरी काबिज थे पर उस पर अब पुरोहित विधायक है। सिरोही की जनरल सीट पे 10 साल से देवासी जाती को सीट मिली व जालोर ,आबू पिंडवाड़ा,व रेवदर आरक्षित सीट है व रानीवाड़ा में राजपूत जाती से भाजपा का विधायक है। भाजपा में सांचौर,भीनमाल में चौधरी प्रत्याशी को टिकट देना भाजपा की मजबूरी है अगर भाजपा आहोर विधानसभा सीट पर युवा नेता रविन्द्र सिंह बालावत को मौका देती है तो सिरोही सीट पे पुरोहित का चांस बन सकता है व रानीवाड़ा में देवासी जाती को आगामी चुनावों के लिए साधा जा सकता है। पर राजपूत,देवासी, पुरोहित,चौधरी इन जातियों को ही सांचौर,भीनमाल,आहोर व सिरोही से टिकट देना है। नेता अपना दावा कर रहे है ,अब यदि भीनमाल से देवासी को बीजेपी टिकिट देती है तो फिर पुरोहित को सिरोही से उतारा जा सकता है ।
सिरोही जिला भाजपा में पुरोहितों में वैसे तो अनेक दावेदार है लेकिन सबसे मजबूत दावा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित का है । नारायण छोगाराम जी पुरोहित संघ लाबी के सबसे बड़े विश्वासपात्र व्यक्ति है । उनका परिवार जनसंघ के जमाने से संघ व पार्टी से जुड़ा हुआ है ।
सिरोही जिले में दो ही परिवार संघ के खास रहै जिनमे एक तो नारायण पुरोहित का ओर दूसरा मुकेश प्रकाश राज जी मोदी का । अब मुकेश मोदी परिवार की संघ से मजबूत घनिष्ठा नही रहने से नारायण पुरोहित ही एक मात्र नेता है जिसके मजबूत रिश्ते है । इन रिश्तों के कारण ही नारायण पुरोहित को अनेक जिमेवारिया समय समय पर मिलती रही । नारायण पुरोहित एक शांत किस्म के नेता हैओर वे किसी चमक दमक के धीरे चल की नीति पर चलते हुए लम्बे समय से राजनीति में है,ओर उनकी ख्वाइस है कि वे एक बार सिरोही से विधायक बने । अब इनको टिकिट मिलने में कुछ अवरोध सामने है तो उन अवरोधों को दूर करने पर काम चल रहा है ।
नारायण पुरोहित लम्बे समय से बीजेपी के जिलाध्यक्ष है व उनका छोटा भाई अर्जुनराम पुरोहित जिला प्रमुख सिरोही है तो अब यदि उनको टिकिट देगे तो लोग कहेंगे कि क्या सब प्रमुख पद एक ही परिवार को तो फिर दुसरो का क्या काम और यह बात बीजेपी के अन्य टिकिट दावेदार भी दबी जबान से व कुछ नेता मुखर होकर भी उठाते है । इधर विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक नारायण पुरोहित ने अपने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करते हुए उन्हें जिलाध्यक्ष पद से मुक्त करने का आग्रह किया है और यह सम्भव है कि प्रदेश भाजपा कार्यकारणी की घोषणा के बाद जब जिला अध्यक्ष बदलेंगे तब उन्हें भी मुक्त कर किसी अन्य को जिला अध्यक्ष बनाया जावे । नया जिलाध्यक्ष में जिनका नाम लिया जा रहा है उनमें पूर्व में जिलाध्यक्ष रहे लुम्बाराम चौधरी का प्रमुख नाम है । हालांकि लुम्बाराम खुद भी विधानसभा चुनाव लड़ने को इच्छुक है ।
जालोर सिरोही लोकसभा क्षेत्र में बीजेपी 3 टिकिट चौधरी समाज को देती है और ये तीनो टिकिट जालोर से ही मिलते है इसलिए सिरोही सीट से किसी चौधरी को टिकिट मिले इसकी संभावना कम है । पार्टी सांसद देवजी पटेल को भी भीनमाल या रानीवाड़ा से विधानसभा का चुनाव लड़वा सकती है,ओर देवजी पटेल की भी इच्छा है कि वे विधानसभा का चुनाव लड़े ताकि बीजेपी की सरकार बने तो उनको मंत्री बनने का अवसर मिल सके । अर्जुनराम पुरोहित की जगह पार्टी किसी अन्य को प्रमुख बनाकर नारायण पुरोहित को टिकिट देने का सोच सकती है ।
भाजपा से दलीप सिंग मांडणी भी भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदार है लुम्बाराम चौधरी इन दोनों को टिकट नही मिला तो दोनो जिला परिषद सदस्य नेताओ को जिलाध्यक्ष या प्रमुख जिला परिषद भी बना सकती है। बीजेपी राजपूत समाज के दलीप सिंह माडाणी को भी जिला प्रमुख बनाकर राजपूत समाज का वोट बैंक विधानसभा चुनाव में मजबूत कर सके । किसी महिला को भी जिलाध्यक्ष बनाया जा सकता है । सभी महत्वपूर्ण पदों पर पार्टी अलग अलग जातियों के मजबूत नेताओ को बिठाकर सिरोही सीट जीतने के हर गणित पर पार्टी काम कर रही है और कैसे भी सिरोही सीट पर संयम लोढा को नही आने देने के लिए व्यूह रचना रच रही है।
सिरोही सीट पर देवासी,पुरोहित व प्रजापत,समाज के वोटो के अलावा मेघवाल,भील व मीणा समाज के वोट ज्यादा है । इन सभी जातियों के वोट कैसे हासिल हो को लेकर चिंतन मनन चल रहा है । संघ इस बार संयम लोढा को परास्त करने में कोई कमी नही रखेगा क्योकि संयम लोढा ने जिस तरह संघ को लेकर हमलावर रहे उसको देखते हुए संघ पूरी तैयारी करेगा और वो नारायण पुरोहित के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा ।
वैसे एक महंत भी भोपाजी की जगह अपनी दावेदारी जता रहे है लेकिन एक देवासी को जालोर जिले से उतारने के कारण उनका दावा कमजोर होगा । वैसे भोपाजी भी 10 हजार से कम वोटो से हारने के कारण अपनी मजबूत दावेदारी कर रहे हैलेकिन बीजेपी के लोकल टिकिट के दावेदार उनका हर स्तर पर विरोध करते हुए यह तर्क देते है कि भोपाजी 10 साल सत्ता का सुख भोग चुके है अब भी उनको टिकिट पार्टी डेगी तो लोकल नेता केवल दरिया ही बिछाते रहेंगे ।
पूर्व जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया भी अपनी दावेदारी जता रही है ,ओर उसका पक्का भरोसा है कि पार्टी महिलाओं को आगे बढ़ाएगी ओर वसुंधरा जी की चली तो उसको टिकिट मिलेगा। कुछ युवा नए चेहरे को उतारने की बात को लेकर दौड़ धूप कर रहे है लेकिन पार्टी जिताऊ को टिकिट देने की गणित पर भरोसा कर टिकिट देगी तो दावेदारों के दावे बहुत कम ही रह जाएंगे। बात अब संयम लोढा की करे तो वे कांग्रेस से लड़ेंगे या निर्दलीय यह अभी तय नही है । कांग्रेस को संयम लोढा को टिकिट देने में कोई तकलीफ नही है क्योंकि उन्होंने निर्दलीय होते हुए भी 5 साल तक कांग्रेस के विधायक के रूप में ही काम कर जिले में कांग्रेस को मजबूत बनाये रखा है और सरकार से बहुत काम करवा कर विकास के सारे रेकर्ड तोड़ दिए है ।
सिरोही विधानसभा क्षेत्र में संयम ही कांग्रेस व कांग्रेस ही संयम जैसे हालात बने हुए है ।सीधी टक्कर में बीजेपी कभी कब्जा नही कर ले इसलिए कांग्रेस व संयम लोढा इस सीट पर तिकोना संघर्ष के हालात बना सकते है । विकास के रेकर्ड तोड़ने के उपरांत भी संघ व कांग्रेस में संयम लोढा को पसंद नही करने वालो की तादाद भी काफी है । बीजेपी के तमाम बड़े नेता किसी भी हालत में संयम लोढा नही जीत सके उसके लिए वो सब करेगे जो वे कर सकते है ।
राज्य की हॉट सिरोही सीट का फैसला अब आमजन को करना है कि वो जमीनी तोर पर काम करने वाले के साथ खड़ी रहती है या संघ की विचारधारा वालों के साथ खड़ी होती है। कांग्रेस यदि आगे आकर संयम लोढा को टिकिट नही देती है तो संयम लोढा फिर निर्दलीय ताल ठोक कर जीतने के लिए अपनी व्यूह रचना तैयार करेंगे ।
चुनावी चौखट पर दावेदारों की चर्चा चल पड़ी है और दावेदार भी बायोडेटा के साथ नेताओ से मिलने निकल पड़े है। भाजपा अब जिलाध्यक्ष पद पर भी संघ पृष्ठ भूमि के व्यक्ति को भाजपा जिलाध्यक्ष बनाएगी ताकि संगठन को विचार धारा से खड़ा कर आगामी लोक सभा व विधान सभा चुनावों की वैतरणी पार की जा सके उसमे एडवोकेट अशोक पुरोहित के भी भाजपा जिलाध्यक्ष बनने की चर्चा जोरों पर है।पर इतना तय है की भाजपा जिला संगठन में भारी फेर बदल होने वाला है।

पीएम मोदीजी के आबूरोड दौरे की तस्वीर ।
