स्कुली शिक्षा धन कमाने का ओर धार्मिक शिक्षा श्रेष्ठ नागरिक बनाती हैं: आचार्य रविरत्नसूरी
पावापुरी में युवा संस्कार शिविर का हुआ समापन
सिरोही(हरीश दवे),
आचार्य रविरत्नसूरी महाराज ने रविवार को पावापुरी तीर्थ जीव मैत्रीधाम में के. पी. संघवी परिवार की ओर से आयोजित सात दिवसीय युवा संस्कार शिविर के समापन अवसर पर शिविराथियों से कहा कि उन्होने शिविर में जो धार्मिक संस्कार व ज्ञान प्राप्त किया हैं उसे जीवन मे उतार कर एक सुश्रावक एवं श्रेष्ठ नागरिक बने। उन्होंने कहा कि स्कुली शिक्षा धन कमाने की तरकीब सिखाती हैं लेकिन धार्मिक शिक्षा विनय, विवेक एवं श्रेष्ठ इंसान बनाती हैं। जीवन में परिवर्तन की अपार सम्भावनांए हैं इसलिए सपनेे देखते हुऐ लक्ष्यांे के साथ आगे बढना जरूरी हैं।

पंन्यास प्रवर वैराग्यरत्नविजयजी महाराज ने कहा कि आज देश मे जो हालात है उसको देखते हुऐ इस तरह के धार्मिक संस्कार शिविरों की महती आवश्यकता व उपयोगिता हैं। उन्होने कहा कि के. पी. संघवी परिवार ने सिरोही के निकट पावापुरी तीर्थ व जीवदया का एक ऐसा धाम बनाया हैं जिसकी एक अलग पहचान देश में है। संघवी परिवार की उदारता, करूणा, विनय, विवेक एवं धार्मिक अनुष्ठान की प्रतिबद्धता गजब की हैं ओर यही कारण है कि यहाॅ आयोजित कन्या संस्कार शिविर में 209 व युवा संस्कार शिविर में 151 युवाओं ने भाग ले कर अपने जीवन में परिवर्ततन का संकल्प लिया ।

शिविर के समापन समारोह मे पावापुरी तीर्थ-जीव मैत्रीधाम के संस्थापक के. पी. संघवी परिवार के दिलीप भाई हजारीमलजी संघवी ने प्रात: वेला के सत्र् में युवाओं के बीच पहुंच कर आचार्यश्री के दर्शन वंदन का लाभ लेते हुऐ आर्शीवाद लिया। सुबह तीर्थ निर्माता परिवार की श्रीमती मेघना बेन ए. संघवी व ट्रस्टी आदेश भाई संघवी ने दीप प्रज्जवलित किया एवं शिविर में आयोजित प्रतियोगिताओ के विजेताओं को अमरीश भाई बाबुलालजी संघवी ने पुरूस्कार वितरण कर विजेताओं का बहुमान किया। अमरीश भाई संघवी ने शिविर संचालक रोहिडा के शिक्षाविद् ओमप्रकाश वैष्णव एवं मुंबई के रमेश भाई जैन का तिलक-माला एवं पूजा जोडी से बहुमान किया। श्वििर में आए युवको ने आंयबिल, एकासणा, बियासणा की तपस्या के साथ अनेक आराधनाएं कर प्रतिदिन भक्ति का आनन्द लिया। अनेक युवाओं ने कंदमूल त्याग, रात्रि भोजन का त्याग, 100 बियासणा, प्रभु पूजन व अभक्ष पदार्थो का उपयोग नही करने का संकल्प लिया। सभी युवाओं का के. पी. संघवी परिवार की ओर से विशिष्ठ बहुमान किया गया।

पावापुरी ट्रस्ट के मेनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन ने आभार व्यक्त करते हुऐ कहा कि आचार्य श्री की प्रेरणा से शिविर आयोजित हुआ ओर शिविर मे 25 नगरो से 151 युवाओं ने भाग लिया ।

शिविर के समापन अवसर पर चक्रस्व अभिषेक रखा गया जिसमें भी युवाओं ने बढचढ कर भाग लिया। आचार्य श्री ने रविवार की शाम को सिरोही के लिए विहार किया। आचार्य श्री का चार्तुमास मंगल प्रवेश 27 जून को रानीवाडा में होगा।
