माउंट आबू । राजस्थान ।
किशनलाल ,
सांस्कृतिक परंपराओं का निर्वहन करें खिलाड़ी, ब्रह्माकुमारी संगठन में खेल प्रभाग राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न ।
पूना महाराष्ट्र से आये ओलंपिक खेलों, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रख्यात जर्नलिस्ट संजय दुधानी ने कहा कि खिलाडिय़ों को अपने देश की सांस्कृतिक परपंराओं को निर्वहन करने के भरसक प्रयास करने चाहिए। समाज के हर वर्ग के साथ जुडक़र मूल्यों को बढ़ावा देने की ब्रह्माकुमारी संगठन ने जो मुहिम छेड़ी है, उससे न केवल देश में बल्कि विदेशी खिलाडिय़ों को भी भारतीय संस्कृति से जोडऩे का गौरव हासिल किया है। खेलें रंग, रूप, देश, धर्म, भाषा, जाति-पाति आदि के भेदभाव मिटाती हैं। खेलों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिश्ते मजबूत होते हैं। वे सोमवार को मन की शक्ति से खेलों में सफलता विषय पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के खेल सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। दधानी ने हिम्मत ने हारिए, विजयपथ का नाम लीजिए, सत्यपथ के राहियो मशाल थाम लीजिए गीत गाकर खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जीवन में किसी भी परिस्थिति में निराशावादी प्रवृत्ति नहीं होनी चाहिए। सकारात्मक सोच, आशावादी प्रवृत्ति वाले खिलाड़ी हार में भी जीत के रास्ते तलाशने में माहिर होते हैं।

ब्रह्माकुमारी संगठन की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके शशि बहन ने कहा कि खिलाड़ी देश की धरोहर हैं। खिलाडिय़ों को अपने राष्ट्र के प्रति प्रेम, सच्ची निष्ठा निभाने की मूल्यानुगत परपंराओं को निभाने में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। आध्यात्मिक मूल्यों से संपन्न खिलाड़ी देश के सम्मान के लिए कड़ी मेहनत व प्रमाणिकता से किए गए परिश्रम के साथ अपना सब कुछ दांव पर लगा देता है तभी सफलता उसके कदम चूमती है। जेसीबी स्पोर्टस इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर आनंद कुमार मदान ने कहा कि सर्वमान्य संस्कृति खेलों के माध्यम से विश्व बंधुत्व की भावनाओं को बल देने के साथ संबंधों को सुधारने का कार्य भी करती है। राष्ट्रीय संयोजक डॉ. बीके. जगबीर ङ्क्षसह ने कहा कि अध्यात्म जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त कर आपसी सौहार्द को बढ़ाता है। खिलाडिय़ों की महानता नैतिक व आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने में ही है। मूल्यों को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मुख्यालय संयोजक मनमोहन सिंह, जम्मू से आये प्रभाग के क्षेत्रीय संयोजक बीके रविंद्र, प्रभाग के अधिशासी सदस्य बीके वीरेंद्र सिंह, योगा प्रशिक्षक बीके दिनेश कुमार आदि ने भी राजयोग के अभ्यास से मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने पर बल दिया।
