आबूरोड़ । सिरोही । राजस्थान ,

सोशल मीडिया पर एक युवक और आबूरोड राजकीय अस्पताल के डॉक्टर का ऑडियो वायरल हुआ। जिसके बाद चिकित्सा महकमे में मानों हड़कंप मच गया है। जिसमे युवक द्वारा ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को इलाज के लिये कॉल करके कहने पर डॉक्टर भड़क उठा और युवक को ही अभद्र भाषा मे बातचीत करते हुये कहने लगा कि दोबारा डॉक्टर को कॉल करने की हिम्मत की तो जमीन में गाड़ दूँगा, और गला काट दूँगा तू मुझे जानता नहीं में कोटा का हूं, जान से मार दूँगा यह शब्द कलियुग के भगवान माने जाने वाले डॉक्टर के है। बस उस युवक की गलती इतनी सी है कि उसने गम्भीर घायल युवक के इलाज के लिये डॉक्टर को कॉल किया। बदले में उस युवक को डॉक्टर परमानंद गुप्ता ने जान से मारने की धमकी भी दे डाली। जिससे वो युवक भी दहशत में है।

डॉक्टर से जवाब मांगते सवाल..?

एक जिम्मेदार पद पर काबिज डॉक्टर जिसको जनता भगवान मानती है, का इस तरह किसी युवक को जान से मारने की धमकी देने के साथ साथ यह कहना कहां तक उचित है कि जमीन में गाड़ दूँगा गला काट दूँगा जमकर ठोक दूँगा..?

क्या इलाज के लिये किसी युवक का या आम व्यक्ति का डॉक्टर को कॉल करना कोई गुना है ..? यदि उसकी ड्यूटी है मरीज का इलाज करना तो फिर इस तरह की अशोभनीय अभद्र भाषा का उपयोग कहाँ तक उचित…?

ऐसे में फिर पीड़ित लोग कहां जाएंगे इलाज करवाने.? जब डॉक्टर ही सरेआम धमकियां देने पर और गुंडागर्दी पर उतर आये..?

जब किसी डॉक्टर की ड्यूटी है फिर उसके द्वारा इलाज करने की बजाये उल्टा पीड़ित पक्ष किसी संबंधित को धमकाना व धमकी देने के पीछे क्या मंशा..?

डॉक्टर की इस तरह की धमकियों से मरीजो का मनोबल गिरेगा साथ ही राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का राजकीय अस्पताल में आमजनता को फिर कैसे फायदा मिलेगा ..? जब डॉक्टर ही गला काटने की बात करते हो और जमीन पर में गाड़ दूँगा ऐसे में इलाज के लिये आने वाले मरीज व उनके साथ के लोगो मे भीषण भय व्याप्त हो चुका है। इसका जिम्मेदार कौन..?

क्या सिरोही जिला कलेक्टर कोई ठोस एक्शन लेकर करेगे प्रभावी ढंग से कार्रवाई या यूही जाँच के नाम पर खानापूर्ति होगी ओर आमजनता को डॉक्टरों की धमकियां मिलती रहेगी। …..?

क्या कहते जिम्मेदार…?

पूरे मसले पर जब आबूरोड उपखंड मजिस्ट्रेट का पक्ष जाना तो कहां की मैने पूरे प्रकरण का वेरिफिकेशन किया है जिसमे राजकीय चिकित्सालय के डॉक्टर परमानंद गुप्ता का ऑडियो बताया जा रहा है। वही पीड़ित युवक को भी मैने बुलाया था जिसमे यह घटना सत्य है। विभागीय नियमानुसार ठोस कार्रवाई बिल्कुल होगी यह कहना आबूरोड एसडीएम का है। अब देखने वाली महत्वपूर्ण बात यह होगी इस पर क्या ठोस एक्शन होता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई है।

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