सिरोही । राजस्थान।

*भगवान श्रीकृष्ण ने भक्तों का उद्धार, पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराया – संयम लोढ़ा*

*लोढ़ा ने द्वारकाधीश दर्शन कर लौटे ग्रामीणों का किया स्वागत*

सिरोही(हरीश दवे) ,

विधायक संयम लोढ़ा ने कहां कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी अपने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था। जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। लोढ़ा समीपवर्ती पाडीव गांव में मेघवाल समाज की ओर से आयोजित द्वारकाधीश महाप्रसादी में उपस्थित समाज के लोगो को संबोधित कर रहे थे। लोढ़ा ने कहां कि जन्म से ही विषम परिस्थितियों का सामना करने वाले श्रीकृष्ण के श्रीमुख से कुरूक्षेत्र में जो शब्द निकले वो गीता के रूप में कालदेय कृति बन गए। उन्होंने कहा कि प्रेम से बडा कोई धन नही होता है। उन्होंने कहा कि राजा हो या रंक दोस्ती में सभी बराबर हैं। सुदामा एक गरीब ब्राह्मण थे लेकिन दिल से अमीर थे। सुदामा और कृष्ण जैसी मित्रता आज कहां है। सुदामा से श्रीकृष्ण ने मित्रता का धर्म निभाया। जिनके पास प्रेम धन है वह निर्धन नहीं हो सकता। दोस्ती में जात पात, ऊंच नीच, अमीर गरीब नहीं देखा जाता है। मित्रता को सच्चे मन से निभाने की जरूरत होती है। दोस्ती में स्वार्थ नहीं होनी चाहिए। इससे दोस्ती में दरार पैदा हो जाती है। मित्रता का धर्म निभाएं। सुख.दुख में भागीदारी हों।

विधायक संयम लोढ़ा ने कहां कि बच्चों को बचपन से ही संस्कार देना शुरू कर देनी चाहिए ताकि वे संस्कारवान बन सकें। बचपन मेंदिया गया संस्कार बच्चे कभी भूल नहीं सकते। बच्चों की पहली गुरु मां होतीहैं। वह चाहे जिस रूप में ढाले। चाहे तो शिवाजी जैसा बना दे, चाहे तोडाकू बना दे। हमारे बच्चे संस्कारवान बने यह हर माता पिता चाहते है,उन्हें संस्कारवान बनाना हमारा ही दायित्व है।  उल्लेखनीय है कि समीपवर्ती पाडीव में मेघवाल समाज की ओर से  द्वारकाधीश महाप्रसादी (थाली) का आयोजन किया गया था। पाडिव गांव से 7 अप्रैल को सभी समाज के लोग द्वारकाधीश दर्शन के लिए गए थे। दर्शन कर लोटने पर महा प्रसादी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधायक संयम लोढ़ा ने सभी से मुलाकात कर दर्शन कर लोटने पर शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर  प्रदेश सचिव निम्बाराम  गरासिया, पीसीसी मेम्बर हरीश राठौड़, पाडीव ठाकुर समरवीर सिंह देवड़ा, पूर्व सरपंच अमरसिंह, वार्डपंच मोहनसिंह, पुष्पेंद्रसिंह, मेघवाल समाज 22 परगना अध्यक्ष वीराराम, भीमाराम, पाडीव सरपंच देशाराम मेघवाल, कछुआराम, पूर्व सरपंच जोगाराम, सकाराम, अचलाराम, अजाराम, शंकरलाल,  कानाराम, पकलाराम, देवाराम, गणेशाराम, पोसाराम, जेताराम, बुटाराम, देवाराम रागी, सकाराम, अजाराम, हकमाराम, मीठालाल, छगनलाल, पनाराम, पसाराम, डायालाल समेत कई समाज के लोग मौजूद रहे।

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