सिरोही(हरीश दवे) ,

सिरोही स्थापना महोत्सव के अंतिम दिन कवि सम्मेलन में बांधा डॉ कुमार विश्वास ने समा,

सिरोही के 599वें स्थापना दिवस को प्रशासन ने व आमजन ने अत्यन्त ही धूमधाम से मनाया। इस उपलक्ष्य में चले तीन दिवसीय रंगारंग समारोह का समापन सौन्दर्य प्रतियोगिता एवं कवि सम्मेलन से हुआ जिसमें युग कवि डाॅ कुमार विश्वास ने सिरोही शहर की धरती पर पहली बार काव्यपाठ कर देवभूमि को अपने काव्य से श्रृंगारित कर दिया। रविवार की शाम मिस सिरोही, मिस्टर सिरोही, बेस्ट कपल जैसी सौन्द्रर्य प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसके जूरी मेम्बर्स विप्रा मेहता, पारस राठौड एवं सुहानी नेनवा रहे।तत्पश्चात् रात्रि 9 बजे आयोजित कवि सम्मेलन में देश के ख्यातनाम कवियों ने शिरकत की जिसका आगाज स्वयं डाॅ कुमार विश्वास ने कवियों के परिचय से किया। सुधि पाठकों को ज्ञात रहे कि डाॅ कुमार विश्वास ने अपने कैरियर की शुरूआत एक एंकर के रूप में की थी एवं उस बात के यह आज भी नहीं भूले है। इसलिए प्रत्येक कवि सम्मेलन में कार्यक्रम का आगाज खुद डाॅ कुमार विश्वास ही करते है जबकि वर्तमान में डाॅ विश्वास भारत के सबसे लोकप्रिय कवियों में से एक है। जुलाई 2014 की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जब गूगल ने सिलिकाॅन वैली के अपने आॅफिस में डाॅ विश्वास को भाषण देने के लिए आमंत्रित कर 5 करोड रुपये पारिश्रमिक प्रदान किया तब डाॅ विश्वास गूगल पर सर्वाधिक सर्च किये जाने वाले भारतीय कवि थे और आज भी है तथापि डाॅ विश्वास के द्वारा स्वयं कार्यक्रम का आगाज करना इनके व्यक्तित्व के बडप्पन को दर्शाता है। दौसा से आई कवयित्री सपना सोनी ने गणेश वन्दना एवं नारी के मन के भावों को प्रेमरस में अपनी मधुर आवाज में ऐसे पेश किया कि उपस्थित सभी श्रोता अपनी सुधबुध खो बैठे।

डाॅ कुमार विश्वास ने सपना सोनी की तारीफ में कहा कि चरण धरत चिन्ता करत, चितवन चारों ओर, सुवरण को खोजत फिरत कवि, व्यभिचारी, चोर। डाॅ विश्वास ने बीच बीच में सपना सोनी को छेडकर कवि सम्मेलन में उपस्थित श्रोताओं को बहुत गुदगुदाया तो सपना सोनी ने भी कुमार की हर बात का जवाब काव्य की भाषा में बखूबी देकर श्रोताओं को रोमांचित किया। मंचासीन कवि रमेश मुस्कान, कवि कुशल कुशवाह, कवि अर्जुन सिसोदिया ने हास्यरस, वीररस एवं काव्य के अन्य रसों ने बिखेरकर उपस्थित हजारों हजार सुधि श्रोताओं तो रात 9 बजे से रात करीब डेढ बजे तक ऐसे बांधे रखा कि जनता साढे चार घंटे तक अपनी जगह से हिली तक नहीं। इसे हिन्दी काव्य की शक्ति कहे या आमंत्रित कवियों का हुनर पर बिना किसी संगीत, बिना वाद्य एवं बिना किसी अन्य तरीके को अपनाऐ बगैर हजारों हजार जनता को बांधे रखा यह कवि सम्मेलन की सफलता का सूचक है।

युग कवि डाॅ कुमार विश्वास ने श्रोताओं को अपने चिर परिचित अन्दाज में झूमने पर मजबूर कर दिया। श्रोताओं की मांग पर डाॅ कुमार विश्वास ने कोई दिवाना कहता है कोई पागल समझता है कविता को पढकर कवि सम्मेलन का माहौल बदल दिया। उन्होंने एक से बढकर एक काव्य पाठ किये। अन्त में उन्होंने श्रीकृष्ण व राधा के पवित्र प्रेम को एक नई कविता के माध्यम से ऐसे पेश किया कि उपस्थित श्रोताओं की आंखों से आंसू बहने लगे।

डाॅ विश्वास ने काव्य के माध्यम से बताया कि द्वारिकाधीश बनने के लिए अपनी प्राणाप्रिया राधा व अपनी प्रिय बांसुरी को उन्होंने किस तरह छोडा होगा। उन्होंने अपने इस काव्य को वर्तमान से जोडते हुए बताया कि आज जब कोई व्यक्ति बडा नेता, बडा प्रशासनिक अधिकारी या बडा कलाकार बन जाता है तो उसके बचपन के सभी मित्र पीछे छूट जाते है। मित्र हर बार उलाहना देते है कि तू बडा आदमी बन गया है, तू हमें भूल गया है। यह बात उस सफल व्यक्ति को बहुत सालती है। उन्होंने कहा कि लोहे का स्वाद लोहार से नहीं उस घोडे से पूछिये जिसमें मुंह में हर पल लोहे की लगाम लगी रहती है। उन्होंने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनके आगे पीछे भले पुलिस चलती है, भले इन्हें बडे बंगले व गाडी घोडे मिले हुए है पर कभी इनके दिल में झांककर देखिए कि इनके मन की वेदना क्या है। उन्होंने फिर से अपनी नई कविता से जोडते हुए श्रीकृष्ण के द्वारा वापिस वृन्दावन आने व राधा से मिलने पर हालचाल पूछने के भावों को इतना महीनता से पेश किया कि हर वो व्यक्ति जो प्रेम को समझता है रो पडा। डाॅ कुमार विश्वास के काव्य पाठ के समापन पर श्रोताओं की आंखों में आंसू थे और उनसे बिछुडने का गम। युग कवि जाते जाते राजनीतिक व्यंग्य कर श्रोताओं के चेहरों पर मुस्कुराहट भी देकर गये। कार्यक्रम का संचालन युवा कवि कार्तिकेय शर्मा एवं समापन संचालन दिलीप शर्मा ने किया।       

कवि सम्मेलन के समापन पर पधारे सिरोही रियासत के पूर्व महाराजा पद्मश्री रघुवीर सिंह देवडा ने सिरोही के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए घोषणा की कि अगले वर्ष जब सिरोही अपना 600वां स्थापना दिवस मनायेगा तब सिरोही रियासत के राज महल के दरवाजे आम जनता के अवलोकनार्थ खोल दिये जायेंगे। हिज हाईनेस ने सिरोही महल के विभिन्न भवनों से जुडी ऐतिहासिक बाते भी बताई। विधायक संयम लोढा, जिला कलेक्टर डाॅ भंवरलाल, पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने भामाशाहों का प्रशस्ति पत्र, शाॅल व पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। प्रवासी राजस्थानी भामाशाह रायचन्द सोनी दुबई की ओर से घोषित 51000 रुपये का नगद पुरस्कार जो कि महात्मा गांधी विद्यालय की बहुआयामी प्रतिभा दिशा माली को दिया जाना है उसका सांकेतिक चैक भी बालिका को प्रदान किया गया।   

  इस अवसर पर मुख्यमंत्री सलाहकार एवं क्षेत्रीय विधायक संयम लोढा, जिला कलक्टर डाॅ भंवरलाल, पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वमिता सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ टी शुभमंगला, अतिरिक्त जिला कलक्टर कालूराम खौड, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजेश सोनी, पूर्व उप मुख्य सचेतक रतन देवासी, धीरज श्रीवास्तव, सभापति महेन्द्र मेवाडा, जावाल नगर पालिका अध्यक्ष कनाराम भील, अन्य जनप्रतिनिधियों समेत हजारों सुधि श्रोता उपस्थित रहे।

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