आबूरोड,( सिरोही)

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रणोरा गांव में मांड बावसी के नाम से हर साल आखा तीज पर आयोजित होने वाला संगत कार्यक्रम इस बार भी अक्षय तृतीया रविवार को रणोरा गांव में दिन को आयोजित हुआ।

संगत कार्यक्रम में प्रातः ग्रामीणों ने ‘माड भाखर बाबा, के आस्था केंद्र पर पूजा अर्चना कर भजन कार्यक्रमों का श्रीगणेश किया। भजन मंडलियों ने बारी-बारी से अपने भजन प्रस्तुत किए, गुजरात के अलावा कई गांवों की भजन मंडलीया साज सज्जा के साथ पहुंची, अपने भजन प्रस्तुत किए।

  • अक्षय तृतीया पर बाल विवाह न करने एवम प्राणी मात्र की सेवा पर रखे प्रवचन:-

संगत में भजन कार्यक्रम के साथ साथ कई भजन कलाकारों ने मंच से अपने विचार रखें इस बीच भजन कलाकार नरसाराम सोलंकी ने मंच से उपस्थित महिला पुरुषों एवं बच्चों को अक्षय तृतीया पर बाल विवाह के दुष्परिणाम बताते हुए बाल विवाह नहीं करने एवं प्राणी मात्र की सेवा के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया। इसी प्रकार रामलाल रणोरा समेत कई वक्ताओं ने मानव जीवन की सार्थकता के लिए ग्रहण करने योग्य भजनों के उपदेशों से सीख लेकर कदम रखने का आग्रह किया।इस बीच संगत कार्यक्रम में आबूरोड पंचायत समिति प्रधान लीलाराम गरासिया ने पहुंचकर मांड बावसी की गोद में आयोजित संगत के द्वार की चौखट पर झुककर आशीर्वाद मांगा तथा सुविधाओं के लिए तत्पर रहते हुए घोषणा भी की। ग्रामीणों ने संगत कार्यक्रम के अवसर पर भजन प्रेमियों के लिए जलपान की व्यवस्थाएं उल्लेखनीय की जहां पर रामलाल रणोरा, सवाराम भमरिया, चतराराम रणोरा, चीनाराम मावाराम परमार, कालूराम रणोरा, जगदीश परमार, समेत ग्रामीण हर संभव मदद व्यवस्थाओं में जुटे रहे।

फोटो:– रणोरा गांव में माड बावसी के नाम की आखातीज संगत में भजनों की प्रस्तुतियां देते कलाकार।

– अक्षय तृतीया की इस संगत में बाल विवाह रोकने व प्राणी मात्र के कल्याण पर मंच से प्रवचन देते वक्ता।

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