आबूरोड,( सिरोही)

मानसिक मरीज कभी-कभी हो जाता बेकाबू!

निचली बोर गांव के 20 वर्षीय सुना पुत्र दीता के मानसिक विशेष योग्यजन का न उपचार न योग्यजन प्रमाण पत्र!

दुर्गम गांवों में कई प्रकार के विशेष योग्यजन उपचार एवं प्रमाण पत्र के मोहताज हैं ऐसा ही एक मानसिक मरीज देलदर तहसील के ग्राम निचलीबोर में सामने आया है,। जिसकी मनोदशा 20 वर्ष की अल्पायु में ही मानसिक रोग की जकड़न में है।

– कभी हो जाता बेकाबू:-

मानसिक रोग पीड़ा से ग्रस्त चुना के पिता दीताराम गरासिया ने बताया कि वह 6- 7 वर्षों से मानसिक विमंदीत हो गया है, कभी-कभी वह कुछ नहीं सुनता और मारपीट करने पर उतारू हो जाता है।

उसका पिता इसका मानसिक अस्पताल में उपचार करवाना चाहता है, जिससे वह सामान्य मनोदशा मे लौट आए। और विशेष योग्यजन के प्रमाण पत्र के बाद दिव्यांग जनों की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके।

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