सिरोही(हरीश दवे) ,

*गोयली पंचायत की बोकी भागली के घर रोशनी से होगे जगमग*

*बोकी भागली 150 आदिवासी परिवारों से आबाद है*

*विधायक संयम लोढा के प्रयासों से परिवारों को मिलेगी रोशनी*

*वन विभाग ने विद्युतीकरण के लिए 0.594 हैक्टेयर भूमि देने की दी अनुमति*

गोयली पंचायत क्षेत्र के गांव बोकी भागली को अंधेरे से उजाले में लाने कापथ प्रशस्त हो गया है। वर्षो से लंबित कार्यवाही को नतीजे तक पहुंचातेहुए वन विभाग ने बोकी भागली में विद्युतीकरण के लिए 0.594 हैक्टेयर भूमि देने की अनुमति प्रदान कर दी है। उम्मीद है कि मई माह में बोकी भागली के घर बिजली से रोशन हो सकेंगे। बोकी भागली में 150 आदिवासी परिवारों से आबाद है। विधायक संयम लोढा गत साढे 4 साल से वन विभाग से भूमि प्राप्त करने के लिए प्रयासरत थे।विधायक संयम लोढा के प्रयासों से बोकी भागली के आदिवासियों को बिजली की रोशनी नसीब होगी। लम्बी लडाई के बाद वन विभाग ने वन क्षेत्र में बिजली की लाइन बिछाने की स्वीकृति जारी की। आदिवासी ढाणी बोकी भागली में विद्युतीकरण हेतु प्रयोक्ता अभिकरण जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड सिरोही द्वारा परिवेश पोर्टल पर वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गत प्रकरण से 21996/2016 का आवेदन किया गया। उक्त प्रपोजल में अत्यधिक कमियां होने के कारण वर्ष 2022 में प्रयोक्ता अभिकरण द्वारा परिवेश पोर्टल से प्रपोजल पंजीकृत करवाया गया। प्रयोक्ता अभिकरण जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेडए सिरोही द्वारा पुन: आदिवासी वाणीबोकी भागली में विद्युतीकरण हेतु वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अन्तर्गतपरिवेश पोर्टल 10 पर आवेदन 150794/2022 एवं संशोधित नियमानुसार पुन: परिवेश पोर्टल 2.0 पर आवेदन संख्या 402437/2022 द्वारा आवेदन किया गया।पुन: प्रयोक्ता अभिकरण जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड सिरोही एवं सरपंच ग्राम पंचायत गोयली के द्वारा बोकी भागली आदिवासी ढाणी विद्युतीकरण के लिये अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी वन अधिकारी की मान्यता अधिनियम 2006 एवं नियम 2006 की धारा 3/2 के अन्तर्गत वन विभागमें आवेदन किया गया जिस पर कार्यवाही करते हुये वन विभाग द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 23 को आदिवासी ढाणी बोकी भागली में विद्युतीकरण हेतु नियमानुसार अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी वन अधिकारों की मान्यता अधिनियम 2006 एवं नियम 2005 की धारा 3/2 के अन्तर्गत स्वीकृति जारी की। वन अधिकारी शुभम जैने पत्र जारी कर बोकी भागली आदिवासी ढाणी मेंविद्युतीकरण कार्य को लेकर स्वीकृति पत्र जारी किया।*यू चलां घटना क्रम, विधायक के प्रयासो से मिली अनुमति-* मार्च 2013 में बोकी भागली के 30 घरेलू कनेक्शन हेतु आवेदन मुख्यमंत्री विधयुत सबके लिए योजना के अंतर्गत प्राप्त हुये जिसमे दिनांक 31 मार्च 2013 डिमांड जारी किए गए। आवेदको द्वारा डिमांड माह अप्रैल 2013 में जमा करवा दिये गए।विधयुत निगम द्वारा तदनुरूप कार्यवाही करते हुये कार्य आदेश जारी कर विधूत लाइन सामग्री भिजवा दी गयी थी मगर वन विभाग द्वारा ढाणी के वन क्षेत्र में होने से वन विभाग की अनुमति मांगी गयी। वन विभाग से अनुमति हेतु ग्राम सभा के प्रस्ताव सलग्न कर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन दिनांक 14 जून 2013 को जिला वन अधिकारी सिरोही को प्रस्तुत किया गया। पत्र 6871/12 जुलाई 2013 द्वारा उप वन सरंक्षक सिरोही द्वारा उक्त प्रकरण लौटाते हुये प्रकरण को एफसीए एक्ट मे सीधे प्रधान मुख्य वन सरंक्षक वन सुरक्षा एवं नोडल अधिकारी एफसीए जयपुर भेजने हेतु कहा गया। प्रकरण प्रधान मुख्यवन सरंक्षक वन सुरक्षा एव नोडल अधिकारी एफसीए जयपुर को 17 जुलाई 2017 द्वारा भिजवा दिया गया मगर अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन सरंक्षक वन सुरक्षा एव नोडल अधिकारी के पत्र क्रमांक 8001, 2 सितम्बर 2013 द्वारा 14 आपतियोंके साथ प्रकरण पुन लौटा दिया गया। इस संबंध में सर्वे व फील्ड सर्वे काकार्य सहायक अभियंता सिरोही स्तर पर करते हुये जिला कलेक्टर सिरोही से वांछित प्रमाण पत्र हेतु पत्र 3231, 30 जनवरी 2014 को अधीक्षण अभियंता सिरोही को प्रेषित किया गया। जिला कलेक्टर सिरोही द्वारा जारी निर्देशों की पालना में उप वन सरंक्षक द्वारा 2351, 14 मार्च 2014 द्वारा राजस्व भूमि आवंटन हेतु अधीक्षण अभियंता सिरोही को लिखा गया। अधीक्षण अभियंतासिरोही से पत्र 167/23, 3 अप्रैल 2014 द्वारा जारी निर्देशानुसारसंबन्धित पटवारियों से संपर्क कर भूमि संबंधी जानकारी प्राप्त कर तहसीलदार सिरोही को प्रमाणित नकल उपलब्ध करने हेतु लिखा गया। प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने से कार्यालय सहायक अभियंता सिरोही द्वारा पत्र1666, 14 नवंबर 2014 द्वारा उप वन सरंक्षक सिरोही को उचित मार्गदर्शन हेतु निवेदन किया ताकि शीघ्र अनुमति प्राप्त हो सके। पुन: शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने हेतु आवेदन ग्राम पंचायत प्रस्ताव के तहत वन मण्डल अधिकारी सिरोही को भिजवाया गया। प्रकरण को एफसीए के तहत ऑनलाइन आवेदन दर्ज करवायागया जिसमे बार बार कामिया व आपतियाँ आने से निगम स्तर पर उसे ठीक करने का हर संभव प्रयास किया गया मगर तकनीकी सर्वे की बारीकियाँ व डीजीपीएस मैप इत्यादि के चलते ऑनलाइन आवेदन को दूरस्त करने के आशय से कंसल्टेंसी की सहायता उपलब्ध करने हेतु उच्चाधिकारियों से निवेदन किया गया। कंसल्टेंट कोटेसन दिनांक 8 जनवरी 2020 पर आगे की ऑनलाइन प्रक्रिया को पूर्ण करने हेतु दिनांक 7 अगस्त 2020 को कार्य आदेश जारी किया गया। सम्पूर्ण सर्वेकई प्रकार की राजस्व रिपोर्ट कई प्रकार के प्रमाण पत्र, फील्ड रेपोट्र्स, नक्शे इत्यादि अपलोड किए गए। वन विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुयेकई बार आवेदनो मे सुधार परिवर्तन भी करना पड़ा।

इस मामले मे सिरोही विधायक संयम लोढा ने लगातार प्रयास करते हुए राज्य सरकार वउच्चाधिकारियों को पूरे मामले से समय समय पर अवगत कराते रहे। बार बारआवेदन मे आ रहे ऑबजरवेशन को देखते हुये सहायक अभियंता सिरोही व कॉसल्टेंट ने जयपुर जाकर प्रधान मुख्य वन सरंक्षक वन सुरक्षा एवं नोडल अधिकारी से दिनांक 27 मार्च 2023 को मिलकर मार्गदर्शन प्राप्त किया व आवेदन की त्रुटियों में आवश्यक सुधारों की जानकारी ली। साथ ही इस बाबत जानकारीप्राप्त हुयी कि आवश्यक भूमि का आवंटन जिला स्तर पर ही एफआरए अंतर्गत किया जा सकता है। इस संबंध में विधायक संयम लोढा ने उप वन सरंक्षक सिरोही को आवश्यक कार्यवाही व सहयोग के लिए निर्देश दिये। ग्राम सभा के अनुमोदितप्रकरण मय अन्य दस्तवेज एक बार पुन: उप वन सरंक्षक सिरोही कार्यालय में 6 अप्रैल 23 को प्रस्तुत कर दिया गया जिस पर कार्यालय उप वन सरंक्षक सिरोही द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2023 को आवश्यक स्वीकृति जारी की।

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