माउंट आबू, १६ अप्रेल,

किशनलाल V24 न्यूज,

ज्ञान वही श्रेष्ठ जो चरित्र को भी श्रेष्ठ बनाये ,

ब्रह्माकुमारी संगठन के ज्ञान सरोवर में शिक्षक सम्मेलन का खुला सत्र ।

रोहतक महर्षि दयानंद युनिवर्सिटी कुलपति प्रो. राजवीर सिंह ने कहा कि ज्ञान वही श्रेष्ठ होता है जो हमारे चरित्र को श्रेष्ठ बनाता है, मन को श्रेष्ठ व पवित्र बनाता है, जीवन को दिव्य बनाता है। समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करे। मूल्यरहित शिक्षा स्वयं ही अर्थ विहीन हो जाती है। ब्रह्माकुमारी संगठन द्वारा शिक्षाविदों को मूल्यों का समावेश करने का मंत्र सीखना चाहिए। मूल्यों की पुर्नस्थापना के लिए नैतिक व आध्यात्मिक शिक्षा पर हर संभव बल दिया जाना आवश्यक है। मूल्यों की गिरावट के माहौल में मनुष्य अपनी पहचान कैसे बरकरार रखे इस पर चिंतन की आवश्यकता है वे रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ज्ञान सरोवर परिसर में शिक्षा प्रभाग द्वारा नई पीढ़ी के शिल्पकार शिक्षक विषय पर आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन खुले सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व बच्चों के स्कूल बैग केे वजन से नहीं बल्कि उनके आंतरिक निर्माण से आंका जाना चाहिए। मूल्यविहीन शिक्षा से बौद्धिक विकास तो होता है लेकिन संस्कारों को श्रेष्ठ बनाना व राष्ट्रहित में योगदान देने को प्रेरित करने के लिए मूल्यों से परिपूर्ण शिक्षा का होना आवश्यक है। अफ्रीका मलावी गणराज्य से आए मलेनियम युनिवर्सिटी कुलपति डॉ. एस.बी. शर्मा ने कहा कि आध्यात्मिक व नैतिक मूल्यों के बलबूते पर ही शिक्षास्तर की गुणवत्ता में सुधार होगा। सामाजिक विसंगतियों को दूर करने के भगीरथ कार्य में जुटा ब्रह्माकुमारी संगठन समूचे विश्व में मूल्यों का प्रकाश फैलाने दिन दुगनी रात चौगुनी प्रगति कर रहा है।

शिक्षा प्रभाग की क्षेत्रीय संयोजिका डॉ. बीके ममता ने कहा कि समाज में मूल्यों की पुर्नस्थापना को मूल्य आधारित शैक्षणिक पाठयक्रमों का समावेश करना निहायत जरूरी है। बच्चों को चरित्रवान संस्कारों का पोषण मिले उसके लिए अभिभावकों व शिक्षकों को भी अपने शैक्षणिक सिद्धांतों पर खरा उतरने की आवश्यकता है।

प्रभाग की दक्षिणी भारत कालाबुरजी संयोजिका बीके सविता ने मंच संचालन कर वर्तमान समय शिक्षकों के दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को रोचक तरीकों से श्रेष्ठ संस्कारों के लिए प्रेरित करने पर बल दिया।

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