सिरोही ,राजस्थान ।।
सिरोही नगर परिषद पेराफेरी बेल्ट बना भूमाफियाओं की स्वर्ग स्थली,बेरोकटोक निर्माण हो रहे अवैध बांध काम, जिला कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद नही हुआ गोवंष समस्या का समाधान,
नव नियुक्त कार्यवाहक आयुक्त क्या सुधार पाएंगे नगर परिषद के हालात?
सिरोही(हरीश दवे),
एक तरफ निर्दलीय विधायक सिरोही जिला मुख्यालय पर विभिन्न विकास कार्यो की हर क्षेत्र में झड़ी लगा रहे है।वही नगर परिषद के भूमाफियाओं के मदद गार प्रशाशन ने नगर में अवैध निर्माण कार्यो व स्वीकृत नक्शा प्लान के निर्माण कार्यो की झड़ी लगा दी है।जिसमे खण्डेलवाल मन्दिर के सामने निर्माण तीव्र गति से चल रहा है व बस स्टैंड रोड, महात्मा हॉस्पिटल के निकट व पूरे शहर में अवेद्ध निर्माण की बाढ़ में अतिक्रमन करियो ने कालकाजी मार्ग,शार्दुलपुरा,टांकरिया, अखेलाव तालाब पहाड़ी पर अतिक्रमन आम देखे जा सकते है। गत दिन चेनल पर समाचार प्रकाशित होने पर शिकायत कर्ता की करीब एक महीने से शिकायत के बाद आज आय्युक्त महेंद्र सिंह के निर्देश के बाद एसआई अनिरुद्ध सिंह व पूर्व आर आई रतनाराम प्रजापत ने 1952 के रियासत कालीन पट्टे की चतुर्दशी पे भूमि की पैमाइश की तो गोरवाल समाज के व्यक्तियों ने आपत्ति जताई।पूर्व आर आई व एसआई कोई नगर परिषद का पट्टा ले कर नही आये व खेतलाजी मन्दिर जो पूर्व में खालसा भूमि चतुर्दशी में दर्ज था वहां पर सड़क सीमा को छोड़ के निर्माण बना हुआ था व जब जमीन की पैमाइश हुई तो समीप ही भैरूजी के थान तक पहाड़ी तोड़ी गई।शिकायत कर्ता ने आय्युक्त व सभापति स सवाल किया की जो भी शख्स वहां पर क्रेशर से सड़क किनारे पहाड़ी 50 फीट तक काट के समतल कर चुका है तो क्या पहाड़ी तोड़ने व पत्थर ठिकाने लगाने की परमिशन दी है।जिसका जवाब नही मिला। वही नगर में ई मित्रों पर विविध प्रकार के बन रहे पट्टो में पत्रावली तैयार करने वाले सिस्टम की भूमिका ही संदिग्ध है। नगर परिषद मे 2 बरस से पट्टे की आस में नियमानुसार अर्जी लगा चुके समाज सेवी भरत संघवी को अभियान में भी पट्टा नही मिला और अवेद्ध निर्माण कर्ताओं के अभियान के दौरान हौसले बुलंद है।। आगामी 21 अप्रैल से नगर में सिरोही स्थापना महोत्सव होने वाला है पर नगर की टूटी फूटी सड़को के टेंडर हो चुके पर खड्डे नही भरे जा रहे।जिसमे सर्वाधिक त्रस्त कचहरी परिसर जाने वाले मुख्य सरुपविलास-आयुर्वेदिक सड़क मार्ग पर नित रोज सड़क दुर्घटनाओ में आम जन जख्मी हो रहा है।वही जिला कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद लाखो रुपये गोवंष सरंक्षण व अर्बुदा गोशाला के रखरखाव में फूंकने वाले नगर परिषद प्रशाषन ने पशुपालको द्वारा जान बूझ कर छोड़े गए गोवंष व भटकते नन्दियो को अर्बुदा गोशाला के हवाले नही किया जिसके परिणाम स्वरूप दर्जनों लोग आवारा पशुओं की चपेट मे चोटिल होंगे।

सिरोही नगर परिषद पेराफेरी बेल्ट में विगत भाजपा बोर्ड के समय नगर की बेश कीमती भूमि भूमाफियाओं ने हडपी व बोर्ड के अधिकांश पक्ष विपक्ष के पार्षदो के एजेंडे में नगर की आम जनता की समस्या के निदान से ज्यादा अन्य कार्यो में ज्यादा दिलचस्पी है व विपक्ष ने गत भाजपा बोर्ड की जो कारगुजारिया शेष रह गई थी उन्हें पूरा करने में ज्यादा रुचि है।और नगर परिषद में चल रहे ठेकेदार व भूमाफिया राज में आयुक्त महेंद्र सिंह राजपुरोहित गहलोत सरकार व सीएम सलाहकार के विकास कार्यो की सख्त मोनिटरिंग कर नगर परिषद के राजस्व नुकसान देने वाले सिस्टम को बदलते है या नगर परिषद के भूमाफिया राज सरंक्षण नीति को बल देते है।पर नगर के प्रमुख सड़क चौराहो व पैलेस रोड पर पनपाये अवेद्ध बाजार को ओर गुलजार करते है।इस पर जनता की गहरी नजर है व आवारा पशुओं व सड़क खड्डडो व सीवरेज रोड निर्माण की बदहाली में गले तक भर आईं नगर परिषद क्षेत्र की जनता के आक्रोश का लावा नगर परिषद प्रशाषन के करप्ट सिस्टम के खिलाफ फट सकता है।
