कालंद्री / सिरोही ।

महात्मा ज्योति बा फुले की जयंती पर नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र कालन्द्री में नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया। जिसमें केन्जल दवे नेत्र विशेषज्ञ ने सभी लाभार्थियों को कहा की शरीर मे सबसे कमजोर कोमल आँख है जिसकी पूरी तरह से ध्यान रखना जरूरी है डिजिटल युग मे मोबाइल से मनोरंजन के समय के साथ नेत्र के लिए भी घातक है नेत्रों को आराम की जरूरत है वही मंगेश ओझा ने प्रत्येक व्यक्ति की बारिकी से जाँच करके उनको सुरक्षा के उपाय बताए। वही ग्रामीण उत्थान मानव सेवा संस्थान अध्यक्ष रामलाल विश्नोई ने नशा मुक्ति के लिए विशेष अभियान से नए जीवन की शुरआत होगी। देश मे क्रांति तभी आएगी जब युवा नशे से मुक्ति से आजादी मिलेगी नए भारत,राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाएंगे।वही शिक्षक जतिन कुमार ने बताया की महात्मा ज्योति बा फुले प्रथम शिक्षक ही नही समाज सुधारक रहे जो शिक्षित समाज को बनाने में विरोध होने बावजूद भी शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। वही एन एस एस प्रभारी श्रवण कुमार ने भी विशार व्यक्त किये गए।

इस मौके पर नटवर सिंह राजीव गांधी मित्र ने बताया की राजस्थान सरकार ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर जनता की मांग अनुसार अवकाश धोषित किया गया और महात्मा ज्योतिबा फुले का सपना था शिक्षा के प्रति जो राज्य सरकार ने कॉलेज,स्कुलो में जो बढोतरी की है जो एतिहासिक है। इस अवसर पर परियोजना समन्वयक सीताराम सारण, मगनलाल प्रजापत ओबीसी कोंग्रेस महासचिव, रतन माली सँगठन मंत्री,देव किशन, डूंगाराम देवासी, स्वास्थ्य कर्मी,प्रभाराम घांची, मोतीलाल,उकाराम मेघवाल,जगमालराम देवासी, मदन लाल सेन,भूराराम,गजरी,विमला,अशोक, गोविंद कुमार,प्रबाराम चौधरी,शांतिलाल,मोडाराम घांची के साथ संस्था के मरीजों की उपस्थिति में नेत्र जांच शिविर का सफल आयोजन हुआ।

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