सिरोही ||
आदिवासी बालिका (50 बेडेड) छात्रावास का हुआ शिलान्यास ।
सिरोही(हरीश दवे),
जिला मुख्यालय के राजकीय कन्या महाविद्यालय पुराना दूरदर्शन केन्द्र के पास आदिवासी बालिका (50 बेडेड) छात्रावास का शिलान्यास मुख्यमंत्री सलाहकार एवं विधायक संयम लोढा व मारवाड क्षेत्रीय जनजाति विकास बोर्ड (माडा) उपाध्यक्ष श्रीमती कीर्तिसिंह भील ने विधिवत रूप से किया। इस मौके शिलान्यास समारोह में विधायक संयम लोढा ने कहा कि जनजाति बालिका छात्रावास हमारी बहुत बडी जरूरत थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सकारात्मक सहयोग से शिवगंज जनजाति का बालिका छात्रावास निर्माणाधीन है और सिरोही में भी निर्धारित अवधि में बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जन जाति वर्ग को उपर उठाने एवं उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए जनजाति विकास बोर्ड का गठन किया है। विधायक लोढा ने कहा कि हमारा देश सदैव जनजाति वर्ग का ़ऋ़णी रहेगा। इस संदर्भ में उन्होंने सबरी माता, महाराणा प्रताप की सेना सेनापति राणा पूंजा एवं लिलूडी बडली पर शहीद हुए आदिवासियों को याद कर कहा कि जनजाति वर्ग में सदियों से देश सेवा में अपने प्राणों का बलिदान दिया है।
इस अवसर विधायक लोढा ने कहा कि विगत 75 वर्षो में सरकार द्वारा भरपूर प्रयासों के बावजूद भी आदिवासी वर्ग उस स्थान पर नहीं पहुच पाया , जहां उन्हें होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्र का निर्धारण भौगोलिक क्षेत्र की स्थिति के आधार पर नहीं कर सांस्कृतिक आधार किया जाना चाहिए ताकि समान पृष्ठ भूमि वाले आदिवासियों को समान अधिकार व लाभ मिल सके। उन्होंने जन जाति वर्ग का आव्हान किया कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए भरसक प्रयत्न करें। वर्तमान में जिले में उच्च अध्ययन की समस्त सुविधाए उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि हमारा पडौसी भूखा सो जाए , तो इससे बडा कोई पाप नहीं है। इसी भाव को हमें ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए ताकि देश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होता रहें। उन्होंने जिले में उपलब्ध सुविधाओं जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने जिले में मेडिकल काॅलेज, नर्सिग काॅलेज, पशु महाविद्यालय, शिक्षा के क्षेत्र में शिवगंज में महिला महाविद्यालय, कालन्द्री में महाविद्यालय, महिला महाविद्यालय सिरोही को पीजी में क्रमोन्नत करने, सिरोही महाविद्यालय में एमबीए, विधि विद्यालय को पीजी में क्रमोन्नत करने, संस्कृत महाविद्यालय, वेद विद्यालय खोले गए है, इसलिए जिले के बालक-बालिकाए किसी भी क्षेत्र में शिक्षा ग्रहण कर सकते है।
मारवाड क्षेत्रीय जनजाति विकास बोर्ड (माडा) उपाध्यक्ष कीर्तिसिंह भील ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं उनके सलाहकार संयम लोढा के अथक प्रयासों से बिखरी हुई जन जाति को मुख्यधारा में जोडने के उद्देश्य से जनजाति विकास बोर्ड का गठन किया गया है। उन्होने जनजाति वर्ग का आव्हान किया कि वे रूढिवादी परम्पराओं को छोडकर आगे बढें एवं अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए पे्ररित कर, उन्हें उन्नति के मार्ग पर प्रशस्त करें। उन्होंने कहा कि विगत 4 वर्षो में सरकार ने न सिर्फ जनजाति वर्ग के लिए बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के विकास को दृष्टिगत रखकर कार्य किए है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन की मुख्य आवश्यकता शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार है। प्रदेश सरकार आमजन की इन आवश्यकताओं को पूरी करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस मौके पर निम्बाराम गरासिया, तलसाराम भील, प्रकाश मीणा एवं अन्य जनों ने सम्बोधित करते हुए आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में किए जाने वाले कार्यो जानकारी दी एवं विकास पुरूष विधायक संयम लोढा के अथक प्रयासों की सराहना की। समारोह में सिरोही नगर परिषद के सभापति महेन्द्र मेवाडा, नगरपालिका अध्यक्ष कानाराम भील, उपसभापति जितेन्द्र सिंधी, हेमलता शर्मा, हरीश राठौड, , प्रकाश प्रजापति, मुख्तीयार खान, शिवगंज पूर्व प्रधान अचलाराम माली, भूपेश देवासी, दशरथ नरूका समेत आमजन मौजूद थे।
