भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बदलाव के बाद सिरोही जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज,
क्या जिला भाजपा संगठन में भी होगा बदलाव? कौन होगा सरताज?
सिरोही(हरीश दवे),
राजस्थान की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों से पूर्व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पद पर उदयपुर सांसद व प्रदेश उपाध्यक्ष सीपी जोशी को नियुक्त कर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मेवाड़ संभाग में कटारिया जी के असम राज्यपाल बनने से कमजोर हुए भाजपाई प्रभाव व प्रदेश की जातिवादी राजनीति में ब्राम्हणों के भाजपा के विमुख होने व पलायन से रोकने में भी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के प्रदेशाध्यक्ष बनाना केंद्रीय नेतृत्व के लिए तब जरूरी हो गया।जब संघ प्रष्ठभूमि के भाजपा के शांत शालीन निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पुनिया अपने कार्यकाल में भाजपा संगठन को आक्रामक विपक्ष नही बना सके।वही पूर्व सीएम व राजस्थान भाजपा की कद्दावर नेता श्रीमती वसुंधरा राजे ने संगठन व भाजपा के कार्यकर्ताओं व जनता में अपनी पकड़ कमजोर नही होने दी। अब भारत की केंद्र सरकार के पीएम मोदी का जादू देश की जनता पे सिर चढ़ के बोल रहा है।वही तमाम राजनीतिक व विपक्षी दलों व अपनी ही पार्टी की कलह से निपटते जादूगर सीएम ने डिप्टी सीएम सचिन पायलट के पर क़तर निर्दलीय विधायको व सिरोही निर्दलीय विधायक संयम लोढा व अपने समर्थक विधायको की सूझबूझ से रही राज्य सरकार को कोरोना व राजनीतिक अस्थिरता से उबार बखूबी चलाया व मौजूदा करिश्माई बजट में ओल्ड पेन्शन स्कीम देने का फच्चर व जिलों को बढ़ाने के फेसलो पर मचे राजनीतिक कोहराम में गहलोत जादूगरी दिखाई जिसका कोहराम प्रदेश की राजनीति पर दिख रहा है।
इन सब के बीच भाजपा आलाकमान ने डॉ सीपी जोशी जो प्रदेश के ब्राम्हण समुदाय ही नही युवाओ के भी चहेते नेता है जिनपे भाजपा को दुबारा सत्ता में लाने की चुनोती है।व निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पुनिया जिन्हें पद से हटाने के बाद कार्यकर्ताओ का विरोध भी भाजपा को झेलना पड़ सकता है।पर पीएम मोदी टीम के राजस्थान के पांच केंद्रीय मंत्री सांसद अर्जुनराम मेघवाल,गजेन्द्रसिंह शेखावत,भूपेंद्र यादव,कैलाश चौधरी को प्रदेश में भाजपा को सत्ता वापसी के कार्य मे संगठन को मजबूत करने की दिशा में लगा दिया है।
प्रदेश में सर्व विदित है की कोंग्रेस अगला विधान सभा चुनाव सीएम गहलोत की कमान में ही लड़ेगी।पर खण्ड खण्ड विभक्त मोदी योगी के नाम पे तैर रहे भाजपा संगठन के विगत जन आक्रोश रैली व विपक्ष की भूमिका व जिले वार संगठन के हालात भाजपा का शीर्ष नेतृत्व बखूबी जानता है।और पीएम मोदी हर हाल में मिशन 2024 से पहले राजस्थान की विधानसभा में कमल सरकार बनाना चाहते है।पर मुख्यमन्त्री का चेहरा कौन होगा ये तो चुनाव परिणाम के बाद मोदी मैजिक से तय होगा।पर राजस्थान में भाजपा पूर्व सीएम वसुन्धरा राजे के सामूहिक नेतृत्व के बिना कोंग्रेस को शिकस्त वर्तमान हालातो में नही दे सकती व भाजपा संगठन भी वसुंधरा राजे की अहमियत को नकार नही सकता।
वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के चयन में पूर्व नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, निवर्तमान अध्यक्ष सतीष पुनिया,पूर्व सीएम राजे के अलावा किसी का भी विरोध नही रहा।संगठन से जुड़े प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने भाजपा युवा मोर्चा की रास्ट्रीय कमान संभाली हुई है।व प्रदेष निष्क्रिय युवा ,किसान व अन्य मोर्चा प्रकोष्ठों को सक्रिय करने में आक्रामक तेवर से संगठन को मजबूत तो कर सकते है जिसके लिए उन्हें संगठन में बूथ स्तर तक बदलाव लाने होंगे।। अगर मोदी मैजिक ने आगामी विधानसभा चुनावों में जादूगर गहलोत को शिकस्त देने की रणनीति चाल चली तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सीएम के दावेदार हो सकते है और पीएम मोदी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को उप राष्ट्रपति पद और राजस्थान फतह की रणनीति में किसान नेता व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी व प्रदेषाध्यक्ष सीपी जोशी भी भाजपा सीएम के चेहरे हो सकते है। उधर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के बनने के बाद भाजपा के कार्यकर्ता सरजावाव दरवाजे में खुशियों में झूमे।अब सिरोही विधानसभा क्षेत्र तो भाजपा कोंग्रेस मुक्त है।भाजपा में विधायक दावेदारो की कतार है और जल्दी भाजपा के जिलाध्यक्ष का भी बदलाव होगा।पर इस बदलाव के बाद निर्दलीय विधायक संयम लोढा भाजपा कोंग्रेस युक्त को क्या भाजपा संगठन शिकस्त दे पायेगा?

