प्रकाश प्रजापति को मिला “बहुप्रान्तीय सेवा विभूषण अवार्ड” सम्मान ।

 सिरोही(हरीश दवे),

लायंस क्लब अंतरराष्ट्रीय के बहुप्रांत 3233  के द्वारा लायंस क्लब सिरोही के लायन प्रकाश प्रजापति के द्वारा असहायो हेतु मानव सेवा ,लावारिश एवं मृतक शरीरो के लिए निरंतर किये जा रहे अधभुत सेवा कार्यो  हेतु  बहुप्रांत 3233  के आसन्न्पुर्व बहुप्रान्तीय अध्यक्ष लायन जयप्रकाश अग्रवाल द्वारा जारी अवार्ड को पूर्व बहुप्रान्तीय अध्यक्ष लायन अविनाश शर्मा ने रविवार को समाजसेवी लायन प्रकाश प्रजापति को बहुप्रान्तीय एचिवमेंट अवार्ड “ बहुप्रान्तीय सेवा विभूषण अवार्ड “ देकर सम्मानित किया |  यह अवार्ड बहुप्रांत 3233 में राजस्थान ,मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ कार्यरत  822 क्लबो में विशिष्ठ सेवा कार्यो हेतु प्रदान किया गया| इस दौरान  दौरान लायंस क्लब सिरोही के अध्यक्ष महेंद्र कुमार मेवाडा , डॉ. बी. सी. सिन्हा , विनोद हरण , कुंदन सिंह देवड़ा , योगेश बोबावत . जय विक्रम हरण सहित गणमान्य उपस्थित थे। इससे पूर्व प्रजापति को लायंस क्लब के सम्भागीय अधिवेशनों में सात बार संभाग रत्न , सर्वश्रेष्ठ अध्यक्ष, प्रांतीय सेवा रत्न, बहुप्रान्तीय उत्कृष्ठ मानवीय सेवा रत्न, जिला स्तरीय स्वतंतन्त्रता एवं गणतंत्र दिवस समारोह में जिला कलेक्टर के द्वारा चार बार एवं राज्य स्तर पर चेंजमेकर ह्यूमैनिटी अवार्ड, समेत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा जयपुर में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में  समान्नित  एवं समाजसेवा हेतु अन्य पुरस्कारों से कई बार सम्मानित किया जा चुका है।

   *इसलिए मिला अवार्ड *

: प्रकाश प्रजापति को यह पुरस्कार पिछले 23 वर्षों से उनकी ओर से हर समय पीड़ित मानव सेवा में निःस्वार्थ भाव से किये गए सेवा कार्य के साथ शव वाहिनी एवं मोक्ष रथ का संचालन कर ईंधन का खर्चा स्वयं की जेब से वहन करते हुए, बिना ड्राइवर रख  शव वाहिनी एवं मोक्ष रथ को स्वयं ड्राइव कर सिरोही एवं आस पास के 35 किलोमीटर के दायरे में पिछले साढ़े 10 सालो  में अभी तक कुल 1100 से अधिक  शवो, एवं वही गत 2 वर्ष  के कोरोना संक्रमण काल मे लोग जीवित इंसानो के पास भी एक दूसरे के पास जाने कतरा रहे वही समाजसेवी लायन प्रकाश प्रजापति मुर्दा शवो को भी बेख़ौफ़ अपने जान की परवाह किये बगैर  सवा तीन सौ ज्यादा  शवो को जिसमे कोरोना संक्रमित(पॉजिटिव), कोरोना संदिग्ध, लावारिश लाशो का अंतिम संस्कार करने  सहित अन्य शवो को  गंतव्य स्थान पर पहुचाया। जिसमे कोरोना संक्रमण काल की भयानक दूसरी लहर के मध्य अप्रेल, मई के 32 दिनों में 94 कोरोना संक्रमित,लावारिश लाशो सहित अन्यो को शमशान घाट पहुचा कर अंतिम संस्कार करवाया। प्रजापाति  सेवा कार्य  हेतू पिछले दो दशक से पीडितार्थ / मानवीय सेवा  में 24 धंटे हमेशा स्वयं तन, मन धन से तत्पर रहते है,जो कार्य अभी तक कर रहे है। प्रजापाति ने मरणोपरांत देहदान संकल्प प्रक्रिया भी कर रखी ।

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