‘ *वृक्ष* , ‘ *नदी* , *और* ‘ *बादल* , *से* *प्रेरणा* *लेकर* *रक्तदान* *करता* *है* , *यह* *रक्तदाता* ,

पालनपुर -बनासकांठा (गुजरात)

आबूरोड (सिरोही),

किसी ने मधुर वचन में कह दिया है… वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते, नदी और कुआं अपना पानी खुद नहीं पीते, तथा बादल बरस कर उनके द्वारा रिमझिम वर्षा से उपजी फसलों से उत्पन्न अनाज की अपेक्षा नहीं रखते… उसी प्रकार एक परोपकारी रक्तदाता मनराराम गरासिया भैसासिंह भी अपना लहू पीड़ित मरीजों की कायापलट में उसी प्रकार परोपकार- स्वरूप अदा कर देता है।

आज भी पालनपुर के सुरेंद्र गुप्ता अस्पताल में मरीज मंसाराम पुत्र श्री रमा जी निवासी गांव भैसासिह ही को रक्त की आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान कर दिया। इससे पूर्व में 8 बार अन्य मरीजों के जीवन संकट में अपना लहू अदा कर चुके हैं।

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