मुख्यमंत्री ने गांधीवादी विचारक गोकुल भाई भट्ट को दी पुष्पांजलि, अजित फाउंडेशन व भारतीय सांस्कृतिक निधि ने भी किया श्रद्धा पूर्वक याद।
जयपुर/सिरोही (हरीश दवे),
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को जयपुर के गोकुल वाटिका में स्वतंत्रता सेनानी एवं गांधीवादी विचारक गोकुल भाई भट्ट की 125वीं जयंती वर्ष समापन एवं स्मारिका विमोचन समारोह में शिरकत की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भट्ट के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि भी अर्पित की ।
राजस्थान समग्र सेवा संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विधायक संयम लोढ़ा, शांति एवं अहिंसा निदेशालय के निदेशक मनीष शर्मा सहित शहर के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
जिला मुख्यालय पर भी देश की आजादी के आंदोलन में गांधी,नेहरू,पटेल के साथ अहम भूमिका निभाने के साथ देश के संविधान निर्माण में निर्मात्री सभा के सदस्य के रूप में सिरोही जिले के हाथळ ग्राम में आज ही के दिन 1898 में महाशिवरात्रि को जन्मे राजस्थान के सपूत राजस्थान के गांधी,सर्वोदयी नेता,राजस्थान कोंग्रेस के पहले कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय गोकुल भाई भट्ट की 125 वी जन्मशती अजित फाउंडेशन ओर ओरिएंटल एंड सोसिअल स्टडीज एवम भारतीय सांस्कृतिक निधि के तत्वावधान में एसपी कॉलेज के सभागार में मनाई गई। कार्यक्रम में फाउंडेशन के निदेशक आशुतोष पटनी ने सीएम अशोक गहलोत के संदेश को पढ़ते हुए गोकुल भाई भट्ट के आजादी से पहले सिरोही रियासत के मुख्य मंत्री, प्रजा मण्डल के गठन व आजादी के आंदोलन,राजस्थान के एकीकरण,आबू के राजस्थान विलय,उनके सादा जीवन उच्च विचार और जरूरतमंदों की निस्वार्थ सेवा करने के साथ सामाजिक समरसता,आजीवन गांधी जी के आदर्शों पे चलते हुए भूदान,ग्राम दान,शराबबंदी,नशा मुक्ति पर उनके रचनात्मक कार्यो की जानकारी दी और कहा की उनके जीवन से हम सबको प्रेरणा लेकर आजादी के आंदोलन में सिरोही के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी को जानना चाहिए ओर राष्ट्र निर्माण में युवा पीढ़ी को देश के महान सपूत से प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में नया समाज मण्डल के रूपचंद सोनी ने भी अपने संस्मरण बताए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सेनि.उपनिदेशक सुरेशचंद्र दवे ने कहा की श्रद्धेय गोकुल भाई भट्ट सिरोही ही नही वरन राष्ट्र की धरोहर है।गांधी जी के आजादी के आंदोलन से प्रेरित गोकुल भाई भट्ट ने मुम्बई व गुजरात अहमदाबाद में रास्ट्रीय कोंग्रेस में अहम भूमिका निभाई।1942 अंग्रेजो भारत छोड़ो करो या मरो के नारे के साथ अगस्त क्रांति मैदान गोवालिया टैंक में उनकी अहम भूमिका रही वो 6 साल अंग्रेजो की गुलामी से मुक्ति के लिए छह साल जेल में रहे।गांधी जी के कट्टर अनुयायी गोकुल भाई ने स्वतंत्रता आंदोलन में नमक सत्याग्रह,प्रजा मण्डल आंदोलन व आपातकाल के दौरान इमरजेंसी का भी विरोध किया।ओर ग्राम स्वराज,खादी ग्रामोधोग,शराब बंदी व सर्वोदयी भाव से राष्ट्र सेवा में कार्य किया।
