पिण्डवाड़ा सेवा समिति अध्यक्ष काशीराम रावल ने पिण्डवाड़ा सिरोही जिला मुख्यालय का बोर्डिंग स्टेशन होने से प्रमुख रेल गाडियों के ठहराव दिये जाने की मांग की।
पिण्डवाड़ा- पिण्डवाड़ा विकास सेवा समिति अध्यक्ष काशीराम रावल ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर पिंड़वाडा़ सिरोही जिला मुख्यालय का बोर्डिंग स्टेशन होने से प्रमुख रेल गाडियों के ठहराव दिये जाने की मांग करते हुए बतायामहोदयजी, उपरोक्त विषयान्तर्गत लेख हैं की पिंड़वाडा़ रेल स्टेशन रेल्वे बोर्ड के नये नोर्मस अनुसार एन एस जी – 5 क्षैणी का मान दंड़ रखता हैं। हमारा सिरोही जिला मुख्यालय देश आजादी के 75 वर्ष बाद भी सीधी रेल सेंवा सें जुडने सें अब तक वंचित हैं । प्रथम चरण रेल सर्वे नई ब्रोड़गेज रेल लाईन जून 2016 में सिरोहीरोड़ सें मारवाड़ बागरा वाया सिरोही एवं द्वितीय चरण रेल सर्वे उदयपुर के खारवाचन्दरा सें सिरोहीरोड़ हुऐ आज तक सात वर्ष हो चुके हैं लेकिन बडे़ दुखः के साथ लिखना पड़ रहा हैं। कई बार सासंद श्री देवजी भाई पटेल द्वारा लोकसभा के पटल पर इसे रखा गया हैं लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा घाटे का सौदा बताकर एवं यातायत ट्राफिक नहीं के बहाने ठंडे बस्ते में डालकर इतिश्री कर दी गई हैं ,इस बहुआयामी महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट की आशा धूमिल होती जा रही हैं। अगर यह रेल प्रोजेक्ट को स्वीकृति नहीं दे सकते तो इसके नजदीकी रेल स्टेशन पिंड़वाडा़ को जिला मुख्यालय का प्रमुख स्टेशन होने का लाभ देकर कुछ महत्वपूर्ण रेल गाडियों का ठहराव देकर जिले के रेल उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जा सकता हैं। इस स्टेशन पर दो नगरपालिका पिंड़वाडा़, जावाल और सिरोही जिला नगर परिषद के साथ करीब छोटे बडे़ 57 ग्राम पंचायते लगती हैं। यह क्षैत्र आबुरोड़ सें केशवगंज तक बहुत बडा़ औधोगिक कोरीडोर हैं इसमें अजमेर रेल मंड़ल को सीमेंट / कंलिंकर माल ढुलाई सें प्रति वर्ष अरबों का रेल राजस्व देनें वाले बडे़ औधोगिक घरानो के सीमेंट प्लांट हैं (1) अल्ट्राटेक नाथद्वारा सीमेंट वर्कस आदित्य बिरला ग्रुप (तीन यूनिट) सांईडीग केशवगंज जों पिंड़वाडा़ सें मात्र चार किलोमीटर (2) लक्ष्मी सीमेंट जे के सिंघानिया ( दो यूनिट) जेके पूरम् सांईडीग बनास जों पिंड़वाडा़ सें 11 किलोमीटर दूर हैं।इन दोनों स्टेशन पिंड़वाडा़ के दोनों साईडिंग पर होने सें पश्चिमी डेडीकेटेड फ्रन्ट कोरीडोर जों रेल विभाग का सह उपक्रम हैं मालभाड़े का प्रमुख डी एफ सी सी स्टेशन बनाये गये हैं। इन दोनों सीमेंट प्लांटो सें प्रति वर्ष रेल विभाग के अजमेर रेल मंड़ल को मालभाड़े सीमेंट + कंलिंकर माल ढुलाई सें अरबों का रेल राजस्व प्राप्त हो रहा हैं । मेरे पास पिछले 12 वर्षो के वित्तीय वर्षों के सांख्यिक आँकड़े संकलित हैं जों प्रमाण स्वरूप संलग्न हैं जिन्हें मैंने ” सूचना का अधिकार 2005 नियम के अन्तर्गत प्राप्त किया हैं। पिंड़वाडा़ नगर को राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण ने इसके महत्वपूर्ण स्थिति को ध्यान में रखकर इसें राजमार्गों के रूप में रेल विभाग की शब्दावली में बडे़ सड़क जंकशन रूप में मान कर विकसित किया हैं। राष्ट्रीय राज मार्ग 62 ब्यावर- पिंड़वाडा़ (चार लाईन) वाया सिरोही मुख्यालय जों मात्र 23 कि मी , दूसरा राष्ट्रीय राजमार्ग 27 उदयपुर- पिंड़वाडा़ ( चार लाईन) यहाँ सें उदयपुर मात्र 100 किलोमीटर दूर है जों एक घंटे में पँहुचा जा सकता हैं। तीसरा स्टेट मेघा हाई वे संख्या 62 देसूरी- पिंड़वाडा़ ( दो लाईन) इस तरह यह नगर सड़क यातायात का प्रमुख टर्मिनल हैं लेकिन अफषोश हैं हमारे रेल विभाग के उच्च पद पर विराजमान विद्वान रेल अधिकारी अब तक इसका भौतिक सत्यापन नहीं कर इस स्टेशन पर ट्रेनो के ठहराव और भविष्य में मिलने वालें रेल यात्री भार के बढने की सँभावनाये नहीं खोज पाये हैं। मेरा सुझाव हैं पूर्वाग्रह को छोड़कर मेरे इस पर विशेष ध्यान दिलावें।पिंड़वाडा़ नगर पत्थर मार्बल्स, मंदिर निर्माण बारीक घडाई शिल्प के कारण “शिल्प हब” के रूप में विश्व विख्यात हैं यहाँ आस पास पूरे क्षैत्र में बडी़ छोटी सैकड़ों यूनिट कार्यरत हैं ।आपको जानकर खुँशी होगी दूनिया भर के बडे़ स्वामी नारायण मंदिरों का शिल्प यही हो रहा हैं । अयोध्या में निर्माणधीन भव्य ” भगवान् राम के मंदिर “की पत्थर का बेसिक शिल्प घडाई का कार्य यही हुआ हैं और हो रहा हैं।दूरी की द्ष्टि सें देखा जाय तो पिंड़वाडा़ आबुरोड़ सें 44 किलोमीटर दूर और जँवाई बाँध 40 किलोमीटर और फालना 102 कि मी दूरी पर हैं ।अतः मेरी रेल विभाग के उच्च पद पर विराजमान विद्वान रेल संचालन मंड़ल और जोनल मुख्यालय के रेल अधिकारियों सें निवेदन हैं की पूर्वाग्रह और पुराने आँकड़ों के मायाजाल फार्मूलो को छोडकर उपरोक्त सार गर्भित तथ्यो पर ध्यान देकर पिंड़वाडा़ को सिरोही जिला मुख्यालय का प्रमुख स्टेशन की तरह चँहुमुखी विकास इस ” अमृत योजना स्टेशन विकास के अन्तर्गत मास्टर प्लान की तरह सें करावें, सभी यात्री सुविधाओं का पब्लिक व्यू ़ओर सुझाव जरूर मीटिंग कर स्टेशन पर अब तक हुई त्रुटियों का निराकरण करावें। सभी यात्री शिकायतों पर गंभीरता सें जाँच कर जवाब दिलावें। भविष्य में यात्री भार के बढने की सँभावनाये को देखते हुऐ निम्न नियमित और साप्ताहिक ट्रेनो के ठहराव की समीक्षा अस्थाई छः माह का ठहराव देकर जिले के सभी यात्रियों, व्यापारियों, प्रवासियों औधोगिक समुह के श्रमिकों पर अनुग्रह कर लाभान्वित करावें। हम सभी रेल विभाग के आभारी रहेगें।निम्न महत्वपूर्ण ट्रेनो का छः माह हेतु अस्थाई ठहराव देकर यात्री भार की समिक्षा अपेक्षित हैं:-{1} आश्रम एक्सप्रेस Daily{2} जम्मूतवी एक्सप्रेस. Daily{3} अहमदाबाद -वाराणसी. Weekly{4} भगतकी कोठी- पुना Weekly{ 5}भगत की कोठी बेंगलुरू Weekly{ 6}श्री गंगानगर- कोच्चिवली Weeklyइस पिंड़वाडा़ स्टेशन पर रेल विभाग के संचालन शाखा ठहराव नहीं देकर किस तरह का भेदभाव व अनदेखी कर रही हैं उसका एक ताजा उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा हूँ इसकी जाँच भी विशेष विजिलेंस शाखा द्वारा अवश्य करनी चाहिए । मेहसाणा यार्ड में अनुरक्षण कार्य चल रहा हैं इसके लिये कुछ ट्रेनो का संचालन डायवर्ट कर मारवाड़ जं आबुरोड़, पालनपुर होकर संचालन किया जा रहा हैं उसमें आप ध्यान सें गौर फरमा कर देखेगे ं तो पायेंगे की उसमें छः ( 6) ट्रेनो का अस्थाई ठहराव मात्र 31 किलोमीटर दूरी पर स्थित तीन स्टेशनो के मध्य दिया गया हैं (1) रानी (2) फालना (3) जँवाई बाँध ( सबसे छोटे फासले पर) जबकि जँवाई बाँध सें आबुरोड़ कुल 84 की दूरी हैं । सिरोही जिला मुख्यालय के पिंड़वाडा़ पर भी तो दिये जा सकते थे। लेकिन ठहराव नहीं देकर अपनी हिन भावना का परिचय दिया गया हैं इस तरह सैकड़ो उदाहरण दे सकता हूँ की सिरोही जिले के रेल यात्रियों के साथ कैसा अन्याय हो रहा हैं। जबकि अजमेर रेल मंडल को इस रेल खंड सें मालभाड़े और पैसैजर यात्री भार सें सिरोही जिला प्रति वर्ष अरबों का रेल राजस्व दे रहा हैं । जों सबसें ज्यादा हैं अतः मेरा और पिंड़वाडा़ विकास सेंवा समिति के सभी सम्मानित पदाधिकारी यों , सदस्यों का आपसे आग्रह हैं इसकी निष्पक्ष जाँच रेल्वे बोर्ड की विशेष शाखा द्वारा निश्चय ही जन हित / यात्रीहित में की जानी चाहिए।
