सडक सुरक्षा सप्ताह के तीसरे दिन वाहन चालको से की डीटीओ ने की समझाईश ।
जिला मुख्यालय की नगर परिषद में रही सड़के असुरक्षित,आम जन बेहाल ।
सिरोही(हरीश दवे)
32 वां सडक सुरक्षा सप्ताह के तीसरे दिन जिला परिवहन अधिकारी नानजीराम गुलसर , निरीक्षक अजीत, राजूराम एवं मोहनसिंह ने दुपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हैलमेट पहनने एवं चौपहिया वाहन चालकों को सीट बैल्ट हेतु प्रेरित करने के लिए गुलाब का फूल देकर समझाया गया व आईईसी सामग्री का भी वितरण किया।
राज्य सरकार से संबंधित समस्त योजनाओं यथा गुड सेमेरिटन दिशा-निर्देश, मुख्यमंत्री चिंरजीवी जीवन रक्षा योजना, मुख्यमंत्री चिंरजीवी सडक सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री चिंरजीवी बीमा योजना इत्यादी के बारें में भी वाहन चालको जानकारी दी गई तथा आवागमन स्थलों पर सडक सुरक्षा जन- जागरूकता के लिए वाहनों पर सडक सुरक्षा संदेश के स्टीकर एवं ट्रेक्टर ट्रोली, उट गाडी, बैलगाडी व पशुओं पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए गए ।
वही प्रतिवर्ष की तरह सरकारी सड़क सुरक्षा सप्ताह में नगर परिषद व यातायात पुलिस सड़क सुरक्षा सप्ताह में सड़कों को सुरक्षित नही रख सकी।जिला मुख्यालय पर जनता व बाहर से मकर सक्रांति की खरीद दारी में आई ग्रामीणों ने बस स्टैंड से बाजार,पालिका बाजार,आयुक्त निवास के बाहर,रामझरोखा,सरजावाव,पैलेस रोड व खंडेलवाल मन्दिर तक अस्थायी अवैध अतिक्रमन,अवैध पार्किंग व आवारा पशुओं के भटकने की वजह से फूट पाथ विहीन आवागमन पथ में गहरी दिक्कतें देखी देखी।
लेकिन सड़क सुरक्षा सप्ताह में जान माल की जोखिम पर नियमो के विपरीत बिना नेम प्लेट के रेती,बजरी परिवहन ट्रेक्टर, तालाबो में मलबे डालते कृषि कार्य वाले व्यवसाईक ट्रेक्टर,बाल वाहिनियां,ओवर लोडिंग वाहन सड़क पे आड़े तिरछे वाहनों के मकड़ जाल से क्या सरकारी सिस्टम कर अदा कर यातायात साधनों से नियमानुसार आने जाने व चलने फिरने योग्य सड़क चौराहों की समस्या का संमाधान लोकल राजनित्ति होंने नही देगी और असुरक्षित सड़को पे सड़क दुर्घटनाओं में कमी सड़क व परिवहन कानूनों को कड़ाई से लागू नहीं होंगे तो नुकसान तो आम जन को ही भुगतना है।व जनता को भी केंद्र व राज्य सरकार के यातायात परिवहन नियमो को स्वयं ओर अन्य के जीवन की सुरक्षा में अपनाने चाहिए।पर जिला प्रशाषन व जन प्रतिनिधियों को भी असुरक्षित सड़क,चौराहों को दुर्घटना से बचाने में सुरक्षित व फुटपाथ, पार्किंग की योजना होनी चाहिए ।
