एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मृतक के परिजनों से वार्ता के बाद बनी सहमति अस्पताल परिसर में जारी धरना हुआ खत्म ।

प्रशाषन के तल्ख तेवर व वाजिब कार्यवाही के अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना खत्म ।

मृतक विमला के भाई ने कहा की हमे न्याय चाहिए राजनीति नही।

सिरोही(हरीश दवे) – सिरोही के राजकीय चिकित्सालय में तीन दिन से चल रहे मृतक विमला पत्नी अशोक कुम्हार की डॉक्टर की कथित लापरवाही के विरोध के समर्थन में भाजपा कोंग्रेस के अनेक नेता आये व अनिश्चित कालीन धरने की चेतावनी न्याय की मांग के साथ जारी रखी।धरने के समर्थन में जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित भी भाजपा नेताओं के साथ धरने में समर्थन में आये व अन्य जनो के साथ उन्होंने भी न्याय दिलाने की मांग रखी।बीती रात्रि भी जिला प्रशाषन व पुलिस के अधिकारियों की पूर्व गोपालन मंत्री, समाजसेवियों व परिजनों के बीच वार्ता बेनतीजा रही व रविवार को दोपहर तीन बजे तक सेकड़ो जनो के हॉस्पिटल के अहाते व बाहर मजमा लगा हुआ था। जिला प्रशाषन व पुलिस प्रशाषन हालात पर नजर रखे हुए तगड़े जाब्ते के साथ तैनात थे।इसी दौरान हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे कुछ युवा व महिलाएं सड़क पर प्रदर्शन करने लगे।एसडीएम व पुलिस उपअधीक्षक पारस चौधरी व पुलिस प्रशाषन ने थोड़ी सख्ती दिखाई व प्रदर्शनकारी सड़क से हटे। सर्द मौसम में प्रशाशनिक गर्मी का अहसास फिर धरना स्थल पर भी हो गया।

समाज सेवी गोपाल प्रजापत ने कहा कि हम मृतक के परिवार को न्याय मिले इसके लिए धरने पर बैठे है यहां पर कोई राजनीति नही होगी। उधर इस पूरे प्रकरण को सीएम सलाहकार विधायक संयम लोढा भी इस मामले की नजाकत को समझ गहरी मोनिटरिंग कर रहे थे।और जिला प्रशाषन व पुलिस प्रशाषन ने फिर प्रदर्शन कर रहे परिजनों से वार्ता करी जिसमे शिवगंज उपखण्ड अधिकारी नरेश सोनी,पुलिस उपअधीक्षक पारस चौधरी,प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ एके मौर्या के साथ वार्ता की मृतक विमला प्रजापत के भाई भरत प्रजापत को भी तीन दिन के धरने के बाद समझ आया की धरने पे बैठने से न्याय के ठिकाने कही राजनीति नही हो जाये।और धरने पर बैठे ग्रामीणों व युवा गोविंद दादावत,जितेंद प्रजापत,अनिल प्रजापत व अनेक जनो को लगा की धरना स्थल कही राजनीति का अखाड़ा बन गया व पुलिस प्रशाशन कानूनी कारवाई पर आ गई तो न्याय के ठिकाने बखेड़ा होगा एसडीएम,पीएमओ व पुलिस उपाधीक्षक पारस चौधरी ने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा की आप शव को घर ले जाइए उसका दाह संस्कार करे।पुलिस जाच में जो भी दोषी पाया जावेगा उसके विरुद होगी कार्यवाही होगी व आर्थिक सहायता के लिए चिकित्सा विभाग कलक्टर को प्रस्ताव बनाकर भेजेगा।मृतक के परिजन जब भी इस प्रकरण की पत्रावली देखना चाहे वो देख सकते है। उसके बाद धरना समाप्त हुआ। मोर्चरी से अंत्येष्टि के लिए शव बारेवडा ले जाया जाएगा जहाँ विधिवत दाह संस्कार होगा।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दिन भर सोसल मीडिया में भी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मरीजो की समस्या, व प्रसूता व गर्भवती महिलाओ के ऑपरेशन व अनेक समस्याओं पर चर्चा चलती रही।जिसमे अब आम जनता की गहरी अपेक्षा जिला कलेक्टर व विधायक संयम लोढा के प्रति बढ़ गई है व हॉस्पिटल के चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ भी इस प्रकरण के बाद सहम से गए है ।जिसके कारण मरीजो के रेफेर करने की घटनाये बढ़ रही है।मौजूदा प्रकरण के बाद राजकीय चिकित्सालय के सिस्टम व बरसो से चली आ रही तकनीकी व चिकित्सकीय समस्याओ के समाधान जिला मुख्यालय के अहम राजकीय चिकित्सालय की व्यवस्थाएं इतनी बेजोड़ व दुरस्त हो कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी चिकित्सा योजनाओ का लाभ मिल सके। वरना कथित लापरवाही के बाद होने वाले हालातो का शिकार भी मरीजो को बनना पड़ता है।

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