पीडीत परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बारेवडा-मोरली के ग्रामीण हॉस्पिटल में कर रहे धरना प्रदर्शन।
दोषी चिकित्सों की लापरवाही से हुई मौत, डॉक्टरों के निलंबन व मुआवजे की रखी मांग।
सिरोही(हरीश दवे) – गत 5 जनवरी को बारेवडा निवासी श्रीमति विमला देवी पत्नी श्री अशोक कुमार जाति कुम्हार को प्रसव पीडा होने से रात करीब 8 बजे जिला चिकित्सालय सिरोही में भर्ती किया गया था जिसकी डीलेवरी जिला के अस्पताल के डॉक्टर तृप्ती मीणा एवम् विष्णु बोराणा के द्वारा सीजिरियन किया गया जिसमे माँ वह बच्चा पुरी रात सही सलामत थे लेकिन परिवार जनों को सुबह 08 बजे के करीब डॉक्टरों के द्वारा सूचना दी गयी है कि विमला देवी की मृत्यु हो गयी।
इस घटना क्रम के बाद आज बारेवडा, मोरली,पालडी एम व आस पास के ग्रामीण डॉक्टर की लापरवाही से हुई मौत को लेकर राजकीय चिकित्सालय नेत्र चिकित्सालय के सामने धरना प्रदर्शन पर बैठ गए।जिसकी इत्तला पर पुलिस उप अधीक्षक पारस चौधरी व एसडीएम सिरोही व शिवंगज भी सुरक्षा व्यस्था को लेकर वहां पहुचे।
जिसके बाद धरना स्थल पर भाजपा नेता लुम्बाराम चौधरी,दिलीप सिंह मांडणी जिला परिषद सदस्य,गोपाल माली, कोंग्रेस नेता कुलदीप सिंह देवड़ा,गोपाल माली व सैकड़ो ग्रामीण महिलाये भी धरना स्थल पर नारे बाजी करने लगे व सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही डिलीवरी के दौरान महिलाओं को होने वाली समस्याओं व सरकारी डॉक्टरों द्वारा निजी अस्पतालो में सेवाएं देने इत्यादि गम्भीर आरोप चिकित्सा महकमे व राज्य विधायक संयमलोढा से मांग करते हुए कहा की मृतक की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जावे ,मौत के कारणों का खुलासा बिन्दुवार किया जावे, फोरेन्सीक रिपोर्ट आने तक डॉक्टर तृप्ती मीणा एवम् विष्णु बोराणा को तुरन्त प्रभाव से निलंबित किया जावे व निलंबित डॉक्टरों की कार्यवाही का इन्द्राज उनके सर्विस रिकोर्ड में इन्द्राज करते हुए प्रमाणित प्रतिलिपी दी जाये ।
धरने में मौजूद जनो ने कहा कि रिपोर्ट में यदि दोषी पाये जाते है तो डॉक्टर तृप्ती मीणा एवम् विष्णु बोराणा की सेवाएं समाप्त की जाये तथा मृतक के भर्ती होने से मौत होने तक अस्पताल द्वारा जो भी ईलाज किया गया है उसकी प्रमाणित प्रतिलिपी दी जावे एवम फोरेन्सीक रिपोर्ट में डॉक्टर तृप्ती मीणा एवम् विष्णु बोराणा दोषी पाये जाते है तो उनके वेतन मद व चल – अचल सम्पतियों से पीडीत परिवार को 30 लाख का मुआवजा दिया जाये।
ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी माँगो पर लिखित कार्यवाही के बाद ही प्रदर्शन समाप्त किया जायेगा एव मृतक के शव को उठाया जायेगा । इसी दौरान धरना स्थल पर पहुचे एसडीएम शिवंगज को न्याय की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया।
समाचार लिखे जाने तक विमला की लापरवाही से हुई मौत की मांग को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे हुए है व पूर्व गोपालन मंत्री ओटाराम देवासी भी भाजपा नेताओं के साथ धरने के समर्थन में आये।
