राजीव नगर आवासीय योजना बनी विषधर साँप का पिटारा।। 23 नवम्बर 2022 को कोंग्रेस बोर्ड ने की 1988-89 की योजना निरस्त,
एससी कानून का सरंक्षण होने पर लोक सेवको पर गिर सकती गाज,
मुख्य सचिव ने परिवाद पर की कार्यवाही शुरू।
सिरोही(हरीश दवे)- सुरसा की जीभ की तरह से लंबी हो रही राजीव नगर योजना के गड़बड़ झाले को मौजूदा प्रदेश की गहलोत सरकार भी निवारण नही कर सकी और राजीव नगर की भूमि के एससी खातेदार धारक और नगर परिषद की राजीव नगर योजना के आवेदक अपने हकों के लिए सुनवाई के अभाव में तड़फे रहे है। जहां मौजूदा कोंग्रेस बोर्ड ने प्रस्ताव लेकर राजीव नगर आवासीय योजना को ही रद्द कर दिया वही कृषि भूमि के धारक छगन लाल पुराजी मेघवाल सिरोही की कृषि भूमि को गैर एससी से बचाने व सुरक्षा दिलाने को लेकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश संयुक्त शाशन सचिव राजेन्द्र सिंह तंवर ने अति. पुलिस महानिदेशक सिविल राइट्स जयपुर को जारी किए। जिसकी जांच पड़ताल के बाद अनेक पहलू उजागर होंगे व एससी हितो में सुराख करने वालो पर गाज गिर सकती है।।
राजीव नगर आवासीय योजना की कृषि भूमि के हक त्याग, सभी वाद-विवाद विड्रो/ समाप्त करने जैसे समस्त महत्वपूर्ण बिंदुओ पर पारित प्रस्ताव दिनांक 03.10.2013 के बाद हाल ही में नगर परिषद की आम सभा दिनांक 17.11.2022 को कांग्रेस शासीत बोर्ड ने सर्व सहमति से प्रस्ताव पारित करके वर्ष 1988-89 वाली इस योजना को ही निरस्त कर दी है। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट परिपत्र व राज्यादेश राजस्व ग्रुप-6 से दिनांक 19.11.06, 15.09.06, 13.11.06, 30.05.22 …., ग्रुप-7 से दिनांक 05.02.13, 04.04.19, 02.08.21 व एसडीओ सिरोही से दिनांक 15.06.22 आदि सभी एससी पक्ष में जारी हुए है, तथापि कार्यवाही नहीं की जाने तथा इस निरस्त की गई योजना में उलझाई गई कृषि भूमि को लेकर जो राज्यादेश व न्यायिक निर्णयों की अवेहलना/ अवमानना और एससी-एसटी के हितों का नुकसान व उन पर जो अत्याचार हुआ है, उसके विरुद्ध एससी-एसटी व उनके शुभचिंतक कदम उठायेंगे, तो उससे स्थानीय नेताओं के उपर कुछ भी असर नहीं पडकर मात्र इसके दोषी व उत्तरदायी अधिकारीयों/ कर्मीको को ही सबसे ज्यादा व भंयकर नुकसान होने वाला है, जिसकी सरकार की ओर से भी तैयारी कर दी गई है, जैसे मुख्य सचिव राजस्थान सरकार जरीये गृह (ग्रुप-13) एससी-एसटी संरक्षक विभाग ने परिवाद (डायरी संख्या 8389) दर्ज करके कार्यवाही भी शुरु कर दी है।

उल्लेखनीय है की सिरोही नगर परिषद पेराफेरो बेल्ट में एसटी एससी,सरकारी,बिलानाम,नालो ,डूब क्षेत्र,वन भूमि की करोड़ो की भूमि भूमाफियाओं के चंगुल में सिस्टम कानूनों में सुराख की वजह से है।

