जिले की आशा सहयोगिनी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरूपविलास पर किया प्रदर्शन ।

जिला कलेक्टर डॉ भवरलाल ने आशा सहयोगिनियों की सुनी वेदना,सीएमएचओ को दिए निर्देश ।

सिरोही(हरीश दवे)- राजस्थान प्रदेश आशा सहयोगिनी, कर्मचारी संघ सिरोही जिले की आशा सहयोगिनीयों ने 10 हजार रूपये मानदेय करने व एएनएम का दर्जा दिलाने ग्रामीण क्षैत्रो में नेट व्यवस्था खराब होनेे से ऑन लाईन कार्य में दिक्कतो के अलावा अपनी मांगो को लेकर जिला मुख्यालय पर रामझरोखा मैदान से सरूपविलास तक नारेबाजी कर प्रदर्शन किया व मुख्यमंत्री तथा निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन संघ के प्रतिनिधि मण्ड़ल ने जिला कलेक्टर डॉ. भंवरलाल को सौपा।जिला कलेक्टर डॉ. भंवरलाल को सौपे ज्ञापन में प्रतिनिधि मण्ड़ल की जोहरा बानु, गुलाब कंवर, इन्द्रा कंवर व अंजु ने आशाओं की समस्याएं गिनाई व कहा कि आशा सहयोगिनियां केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एनएचएम व महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जो भी कार्यों के निर्देश दिये जाते है उन्हें पुरी मेहनत, लगन एवं ईमानदारी के साथ 17-18 वर्ष करती आ रही है। कोविड-19 में अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना संकट का मुकाबला किया व लगातार काम किया। पर हमारी गंभीर समस्याओं पर कई बार लिखित में देने के पश्चात् भी समाधान नहीं होना दुःख का विषय है। उन्होने जिला कलेक्टर से आशा सहयोगिनियों का मानदेय 10,000 / -रु करने व हर माह का मानदेय निर्धारित तिथि पर अन्य कर्मचारियों की तरह निर्धारित तिथि में सभी आशा सहयोगिनी के खाते में डलवाने की कृपा करें एवं 10 दिन का शीत कालीन एवं ग्रीष्मकालीन अवकाश दिया जाता है वह कई जिलो में नहीं दिया जाता है इसे पूर्व की भांति निर्देशित करने के अलावा आशा सहयोगिनी के ए.एन.एम. का दर्जा देकर ए.एन.एम. के प्रशिक्षण दिया जाये तथा आशा सहयोगिनियां करीब 18 वर्षों से कार्य करती आ रही है उनका 18 वर्ष का कार्य अनुभव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में जोड़ा जाये,. केन्द्र व राज्य की चिरंजीवी बीमा योजना कार्ड आशाओं के लिए बनाये जाने के लिए सुविधा नहीं है । ई – मित्रों पर जहां 50 से 200 रु वसूले जाते है वहां आशाओं को मात्र 5 रु दिये जाते है जो सिस्टम की विफलता है। कार्य पूर्ण नहीं होने पर आशाओं को हटाने के लिए व नोटिस जारी करने के लिए दबाव डाला जाता है। प्रतिनिधि मण्डल ने ज्ञापन देते हुए कहा कि आज तक आशाओं को विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण महिलाओं को 4ळ मोबाईल उपलब्ध नहीं कराये जाने से गंभीर समस्याऐं हो रही है साथ ही जिन महिलाओं के पास स्वंय का मोबाइल है उनको भी इन कार्यों का प्रशिक्षण नहीं देने के कारण समस्याऐं बनी हुई है, ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाईल में नेट नहीं आने के कारण आशाओं को इन समस्याओं से जुझना पड़ रहा है जिससे की ऑफलाईन कार्य कराने की कृपा करें जिससे की समय पर काम हो सके । कई आशाओं के पास 4g मोबाईल नहीं होने के कारण विभाग द्वारा दिया गया एप डाउनलोड नहीं हो पाता है ।जिला कलेक्टर ने प्रतिनिधि मण्डल आशा सहयोगिनी की बात गम्भीरता से सुनी और कहा कि कुछ मामले राज्य सरकार के हैं उन्हे लिखा जायेगा तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से उन्होन दूरभाष पर बातचीत की और सोमवार तक सीएमएचओ ने राजीव कार्यवाही का जिला कलेक्टर से कहा आशा सहयोगिनियों ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई कि वो कमजोर गरीब तबके की महिलाऐ है जिसमें अधिकांश विधवा महिला भी है और इस प्रकार की समस्याओं से उन्हें फिल्ड में कार्य करने व घर का गुजर बसर करने में कठिनाईया होेती है। जिला कलेक्टर ने कहा कि आप काम करते रहो आपकी वाजिब समस्याओं का निस्तारण होगा। 

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