अपराध करने पर प्रायश्चित्त व प्रार्थना करने से पाप का क्षय:-पूज्य श्री संतोष सागर।
सिरोही के केंद्रीय कारागृह के 300 विचारधीन बंदियों को दिया आत्म सुधार पर प्रवचन।
सिरोही/राजस्थान ,
ओमकार सेवा संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सनातनधर्म यात्रा के 27 वें पड़ाव के अंतर्गत सनातनधर्म यात्रा आयोजन समिति, सिरोही एवं भारत विकास परिषद, देव नगरी शाखा के तत्वावधान में प्रातः पूज्य भाई श्री संतोष सागर जी महाराज सिरोही की जिला कारागृह पहुचे, जहां लगभग 300 विचाराधीन बंदीजनो को संबोधित किया । भाई श्री ने बताया की जेल को सुधार गृह समझो । जेल में आने वाला हर आदमी अपराधी नहीं होता और बाहर रहने वाला हर आदमी शरीफ नही होता। उन्होंने कहा अपराध का प्रायश्चित करना चाहिए और प्रार्थना करनी चाहिए की अब कोई पाप नहीं करुंगा प्रायश्चित करने से पाप घट जाता है। मनुष्य को अपने पाप की सजा खुद भोगना पड़ता है जबकि वह अपराध पूरे परिवार के लिए करता है। अपराध की जड़ नशा है उससे दूर रहे।

यात्रा संयोजक शिव कुमार तिवाड़ी ने बोलते हुए कहा गलत संस्कार व संगति के कारण अपराधिक प्रवत्ति आती है। भारत विकास परिषद के सचिव कैप्टन नरेंद्र पाल सिंह, ओंकार सिंह उदावत, राजेंद्र सिंह राठौड़ एवं मगन माली एम बी फ्रूट द्वारा बंदीजनो को निशुल्क गीता, प्रसाद व फल बांटे गए प्रथमेश गार्डन में आज छटे दिवस की कथा में गिरिराज भगवान की कथा सुनते हुए कहा की भगवान कृष्ण हमे प्रकृति की पूजा का संदेश दिया। हमे नदियों पहाड़ों, और पेड़ पौधों की रक्षा का संदेश दिया। भगवान ने मात्र 7 वर्ष की उम्र में इंद्र के कोप से बृज वासियों की रक्षा की। भगवान ने कहा ये धन्य इंद्र के कारण नहीं सब के कर्म और मेहनत से प्राप्त हो रहा है। कथा में माताओं एवं भक्तों द्वारा समर्पित 56भोग की झांकी सजाई गई ।भाई श्री ने आज रास की कथा पर बोलते हुए कहा गोपी प्रेम ध्वजा है। भगवान ने गोपियों की भक्ति से प्रसन्न हो कर उन्हे महारास प्रदान किया। भक्तिमय वातावरण में माताओं एवं भक्तजनों ने जमकर रास नृत्य भी किया । प्रातः प्रथमेश गार्डन में विश्व कल्याण हेतु आयोजित लक्ष्मी विष्णु यज्ञ में मुख्य यजमान कैप्टन नरेंद्र पाल सिंह नीलम सिंह एवं डॉक्टर सुनंदा जैन सहित अन्य यजमानों ने यज्ञ में आहुति प्रदान की । आरती एवं प्रसाद के यजमान श्रीमती रेखा अशोक जी अग्रवाल विपिन अग्रवाल, मदन सिंह सिंदल, शांतिलाल माली सवना वाले, रतन सुथार, लोकेश गोपाल जी सोनी, कुलदीप बंसीलाल सोनी, कुसुम काशीवा, मगन माली एम बी फ्रूट, गायत्री देवी शर्मा, , मीरा शर्मा, नटवर अवस्थी, हमीर सिंह राव, ओंकार सिंह उदावत, राजेंद्र सिंह राठौड़, सुनील गुप्ता, आराधना गुप्ता, अथर्व राज, घनश्याम मिश्रा, सरिता मिश्रा, शंकर लाल माली, भगवतीलाल ओझा, करण सिंह डाबी फौजी, मोहन लाल माली, उत्तम सिंह, राजेंद्र सिंह नरूका,राम लाल मूलचंद खंडेलवाल, जगदीश सिंह गुर्जर, विपिन अग्रवाल, राजबाला गुर्जर, दिनेश जैन एवं सैकड़ों भक्त सहित माताएं बहनें एवं श्रोता मौजूद रहे ।
रिपोर्ट हरिश दवे
