सनातन संस्कृति व संस्कारो की रक्षा के लिए हर हिन्दू के घर मे चारो वेद व धर्म ग्रंथ हो:-पूज्य श्री संतोष सागर।
प्रभु सुमिरन धर्म व अध्यात्म के मार्ग व भागवत कथा के सिमरन से मोक्ष का मार्ग।
सिरोंही,राजस्थान ।
(हरीश दवे)
ओमकार सेवा संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट के संयोजन व सनातनधर्म यात्रा स्वागत संमिति के तत्वावधान में चल रहे भागवत सप्ताह पारायण कथा व्यास पीठ से पूज्य भाई श्री संतोष सागर जी महाराज ने प्रथमेश गार्डन में श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस प्रवचन देते हुए कहा कि घर में बच्चे का जन्म हो तो उसके कान में स्वस्तिवाचन करना चाहिए ,पितृ तर्पण करना चाहिए तथा गौ दान करना चाहिए। भगवान कृष्ण के जन्म होने पर ये तीन कार्य नंद बाबा ने किए । नंद बाबा ने 2 लाख गायों का दान किया। ब्रिज वासियों ने 6 माह तक नंदोत्सव मनाया।
भाई श्री ने वर्तमान समय में रिश्तों में आ रहे बिखराव पर बोलते हुए कहा की संस्कारहीन युवा पीढ़ी माता पिता के खिलाफ का कर विवाह कर रहे है जिसके कारण तलाक की घटनाएं बढ़ रही है । 40 साल पहले तलाक का नाम तक नहीं सुना था ।
आज उस सनातन संस्कृति में ऐसी घटनाए हो रही है।पहले गुण व संस्कार देख के ब्याह होते थे अब भवन व बेंक बेलेंस देख के होते है। भाई श्री ने कहा कि जमाने के बदलाव में मोबाइल व टीवी आज घर घर मे आ गया है समय की आवश्यकता ओर फायदे भी है पर टीवी में दिखाया जाता है कसौटी जिंदगी की जिसमे नारी पात्र को कितने ब्याह कराए जाते है यह संस्कृति का पतन है।हम स्वयं को हिन्दू कहते है कितने जनो के घर मे वेद ,उपनिषद,रामायण,गीता व धर्मग्रंथ है स्वयं विचार करे हमे हमारी संस्कृति व संस्कारो को बचाना है तब धर्म बचेगा उन्होंने पूतना वध की कथा सुनाई, भगवान कृष्ण और बलराम के नामकरण की कथा सुनाई। भगवान की सुंदर बाल लीलाओं का वर्णन किया ।आज भाई श्री अजीत विद्या मंदिर पहुंचे जहां छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा की सर्वांगीण विकास के लिए अपनी आहार शुद्धि रखे। आहार केवल भोजन ही नहीं कान व आंख से लेने वाला भी आहार होता है। अच्छा खाने अच्छा देखने व सुनने से चित्त शुद्ध होता है और पढ़ाई में स्काग्रता बढ़ती है। यात्रा संयोजक शिव कुमार तिवाड़ी ने बोलते हुए कहा आत्मबल बढ़ाने के लिए अध्यात्म और अच्छा साहित्य श्रेष्ठ है। इस अवसर पर सिरोही यात्रा संयोजक कैप्टन नरेंद्र सिंह ने गीता का महत्व बताया।प्रातः कैप्टन नरेंद्र पाल सिंह के यजमानत्व में विश्व कल्याण हेतु प्रथमेश गार्डन में विश्व कल्याण हेतु विष्णु लक्ष्मी यज्ञ किया गया । जिसमें पंकज माली एवं करण सिंह डाबी फौजी द्वारा आहुति दी गई ।

आरती एवं प्रसाद के यजमान पंकज कुमार राम लाल माली, मनोज सुथार, रतन सुथार, लोकेश गोपाल जी सोनी, कुलदीप बंसीलाल सोनी, कुसुम काशीवा, मगन माली एम बी फ्रूट, डाक्टर जगदीश शर्मा, गायत्री देवी शर्मा, , मीरा शर्मा, नटवर अवस्थी, हमीर सिंह राव, ओंकार सिंह उदावत, राजेंद्र सिंह राठौड़, सुनील गुप्ता, अथर्व राज, घनश्याम मिश्रा, सरिता मिश्रा, शंकर लाल रूपा जी माली, भगवतीलाल ओझा, करण सिंह डाबी फौजी, मोहन लाल माली, उत्तम सिंह, दुदाराम जी पुरोहित,जगदीश सिंह गुर्जर, विपिन अग्रवाल, राजबाला गुर्जर, एवं सैकड़ों भक्त सहित माताएं बहनें एवं श्रोता मौजूद रहे ।
