भागवत कथा के दूसरे दिन उमड़ा भक्तो का सैलाब।
सिरोही/ राजस्थान ।
(हरीश दवे)
ओमकार सेवा संस्थान चेरीटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सनातनधर्म यात्रा के 27 वें पड़ाव के अंतर्गत सनातनधर्म यात्रा आयोजन समिति के तत्वावधान में प्रातः पूज्य भाई श्री संतोष सागर जी महाराज ने प्रथमेश गार्डन में आज दूसरे दिवस की कथा सुनते हुए महर्षि कर्दम द्र्वहुति संवाद सुनते हुए कहा की धर्म पत्नी वो होती है जो पति को धर्म कार्य में लगाए और उसे तार दे। पति पत्नी संभव वाले हो तभी गृहस्थ जीवन सुंदर ढंग से चलता है। भगवान के पंचम अवतार कपिल भगवान की कथा सुनाई जो ज्ञान अवतार है जिन्होने अपनी मां को सांख्य उपदेश दिया। भगवान का नाम ही भगवान है, भगवान के नाम कथा और धाम में हमारी प्रीत होने से भगवान की प्राप्ति होती हैभाई श्री ने भ्रुव चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा की आज की माताओं को इस कथा से सीख लेनी चाहिए। ये कथा सुनीति और सुरुचि की है। रुचि से किया गया कार्य दुख देता है और नीति से किया गया कार्य यश प्रदान करता है। 5 वर्ष के बालक ध्रुव ने मां की प्रेरणा से कठोर तपस्या कर परमात्मा को प्राप्त किया। महाराज ने कहा की अपने बच्चो को अच्छे संस्कार दो बचपन में ही अध्यात्म की प्रवृति दे ताकि उनका आत्मबल बढ़े और वो बालक विपरीत परिस्थिति में टूटे नहीं।आज के बालक कमजोर आत्म बल के कारण असफल होने पर आत्म हत्या कर लेता है।इससे से पूर्व आज प्रातः विश्व कल्याण हेतु यज्ञ किया गया जिसमें मुख्य यजमान कैप्टन नरेंद्र पाल सिंह ने सपत्नीक आहुतियां दी। कार्यक्रम का संचालन शिव कुमार तिवाड़ी ने किया। प्रातः नियमित पूजन एवं यज्ञ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातः 8:30 बजे से 10 बजे तक विश्व कल्याण हेतु प्रथमेश गार्डन में विश्व कल्याण हेतु यज्ञ किया गया।आज की आरती के यजमान फौजी करण सिंह डाबी, राजू भाई रावल रावल रेडियो रहे ।
गायत्री देवी शर्मा धर्मपत्नी डॉक्टर जगदीश प्रसाद शर्मा, मीरा शर्मा, नटवर अवस्थी, हमीर सिंह राव, ओंकार सिंह उदावत, राजेंद्र सिंह राठौड़, सुनील गुप्ता, अथर्व राज, घनश्याम मिश्रा, सरिता मिश्रा, वीरेंद्र सिंह चौहान, शैतान सिंह, भगवतीलाल ओझा, मोहन लाल माली एवं सैकड़ों भक्त माताएं बहनें एवं श्रोता मौजूद रहे
